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बारिश में पहनावा

यों तो वर्षा-ऋतु को खुशगवार और सलोना मौसम कहा जाता है। सावन को तो साज-शृंगार का महीना भी माना जाता है। लेकिन बारिश की वजह से कई बार परिधान के चयन में भी मुश्किल रहती है। इस मौसम में भी पहनने को बहुत कुछ है-बता रही हैं राजलक्ष्मी त्रिपाठी।

Author Published on: June 25, 2017 6:58 AM
cyclone, cyclone vardah, cyclone vardah chennai, cyclone vardah chennai live, cyclone vardah live, cyclone vardah updates, cylcone vardah helpline, cyclone helpline numbers, cyclone vardah weather, weather updates cyclone, tamil nadu cyclone, chennai cyclone, andhra pradesh cyclone, south india cyclone, vardah live updates, vardah cyclone india, vardah expected time, cyclone expected time, chennai cyclone, chennai weather live, chennai weather, india newsतूफान के कारण चेन्नई में दो लोगों की मौत हो गई है, जिसके बाद आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में कई पेड़ उखड़ गए हैं। दोनों राज्यों के कई इलाकों में तेज हवा और बारिश जारी है। बारिश के कारण चेन्नई के कई इलाकों में बारिश के कारण पानी भर गया है। तूफान के कारण पूरे चेन्नई में बिजली भी गुल है। चेन्नई महानगर पालिका ने नागरिकों को पेड़ों के नीचे कार न पार्क करने की हिदायत दी है। (Photo-PTI)

बरसात का मौसम आते ही एक ओर तो तपती गरमी से राहत मिलती है दूसरी ओर बरसाती मौसम में क्या पहना जाए? इसे लेकर कशमकश भी बनी रहती है। ऐसा क्या पहना जाए जिससे बरसात के मौसम में खुद को फैशनेबल भी बनाए रखा जा सके और मौसम का लुत्फ भी उठाया जा सके। थोड़ी-सी सजगता और समझदारी बरत कर आप खुद को इस मौसम में भी स्टाइल-क्वीन बना सकती हैं।

कुलोट्स हैं आपके लिए
अगर आप बरसात के मौसम में खुद को खूबसूरत और फैशनेबल दिखाना चाहती हैं, तो कुलोट्स को आजमाएं। यह घुटनों तक की ढीली-ढाली बंटी हुई स्कर्ट होती है, जो कि बहुत कुछ प्लाजो की तरह नजर आती है। इसे आप कॉलर वाली टी-शर्ट, छोटी
कुर्ती, क्रॉप टॉप, सामान्य टी-शर्ट के साथ पहन सकती हैं। इसके साथ छोटे-छोटे बुंदे या बाली पहन सकती हैं। कुलोट्स खासतौर पर बरसाती मौसम के लिए ही है। इसकी खासियत यह है कि यह स्टाइलिश लगने के साथ-साथ पहनने में आरामदायक भी होती है। बाजार में कुलोट्स के ढेरों वेरायाटी, फैब्रिक और प्रिंट में मौजूद है। आप अपने लिए अपनी बजट और सुविधा के अनुरूप अपनी पसंद के कुलोट्स का चयन कर सकती हैं और इसे अपनी पसंदीदा टॉप और शर्ट के साथ पहन सकती हैं।

आजमाएं प्लेसूट
इस मौसम में बहुत ज्यादा घेरदार और भारी-भरकम कपड़े पहनना थोड़ा कठिन होता है। एक बार भीग जाने के बाद ये जल्दी नहीं सूखते। ज्यादा घेरदार भीगे हुए कपड़ों को पहन कर चल पाना बेहद मुश्किल होता है। अगर आप बरसाती मौसम में खुद को खूबसूरत और स्टाइलिश दिखाना चाहती हैं और ऐसे कपड़े पहनना चाहती हैं, जो भीगने के बाद भी ज्यादा असुविधाजनक न लगें, तो प्लेसूट पहन कर देखें। घुटनों से ऊपर के प्लेसूट बहुत कुछ बच्चों के बाबा सूट की तरह होते हैं, इन्हें आप अपनी मनपसंद हाफ या फुल स्लीव्स टी-शर्ट या टॉप के साथ पहन सकती हैं। यह विभिन्न फैब्रिक्स और प्रिंट में मिलते हैं। आप अपनी पसंद के प्लेसूट का चयन कर सकती हैं। आजकल चेक के प्लेसूट का फैशन ज्यादा हैं। प्लेसूट का चयन करते समय इस बात का ध्यान रखें कि उसका स्टफ बहुत ज्यादा मोटा न हो। बरसाती मौसम के लिए डेनिम की बजाय सूती और नॉयलॉन से बने प्लेसूट ज्यादा उपयुक्त हैं।

छींटदार कपड़ों का जादू
बरसात के मौसम में छींटदार कपड़े ज्यादा फैशन में रहते हैं। इसका कारण यह है कि ये पहनने में जितने अच्छे लगते हैं दिखने में भी उतने अच्छे लगते हैं। बारिश होने पर जगह-जगह कीचड़ इकट्ठा हो जाता है, उसकी छींटें आपके कपड़ों पर पड़ने से कपड़े गंदे हो जाते हैं। लेकिन अगर आपने इस मौसम के लिए छींटदार कपड़ों का चयन किया है, तो इस पर गीली मिट्टी का दाग नहीं पड़ेगा। इस मौसम के लिए फ्लोरल के अलावा बॉबी प्रिंट, चौकोर, छोटे-छोटे चौकोर डिजाइन का चयन कर सकती हैं। अगर वन-पीस परिधान पहनती हैं, तो बारिश के मौसम के लिए यह उपयुक्त है। इसकी लंबाई आप अपनी सुविधा के अनुसार घुटनों के ऊपर या नीचे तक रख सकती हैं। अपने परिधान को अलग अंदाज देने के लिए आप छींटदार कपड़े के साथ सादी जैकेट (श्रग) का इस्तेमाल कर सकती हैं।

