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नन्हीं दुनिया- हंसमुख माई

मिसरानी माई को आप नहीं जानते। जानता तो मैं भी नहीं था, लेकिन जब उनकी अजब लीलाएं-चर्चित होने लगीं तो मैं भी जान गया। मिसरानी माई सत्तर वर्ष जिंदगी के पार कर चुकी हैं।

Author Updated: January 22, 2017 1:05 AM

पूरन शर्मा

मिसरानी माई को आप नहीं जानते। जानता तो मैं भी नहीं था, लेकिन जब उनकी अजब लीलाएं-चर्चित होने लगीं तो मैं भी जान गया। मिसरानी माई सत्तर वर्ष जिंदगी के पार कर चुकी हैं। उनके कौतुक अभी तक ऐसे हैं जिन्हें सुनकर पेट में बल पड़ जाते हैं और लोग हैरत में पड़ जाते हैं। मसलन मिसरानी माई गांव में यह अफवाह फैला देंगी कि अमुक स्थान पर आग लग गई। फिर देखिए, सारा गांव उस जगह उलट पड़ेगा और वहां कुछ नहीं मिलेगा, तब वहां उपस्थित लोग परस्पर पूछने लगेंगे कि यह घटना उन्हें किसने बताई। तब नाम मिसरानी माई का आएगा और लोग खिसिया कर हंसने लगेंगे और चेहरे लटकाए लौट पड़ेंगे।
कई बार मिसरानी माई मरने का अभिनय करेंगी और देखना चाहेंगी उनकी मृत्यु से किन लोगों को दुख या प्रसन्नता हुई? इस प्रतिक्रिया को जानने के लिए वे सांस रोके पड़ी रहेंगी। जब देखेंगी कि कोई नहीं रोया है, उठ कर शोर-शराबा कर सबको भगा देंगी। जेब से कोई भी चीज निकाल कर खाने लगेंगी मसलन कभी फल, कभी मिठाई तो कभी दो दिन पहले बने गुलगुले (पुबे)।
यहां मिसरानी माई के जेबों का उल्लेख करना भी अनुचित नहीं होगा। मिसरानी माई का लहंगा छत्तीस कलियों का होता है। उसके घेरे में अगर कोई चीज गुम हो गई है तो खोजना भूलभूलैया में घुसने के समान है। फिर उसकी हर कली में ऊपर या नीचे छोटी या बड़ी जेब भीतर की ओर लगी हुई है। जिसकी जेबों में यह खाद्य पदार्थ पड़े रहते हैं। जब मिसरानी माई किसी के यहां निमंत्रण पर जीमने जाती हैं तो इन जेबों का भरपूर उपयोग करती हैं।
वे चुपचाप मनपसंद चीजें उठा-उठा कर इन जेबों के सुपुर्द करती जाएंगी और बाद में जिन दिनों जीमने के निमंत्रण नहीं होंगे तो इन चीजों का स्वाद लेती रहेंगी। कई बार वे आश्चर्य में ऐसे भी डाल देंगी, जैसे नारंगी की ऋतु समाप्त हो गई। लेकिन उधर उनकी जेब में बिना मौसम का फल निकाल देंगी।
मिसरानी माई की इन जेबों पर चोरों की नजर भी रहती है। छोटे-छोटे बच्चे जब वे सो रही हैं या उनका ध्यान नहीं है तो वे आएंगे और खाने की चीजें निकाल कर भाग खड़े होंगे
। मिसरानी माई को मालूम तब पड़ता है जब वे उस चीज को खाने के लिए जेब में हाथ डालती हैं। मिसरानी माई को मालूम रहता है कि कौन-सी जेब में कौन-सी चीज रखी है। गांव के सब लोग मिसरानी माई के चिरंजीवी होने के लिए सदैव प्रार्थना करते हैं, क्योंकि मिसरानी माई सदैव उन्हें अपने कौतुकों द्वारा हंसाती भी तो है। मिसरानी माई स्वयं भी सदा हंसमुख रहती हैं। ०

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