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रविवारी: आभूषण में नए प्रयोग

आभूषण हर महिला को पसंद होते हैं। मगर सोने, चादी, हीरे, प्लेटिनम आदि धातुओं से बने आभूषण महंगे होते हैं, इसलिए उन्हें खरीदना सबके वश की बात नहीं होती। फिर इन गहनों को हर समय पहन कर निकलना भी जोखिम का काम है। ऐसे में कृत्रिम जेवर यानी आर्टिफिशियल ज्वेलरी पहनने का चलन बढ़ा है। अब हर तरह के पहनावे को ध्यान में रख कर आर्टिफिशियल ज्वेलरी बनने लगी है। यहां तक कि शादी-ब्याह जैसे मौकों पर पहनने के लिए भी आर्टिफिशियल ज्वेलरी का चुनाव किया जाने लगा है। आजकल गहनों को लेकर किस तरह के प्रयोग हो रहे हैं और उन्हें कब और कैसे पहना जाए, आदि के बारे में बात कर रही हैं सुमन बाजपेयी।

Author November 25, 2018 4:38 AM
प्रतीकात्मक फोटो

सुमन बाजपेयी

सोने, चांदी, हीरे, कुंदन आदि के आभूषणों के अलावा इन दिनों कृत्रिम यानी आर्टिफिशयल ज्वेलरी का चलन जोर पकड़ चुका है। हर तरह के आभूषणों में इतनी विविधता देखने के मिल रही है कि पारंपरिक और पाश्चात्य हर तरह के पहनावे के साथ पहनने के लिए ज्वेलरी मौजूद है। आजकल हल्के, महीन कारीगरी वाले और देखने में उत्कृष्ट आभूषण चलन में हैं, चाहे वे प्लैटिनम के हों या एंटीक दिखने वाले। सोने के गहनों की हमेशा मांग रहती है, पर आजकल सोने से ज्यादा हीरे की मांग बढ़ गई है। हालांकि खास मौकों पर पहनने के लिए हल्की मीनाकारी वाले भारी सेट या कुंदन के सेट चलन में हैं। पश्चिमी परिधानों के साथ मोती के नेकलेस अच्छे लगते हैं। इन दिनों सोने के पानी चढ़े गहनों यानी गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी का चलन भी बढ़ा है। पोलकी, कुंदन, अमेरिकन डायमंड और पर्ल की गोल्ड प्लेटेड ज्वेलरी की बहुत मांग है। अदला-बदली किए जा सकने वाले पत्थरों के विकल्प के साथ मॉड्यूलर ज्वेलरी यानी कि ऐसी ज्वेलरी, जिनके पत्थरों को कपड़े के रंग के अनुसार मैच करके बदला जा सके, हर उम्र की महिलाएं पसंद कर रही हैं।

इन दिनों गोटा पट्टी ज्वेलरी का चलन देखा जा सकता है। यह देखने में भारी लगती है, लेकिन वजन में यह बिल्कुल हल्की होती है। यही वजह है कि शादी में भी लड़कियां इसे पहनना पसंद कर रही हैं। इसे बनाने के लिए अलग-अलग रंगों की गोटा पट्टी फैब्रिक का इस्तेमाल किया जाता है। साथ ही फैब्रिक, थ्रेड, प्लास्टिक, मोती, घुंघरू का भी इस्तेमाल किया जाता है। कुंदन ज्वेलरी को नया आभास देने के लिए इसके साथ क्रिस्टल को मैच किया जा रहा है। इसमें रंग के भी कई विकल्प हैं यानी आप ड्रेस के हिसाब से कोई भी रंग चुन सकती हैं। अगर आप कुंदन का सस्ता विकल्प ढूंढ़ रही हैं, तो पोल्की और क्रिस्टल की जड़ाऊ ज्वेलरी अपने लिए ले सकती हैं।
परंपरागत नेकलेस की जगह चौकर भी फैशन में हैं। अलग-अलग रंगों में मिलने वाले चोकर में मोती, क्रिस्टल और कुंदन के तालमेल से खूबसूरती में चार-चांद लग जाते हैं। ईयररिंग के रूप में इन दिनों चांदबाली चलन में है। चांदबाली को सूट, साड़ी, अनारकली या लहंगा किसी भी चीज के साथ पहना जा सकता है। इन दिनों आॅक्सिडाइज्ड गहने भी बाजार में छाए हुए हैं। ये स्टर्लिंग चांदी से बने होते हैं। इनका कालापन सल्फर के साथ मिल कर सिल्वर सल्फाइड बनने की वजह से आता है। आॅक्सिडाइज्ड गहनों को प्लेन शर्ट, डेनिम और सलवार कुर्ता के साथ पहन सकते हैं। सिंगल और डबल पेंडंट ज्वेलरी भी कम उम्र की लड़कियों के बीच काफी प्रचलित है।

