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दाना-पानी: छुट्टी के दिन कुछ अलग

छुट्टी वाले दिन रोज से कुछ अलग बनाने और खाने का मन होता है। यही दिन होता है, जब पूरा परिवार साथ बैठ कर गरमा-गरम भोजन का आनंद लेता है। इसलिए छुट्टी वाले दिन कुछ ऐसा बनाएं, जो नाश्ता और दोपहर के भोजन दोनों का काम करे और खाने का आनंद भी अलग हो। तो चलें, आज पारंपरिक के साथ कुछ अलग बनाते हैं।

Author January 27, 2019 12:33 AM
प्रतीकात्मक फोटो

मानस मनोहर

छुट्टी वाले दिन रोज से कुछ अलग बनाने और खाने का मन होता है। यही दिन होता है, जब पूरा परिवार साथ बैठ कर गरमा-गरम भोजन का आनंद लेता है। इसलिए छुट्टी वाले दिन कुछ ऐसा बनाएं, जो नाश्ता और दोपहर के भोजन दोनों का काम करे और खाने का आनंद भी अलग हो। तो चलें, आज पारंपरिक के साथ कुछ अलग बनाते हैं।

सिंगरी की सब्जी
सिंगरी या सेंगरी इस मौसम में बहुतायत मिलने वाली सब्जी है। यह दरअसल, मूली की फली होती है। इसमें रेशा बहुत होता है, इसलिए पेट के लिए बहुत फायदेमंद सब्जी है। जिन लोगों को कब्ज की शिकायत रहती हो, उनके लिए सिंगरी गुणकारी सब्जी है। यह शहरों में लगभग हर सब्जी की दुकान पर इन दिनों बहुतायत में उपलब्ध होती है। इसका स्वाद थोड़ा चरपरा होता है, जैसे ग्वार की फलियों का होता है। इसे रोटी-परांठा और छाछ के साथ खाना बहुत आनंददायक होता है।
सिंगरी की सब्जी प्राय: आलू के साथ बनाई जाती है। पर आज हम इसे थोड़ा अलग तरीके से बनाएंगे। यों आलू के साथ इसे बनाना बहुत आसान है। सामान्य सब्जी की तरह छौंक लगाएं और आलू के साथ सिंगरी की फलियों को छौंक दें। उसमें मसाले, हल्दी, नमक और थोड़ा पानी डाल कर तब तक धीमी आंच पर पकने दें, जब तक कि आलू पक कर नरम न हो जाएं।
मगर इसे थोड़ा अलग तरीके से पकाएं, तो इसका स्वाद लाजवाब होता है। इसमें आलू का उपयोग बिल्कुल न करें। सिंगरी की फलियों को धोकर साफ कर लें। दोनों सिरों को हटा दें और एक-डेढ़ इंच के आकार में काट लें।
अब एक कड़ाही में धीमी आंच पर दो से तीन बड़े चम्मच बेसन सुनहरा होने तक भून लें और उसे ठंडा होने के लिए अलग रख दें।

इस सब्जी में प्याज-लहसुन का उपयोग न करें। मूली के साथ इनका मेल नहीं बैठता। इसके लिए टमाटर उपयुक्त रहता है। दो मध्यम आकार के टमाटर बारीक काट लें। अब एक कड़ाही में भरपूर सरसों तेल में जीरा, साबुत धनिया, अजवाइन और सौंफ का तड़का दें। उसमें कटे हुए टमाटर डाल कर धीमी आंच पर पकने दें। टमाटर जब पूरी तरह पक कर तेल छोड़ने लगे तो उसमें कटी हुई सिंगरी डाल दें। आंच धीमी रखें। नमक और हल्दी डाल कर सिंगरी को पकने दें। सब्जी कड़ाही के तले में चिपके नहीं, इसके लिए आधा कप पानी डाल सकते हैं।
जब सिंगरी पक कर नरम हो जाए तो उसमें गरम मसाला और लाल मिर्च पाउडर डालें और चला लें। फिर भुना हुआ बेसन डालें और सावधानी से मिलाएं। ध्यान रखें कि बेसन की गांठें न पड़ें और उसमें सिंगरी ठीक से लिपट जाए। अगर सब्जी ज्यादा सूखी हो रही हो, तो उसमें चलाते हुए धीरे-धीरे करके आधा कप पानी और डाल सकते हैं। सब्जी पक कर बेसन का रंग बदलने लगे, तो आंच बंद कर दें। हरा धनिया, अदरक और हरी मिर्च बारी काट कर ऊपर से सजाएं और खाने को परोसें।
इसे रोटी या परांठे के साथ खाएं, साथ में तड़के वाला छाछ भी लें, तो मजा दोगुना हो जाएगा। बाजरे और मक्के या फिर मिस्सी रोटी के साथ भी इसका तालमेल अच्छा रहता है। अगर लच्छा परांठा बना लें, तो स्वाद के क्या कहने।

चूर चूर लच्छा परांठा
लच्छा परांठा खाने में सबको आनंद आता है, पर बहुत सारे लोगों को लगता है कि इसे बनाना कठिन है। लच्छा परांठा घर में बहुत आसानी से बना सकते हैं। मगर इसे गरमा-गरम खाएं, तभी इसका असली मजा आता है। ठंडा होने पर इसका स्वाद अच्छा नहीं लगता। इसलिए छुट्टी वाले दिन इसे बनाएं और स्वाद लें। सिंगरी की सब्जी के साथ लच्छा परांठे का आनंद बढ़ जाता है।
लच्छा परांठा बनाने के लिए आटा गूंथते समय थोड़ा अलग तरीका अपनाना पड़ता है। आटे में नमक के साथ दो चम्मच देसी घी और एक चम्मच ईनो या आधा चम्मच खाने का सोडा डालें और ठीक से मिला लें। गुनगुने पानी से सामान्य रोटी बनाने जैसा आटा गूंथें और पंद्रह-बीस मिनट के लिए ढंक कर रख दें।
लच्छा परांठा बनाने के लिए सारी कलाकारी इसे बेलने में होती है। सामान्य रोटी से थोड़ी बड़ी लोइयां लें। रोटी की तरह बेल लें। इसके ऊपरी हिस्से पर देसी घी चुपड़ें और फिर हल्का सूखा आटा डाल कर पलोथन की तरह फैला लें। अब इस रोटी के एक सिरे से दोनों तरफ पकड़ कर बेलनाकार लपेटें। जहां रोटी का आखिरी हिस्सा समाप्त होता है, उस तरफ फिर से घी चुपड़ें और सूखे आटे की पलोथन लगा कर चकरी की तरह गोल लपेट लें। आखिरी सिरे को ठीक से दबा दें और इसे फिर से रोटी की तरह बेल लें। एक बार फिर घी और पलोथन की प्रक्रिया अपनाएं और पहले की तरह ही पहले बेलनाकार और फिर चकरी की तरह लपेट कर बेलें।
परांठे को गरम तवे पर डालें और घी लगा कर दबाते हुए सुनहरा, खस्ता होने तक सेंक लें। देखिए, इसमें कितनी महीन परतें पड़ी हैं। यह भीतर से नरम और ऊपर से कुरकुरा होगा। यह परांठा खाकर सर्दी के मौसम का मजा दोगुना हो जाएगा। ल्ल

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