ताज़ा खबर
 

सेहत: दांतों में झनझनाहट

दांतों में होने वाली एक आम समस्या है और वह है दांतों में ठंडा गरम लगना। ठंडा गरम लगने से आप गरमागरम चाय या कॉफी नहीं पी पाते। दूसरा आपको अगर ठंडी आइसक्रीम खानी है या कहीं धूप से चल कर आने पर ठंडा पानी पीने का मन करता है तो आप इनमें से कोई चीज नहीं खा पाते।

Author March 17, 2019 2:23 AM
प्रतीकात्मक फोटो (फाइल)

दांतों में होने वाली एक आम समस्या है और वह है दांतों में ठंडा गरम लगना। ठंडा गरम लगने से आप गरमागरम चाय या कॉफी नहीं पी पाते। दूसरा आपको अगर ठंडी आइसक्रीम खानी है या कहीं धूप से चल कर आने पर ठंडा पानी पीने का मन करता है तो आप इनमें से कोई चीज नहीं खा पाते। दांतों में ठंडा गरम लगना यानी सेंसिटिविटी। दांतों का सुरक्षा कवच यानी इनेमल जब घिस जाता है तब सेंसिटिविटी होती है या दांतों की बाहरी परत सिमेंटम का क्षय होता है, तब सेंसिटिविटी होती है। ठंडा गरम लगने की वजह से कई बार आप मनपसंद चीजें खा नहीं पाते। दांतों में ठंडा गरम किन कारणों से लगता है और इसके लिए उपाय और सावधानियां क्या हैं, आइए बात करते हैं।

कारण
कठोर ब्रश
दांतों में ठंडा गरम लगने की समस्या कठोर ब्रश की वजह से भी होती है। दरअसल, जब कठोर ब्रश से दांत साफ किए जाते हैं, तब दांतों का इनेमल खत्म हो जाता है और सेंसिटिविटी होने लगती है। कई लोगों के दांत पीले हो जाते हैं, उन पर गंदगी जम जाती है या कुछ लोग पान-गुटखा अधिक खाते हैं और दांत काले होने लगते हैं, तो उसे साफ करने के लिए कठोर ब्रश से घिस-घिस कर साफ करने का प्रयास करते हैं। इस तरह दांतों की परत को नुकसान पहुंचता है। इसीलिए कहा जाता है कि दांतों को बहुत रगड़ कर और कठोर ब्रश से साफ न करें।
दांतों में मसाला
कुछ लोगों के दांत कीड़े खाने की वजह से अंदर से खाली हो जाते हंै तब कई बार लोग खोखले दांतों में मसाला भरवाते हैं। यह मसाला भी कभी-कभी ठंडा गरम लगने की समस्या पैदा करता है।
दांतों का किटकिटाना
बहुत से लोगों को आदत होती है कि वे गुस्से में या रात में सोते समय दांत किटकिटाते हैं। ऐसा करने से भी दांतों का इनेमल क्षतिग्रस्त होता है। जिससे दांतों में ठंडा गरम लगने लगता है।
अम्लीय खाद्य पदार्थ
जब कोई व्यक्ति अधिक खट्टे या कोका कोला जैसे पदार्थों का सेवन करता है तब भी दांतों में ठंडा गरम लगने की समस्या शुरू हो जाती है। संतरा या आंवला जैसे अधिक खट्टे फल खाने पर सेंसिटिविटी होने लगती है।
दांतों का टूटना
दांतों का टूटना या मसूढ़ों का दांतों के पीछे हटना आदि वो कारण हैं जिनसे सेंसिटिविटी होती है।

लक्षण
’ दांतों में सेंसिटिविटी है या नहीं इसका पता लगाने का सबसे सही तरीका है कि आप अपना मुंह खोल कर सांस लीजिए, फिर देखिए हवा दांतों में ठंडी लगी या नहीं। अगर ठंडी लगती है तो सेंसिटिविटी के पहले लक्षण तो सांस लेने पर ही दिखाई देने लगते हैं।
’ कुछ भी खट्टा खाने या गरम पीने से दांतों में तेजी से लगता है और कानों में दर्द होता है तो ये सेंसिटिविटी के लक्षण हैं।
’ मसूढ़ों की लालिमा खत्म होने लगती है।
’ मसूढ़े का दांतों से खिसक कर पीछे हो जाना। ये सभी लक्षण सेंसिटिविटी की वजह से होते हैं। इन पर समय रहते ध्यान देना चाहिए।

उपाय
टूथपेस्ट
सभी के दांतों में अलग-अलग परेशानियां और अच्छाइयां होती हैं। इसी वजह से एक तरह का टूथपेस्ट सभी पर काम नहीं कर पाता। अगर आपके दांतों में ठंडा गरम लगता है तो आपके लिए विशेष टूथपेस्ट होते हैं। वाइटनरयुक्त टूथपेस्ट का उपयोग न करें। वाइटनरयुक्त टूथपेस्ट दांतों की तकलीफ बढ़ा देते हैं।

माउथवॉश
दांतों में अगर सेंसटिविटी है, तो ऐसे माउथवॉश का प्रयोग करें, जिसमें फ्लोराइड का प्रयोग हो। फ्लोराइड दांतों की सड़न और इनेमल को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है।

नमक के पानी का प्रयोग
नमक केवल खाने में प्रयोग नहीं किया जाता, इसके कई और प्रयोग हैं। जैसे दांतों में सेंसटिविटी को कम करने में यह बहुत सहायक है। अगर दांतों में बहुत ज्यादा ठंडा गरम लगता है, तो नमक के पानी का कुल्ला सुबह सोकर उठने के बाद और रात को सोने से पहले इसी पानी का कुल्ला करें। गुनगुने पानी में दो चम्मच नमक डाल कर कुल्ला करें।

सरसों के तेल की मालिश
एक चम्मच सरसों के तेल में सेंधा नमक मिला कर मसूढ़ों की मालिश करें। थोड़े समय में मुंह धो लें। इससे आपके दांतों को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि दांतों के ठंडा गरम लगने की समस्या खत्म हो जाएगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App