दुल्हन के आभूषण
आज की दुल्हन अगर एक तरफ हल्के आभूषण पसंद करती है, तो दूसरी तरफ वह उसमें पारंपरिकता का मिश्रण भी चाहती है। वह ऐसे आभूषण चाहती है, जो भारतीय और पश्चिमी दोनों तरह के परिधानों के साथ पहने जा सकें। सोने और हीरे का मिश्रण चलन में है। आम के मोटिफ या पैसले डिजाइन के आभूषण इसलिए ज्यादा फैशन में हैं, क्योंकि भारी या हल्के दोनों तरह के डिजाइन इसमें मिल जाते हैं। हीरे के साथ कलर्ड स्टोंस की मांग बेहद बढ़ गई है। इनमें पारदर्शी इनैमल का भी प्रयोग किया जा रहा है। शादी के लिए लड़कियां सफेद और पीले स्वर्ण के सम्मिश्रिण से बने सेट खरीदना पसंद कर रही है। इसी के साथ दुल्हन की ज्वेलरी में मल्टीकलर्ड सैफायर्स, सॉलिटेयर ईयररिंग्स, मोतियों का शानदार सेट, गोल्ड और डायमंड की चूड़ियां और अलग-अलग ड्रेस से मैच करते कुछ ईयररिंग्स भी जरूर होने चाहिए।
हाउस आॅफ आयनत की फाउंडर और ज्वेलरी डिजाइनर तान्या एम. सूद के अनुसार अगर वेडिंग ज्वेलरी की बात करें, तो हर दुल्हन चाहती है कि न केवल विवाह पर बलिक उससे जुड़े हर मौके के लिए वह खास स्टाइल की ज्वेलरी चुने। चूंकि इस समय ज्वेलरी के बहुत तरह के डिजाइन उपलब्ध हैं, इसलिए हर रस्म पर एक अलग वैराइटी पहनी जा सकती है। इन दिनों विंटेड डिजाइन में बड़े-बड़े पैंडंट चलन में हैं। साथ ही बड़े-बड़े एमरल्ड, रूबी और आॅनेक्स के लटकन वाले ईयरिंग्स के साथ पोल्की सोच पसंद किए जा रहे हैं। पोल्की के अलावा एमरल्ड, डायमंड और रूबी के पेंडंट स्टाइल सेट चलन में हैं, जिनके साथ डायमंड पोल्की में लंबे डैंगलर्स और रंगीन पत्थर वाले टॉप्स पहने जा सकते हैं। आप मोती की कई लड़ियों वाले नेकलेस भी चुन सकती हैं। कुंदन में डायमंड पोल्की के सेट भी फैशन में हैं। मोतियों की विभिन्न वर्णी लड़ियों में कुंदन के पेंडेट पहने जा रहे हैं। व्हाइट गोल्ड में जड़े हीरे और सेमी प्रेशियस स्टोंस के आभूषणों का चलन बढ़ गया है। कुंदन की पुरानी चीजें जैसे बाजूबंद, टीका, माथापट्टी, चोकर आदि फिर से फैशन में हैं। निजाम के समय के बड़े-बड़े लालड़ी और पन्ने की मणियों के सेट चलन में हैं।

इन दिनों वेडिंग ज्वेलरी में कुंदन के आभूषणों की बहुत मांग है। ब्राइडल सेट, जिनमें चोकर, हाथपंजा, मांग टीका, पायल सभी कुछ होता है, पर ज्यादातर मैरून और हरा रंग पसंद किया जाता है, क्योंकि ये रंग हर तरह की ड्रेस के साथ मैच करते हैं। गोल्ड के अलावा कुंदन के गहने चांदी और सेमी प्रेशियस स्टोन में भी बन रहे हैं, जिनसे ये काफी कम कीमत में मिल जाते हैं।

डिजाइनर अंजलि पोद्दार मानती हैं कि विवाह में पहनने के लिए मीनाकारी किए आभूषणों का चलन बढ़ा है। नारंगी, बैगनी, मैरून, हरा और ब्रौंज लुक की मीनाकारी एथनिक लगती है। ब्राइडल ज्वेलरी में प्लेटिनम के आभूषणों की भी अपनी एक जगह है। इससे बने आभूषणों को संजो कर रखा जाता है और पीढ़ी दर पीढ़ी ये चलते हैं। इसलिए न तो कभी ये किसी चलन में आते हैं और न ही कभी इनका फैशन खत्म होता है। विवाह के लिए ज्यादातर लड़कियां अंगूठी, कानों के टॉप्स, हीरे जड़ित पेंडंट और प्लैटिनम की चेन खरीदती हैं। चूड़ी, वैडिंग बैंड और ब्रेसलेट की भी मांग है। ०

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