स्वास्थ्य और फलाहार: सेहत का फल मीठा-मीठा

आमतौर पर लोग समय और मौसम का ध्यान रखे बगैर फलों का सेवन करते हैं, जिससे शरीर को अपेक्षित लाभ तो नहीं ही मिलता है, नुकसान की आशंका जरूर बढ़ जाती है।

स्वस्थ मन और शरीर के लिए सबसे जरूरी है- अच्छा भोजन, अच्छी नींद और सकारात्मक सोच। हमारा शरीर उस समय सबसे अच्छे तरीके से काम कर पाता है, जब वह पूरी तरह स्वस्थ हो। ऐसे ही हमारा मन तब बहुत अच्छा परिणाम देता है, जब वह पूरी तरह तनावमुक्त हो। चिकित्सकीय हिदायत के साथ फलों के सेवन से हमें मन को प्रसन्न और शरीर को स्वस्थ रखने में खासी मदद मिलती है।

सेहत को लेकर लोगों में हाल के समय में खूब जागृति आई है। लोगबाग चाहते हैं कि उनका जीवन और खानपान का अभ्यास ऐसा हो कि सेहत की समस्या परेशान न करे। पर इसमें एक गड़बड़ी भी देखने में आ रही है। सेहत की बेहतरी के नाम पर लोगों के बीच कुछ समझ ऐसी भी बन रही है, जिनसे लाभ के बजाय स्वास्थ्य की हानि ज्यादा हो रही है। ऐसा ही मसला फलों के सेवन से जुड़ा है।

आमतौर पर लोग समय और मौसम का ध्यान रखे बगैर फलों का सेवन करते हैं, जिससे शरीर को अपेक्षित लाभ तो नहीं ही मिलता है, नुकसान की आशंका जरूर बढ़ जाती है। लिहाजा यह समझ लेना जरूरी है कि हम अपनी खुराक में फलों को तो जरूर शामिल करें पर इस बारे में कुछ अहम बातों का भी ध्यान रखें।

फलों की खरीदारी
ऐसा नहीं है कि महंगे फल ही अच्छे होते हैं। खासतौर पर फलों की कीमत का सेहत से कोई संबंध नहीं है। दरअसल, फल खरीदना भी एक कला है। वे लोग यकीनन सौभाग्यशाली होते हैं जिन्हें बचपन में घर के बुजुर्गों के साथ बाजार घूमने और खरीदारी करने का अवसर मिला है। इसमें जो बात सबसे जरूरी है, वह यह कि कोई भी फल के बजाय मौसमी फल खरीदना चाहिए। आजकल बाजार में स्टोर किए हुए फल और सब्जियां सब कुछ मिलते हैं। हमें शरीर को प्रकृति के अनुकूल बनाना है, न कि उसके खिलाफ चलना है। प्रकृति हमें मौसम के हिसाब से वे फल और सब्जियां देती है, जो हमारे शरीर को पोषण देकर उसे स्वस्थ रख सके।

फलदायी तरीका
फलों को अपनी खुराक में जरूर शामिल करना चाहिए लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि फल आप जब-तब खाएं। इस सिलसिले में पहली हिदायत तो यह कि फलों को हमेशा तभी खाना चाहिए, जब वे ताजे हों। उन्हें कई दिन रखकर खाने से हानि तो कुछ नहीं होती है लेकिन फल खाने का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। रखे हुए फल जैसे-जैसे पुराने होते जाते हैं, वैसे-वैसे उनकी पोषण क्षमता कम होती जाती है।

फलों को हमेशा पहले अच्छी तरह धो लें तभी उसे खाएं। कोशिश करें कि जिन फलों को आप छिलके सहित खा सकते हैं, उन्हें छिलके के साथ ही खाएं। जैसे सेब, नाशपाती, अमरूद, चीकू आदि। इन फलों के छिलके फाइबर युक्त होते हैं और इनमें बड़ी मात्रा में पोषण होता है। फलों को काला नमक लगाकर खाने से फल का स्वाद तो बढ़ ही जाता है, साथ ही हमारा पाचन भी बेहतर होता है क्योंकि काला नमक सुपाच्य होता है। लिहाजा फलों के साथ इसका सेवन काफी गुणकारी है।

इन बातों का रखें ध्यान
’ फल खाने का सबसे अच्छा समय सुबह नाश्ते के बाद और दोपहर के खाने से पहले है। इसके अलावा आप दोपहर के खाने और रात के भोजन के बीच भी फल खा सकते हैं।
’ अगर आप भारी भोजन के साथ या तुरंत बाद फल खाते हैं तो आपको उनमें मौजूद पोषक तत्व नहीं मिलेंगे। भोजन में मौजूद कार्ब्स और प्रोटीन के साथ फल सही प्रकार से पचेंगे नहीं, जिससे आपके शरीर को सिर्फ कैलोरी मिलेगी, जो संभव है फैट के रूप में संचित होकर आपका वजन बढ़ाने का ही काम करें। इन दोनों ही स्थितियों में आपके शरीर को फल खाने का पूरा लाभ नहीं मिलेगा इसलिए ऐसे समय पर फल न खाएं।
’ फलों के सेवन के बारे में आयुर्वेद में स्पष्टता के साथ सलाह दी गई है। आयुर्वेद कहता है कि फलों से हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है। रात के समय फल खाने से हम उस ऊर्जा का उपयोग नहीं कर पाते हैं, लिहाजा यह हमारी नींद और सेहत दोनों के विपरीत जाता है।
(यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। उपचार या स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए विशेषज्ञ की मदद लें। )

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