स्कर्ट है सदाबहार
मौसम के अनुसार स्कर्ट की लंबाई, आकार और फैब्रिक बदलते रहते हैं, लेकिन यह सच है कि यह सदाबहार है। इसे पहनकर आप एक साथ खुद को आधुनिक और पारंपरिक बना सकती हैं। बरसात के मौसम में स्कर्ट की लंबाई घुटनों तक या उससे थोड़ी नीचे तक ही रखें। इस मौसम में पूरी लंबाई वाली और घेरदार स्कर्ट उपयुक्त नहीं रहती है। आप स्कर्ट को अपनी गोल गले, कॉलर वाली टी-शर्ट या टॉप के साथ पहन सकती हैं। टॉप स्लीवलेस या फिर वनफोर्थ स्लीव वाली रखें। इसके साथ अपनी मनपसंद एसेसरीज पहनें। स्कर्ट का फैब्रिक सूती, क्रेप, ज्योर्जेट या फिर लाइक्रा हो। इस मौसम में डेनिम की स्कर्ट पहनने से परहेज करें क्योंकि यह भीगने के बाद बहुत ज्यादा भारी लगने लगती है।

जींस
जींस बरसाती मौसम में भी पहनी जा सकती है। इस बात का ध्यान रखें कि जींस बहुत ज्यादा मोटी न हो। इस मौसम में बॉयफ्रेंड जींस पहनें जो कि एंकल से थोड़ी ऊपर होती है। ढीली-ढाली होने की वजह से यह भीगने पर शरीर से चिपकती नहीं है। इस मौसम में बहुत ज्यादा चिपकी हुई जींस पहनने से त्वचा संबंधी संक्रमण से जूझना पड़ता है। आप डेनिम से बनी जींस की बजाय ट्राउजर का इस्तेमाल कर सकती हैं। ट्राउजर का चयन करते समय यह ध्यान रखें कि उसका रंग हल्का न हो, न ही इसकी लंबाई ज्यादा हो। बहुत ज्यादा लंबी जींस या ट्राउजर बारिश में गंदी हो जाती है।
चौड़े पायचों वाली ढीली-ढाली सलवार और पटियाला सलवार को न कहें। यह बारिश के मौसम के लिए उपयुक्त नहीं है। आप कुर्ते के साथ लैगिंग्स, चूड़ीदार और पैंट स्टाइल प्लाजो पहन सकती हैं। प्लाजो की लंबाई एड़ी से ऊपर ही रखें। इस मौसम में सलवार सूट पहनने से परहेज करें। बहुत ज्यादा लंबा दुपट्टा संभालना भी मुश्किल हो जाता है। स्टोल या स्कार्फ का इस्तेमाल कर सकती हैं। बारिश के मौसम में सूती और सिल्क की साड़ियां न पहनें तो ही बेहतर है। ये जरा-सी बारिश में भीग कर चिपक जाती हैं। आपकी सूती साड़ी पर लगा कलफ भीगने के बाद चिपचिपा सा लगने लगता है। ज्योर्जेट, शिफॉन और लाइक्रा जैसे फैब्रिक उपयुक्त हैं। साड़ियों का रंग हल्का न हो। इस मौसम के लिए चटकीली फ्लोरल प्रिंट साड़ियां को चयन कर सकती हैं।
बरसाती मौसम में फुटवियर का चयन करते समय खासी सावधानी बरतनी चाहिए। इस मौसम में चमड़े के जूते से परहेज करें। एक बार गीला हो जाने के बाद चमड़े से बनी चप्पलें और जूते खराब हो जाते हैं। पैरों में संक्रमण होने का भी खतरा रहता है। गमबूट्स पहन सकती हैं। रबर से बने स्लीपर, चटकीले रंगों की प्लास्टिक की चप्पलें, फ्लिप फ्लॉप, फ्लोटर्स और खुली सैंडिलों का चयन अच्छा रहेगा।
बालों को खुला न छोड़ें
बरसात के मौसम में बालों को कैसे रखा जाए, यह समस्या रहती है। उमस भरे मौसम की वजह से बाल चिपचिपे और बेजान-से लगते हैं। ऐसे में बालों की साफ-सफाई का खासतौर पर ध्यान रखना जरूरी हो जाता है। इसलिए बाहर निकलते समय बालों को बांध कर रखना ही ठीक होता है। अगर बाल गीले हो गए हैं, तो उसे सुखाने के बाद ही बांधें।

कुछ और जरूरी बातें

’ इस मौसम में त्वचा संबंधी संक्रमण होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है, इसलिए इस फैब्रिक का चयन बहुत समझकर करें।
’ ऐसे कपड़ों का चयन न करें, जो भीगने के बाद भारी हो जाए या शरीर से चिपक जाए। नायलॉन, पॉलिस्टर, रेयॉन, क्रेप जैसे फैब्रिक सही नहीं रहते। इनसे बने कपड़ों में हवा पास नहीं होती, जिससे शरीर में चित्तियां होने का खतरा रहता है।
’ जिस भी परिधान का चयन करें, वह बहुत ज्यादा मोटे फैब्रिक से न बना हो। शिफॉन, सूती और ज्योर्जेट उपयुक्त हैं। ये दिखने में अच्छे लगने के साथ जल्दी सूख भी जाते हैं।
’ आप चाहे कोई भी परिधान पहनें अपने साथ रंगीन ओढ़नी जरूर रखें।
’ सामान्य मेकअप के सामान की बजाय वॉटर-प्रूफ का इस्तेमाल करें। १

 

 

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