यूरिक एसिड बढ़ने से होने वाली समस्याएं, थोड़ी लापरवाही भी पड़ेगी भारी

अगर आप बढ़े हुए यूरिक एसिड से परेशान हैं तो आपको रोजाना सुबह खाली पेट अजवाइन का पानी पीना चाहिए। माना जाता है कि घरेलू नुस्खों में अजवाइन यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में काफी मददगार है। इसमें पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड बढ़े हुए यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर

असंतुलित जीवनशैली या अनियमित जीवनचर्या से सेहत की कई समस्याएं जुड़ी हैं। इन्में एक बड़ी और आम परेशानी जो इन दिनों खूब देखने में आ रही है, वह है यूरिक एसिड को लेकर होने वाली समस्या। यूरिक एसिड की मात्रा का शरीर में बढ़ना एक आम बात हो गई है। इस बारे में आगे की चर्चा से पहले जान-समझ लें कि आखिर यह यूरिक एसिड होता क्या है और इसके कारण क्यों शरीर में समस्या पैदा होती है।

यूरिक एसिड एक ऐसा रसायन है जो शरीर में तब बनता है जब शरीर ‘प्यूरीन’ नाम के रसायन को सूक्ष्म रूप में विखंडित करता है। प्यूरीन रसायन शरीर में भी बनता है और कुछ खाद्य पदार्थों में भी पाया जाता है। शरीर में यूरिक एसिड के स्तर का पता लगाने के लिए खून की जांच कराना जरूरी है।

यूरिक एसिड के ज्यादा बनने की स्थिति में गुर्दा या वृक्क इसे खून से हटा नहीं पाता जिसके कारण रक्त में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है। वैसे तो यूरिक एसिड यूरीन के रूप में बाहर निकल जाता है लेकिन कई बार यह शरीर में ही जमा होने लगता है, जिसके कारण यह शरीर में बढ़ता रहता है।

खून की जांच
यूरिक एसिड के बढ़ने पर पैरों के जोड़ों में दर्द, लालिमा एवं सूजन होना, अंगूठे एवं अंगुलियों में तेज दर्द और नींद में कमी जैसे लक्षण आमतौर पर प्रकट होते हैं। ऐसे में सबसे अच्छा तो यही है कि जल्द से जल्द आप खून की जांच कराएं और चिकित्सक से परामर्श लें। क्योंकि ऐसा नहीं करने पर यह एक गंभीर रोग की शक्ल भी ले सकता है। गौरतलब है कि यूरिक एसिड का स्तर अचानक से बढ़ जाना खतरनाक संकेत है और यह आपको ताउम्र परेशान कर सकता है।

मददगार सिरका
यूरिक एसिड का स्तर शरीर में सामान्य रहे और इसके कारण सेहत की समस्या से न जूझना पड़े, इसके लिए खानपान और दिनचर्या से जुड़ी आदतों में सुधार की कोशिश करनी चाहिए। मसलन, सेब का सिरका शरीर से यूरिक एसिड को कम करने में मददगार है। सेब के सिरके में एंटीआक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेंटरी गुण होते हैं। यह शरीर में यूरिक एसिड को संतुलित रखने में मददगार है। सेब का सिरका खून में पीएच स्तर को बढ़ा सकता है, जो यूरिक एसिड को कम करने में मददगार माना जाता है।

नीबू और अजवाइन
इसी तरह विटामिन-सी युक्त फलों का सेवन करेंगे तो आपका यूरिक एसिड स्तर नियंत्रण में रह सकता है। नीबू में मौजूद साइट्रिक एसिड शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से रोकने में कारगर हो सकता है। इसके लिए सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में नीबू का रस निचोड़ कर पी सकते हैं। यह आपके लिए काफी लाभदायक रहेगा।

अजवाइन का सेवन करने से भी यूरिक एसिड के स्तर को कम किया जा सकता है। अगर आप बढ़े हुए यूरिक एसिड से परेशान हैं तो आपको रोजाना सुबह खाली पेट अजवाइन का पानी पीना चाहिए। माना जाता है कि घरेलू नुस्खों में अजवाइन यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में काफी मददगार है। इसमें पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड बढ़े हुए यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है।

बढ़े हुए यूरिक एसिड के लिए फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करना भी फायदेमंद हो सकता है। साबुत अनाज, सेब, संतरे और स्ट्राबेरी फाइबर से भरपूर होते हैं। इन चीजों को अपनी खुराक में शामिल कर आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं।

खानपान में रखें ध्यान

  • अपने खाने में जैतून के तेल का इस्तेमाल कर आप यूरिक एसिड को नियंत्रित रख सकते हैं। इसमें विटमिन ई काफी मात्रा में पाया जाता है, जो यूरिक एसिड के स्तर को सामान्य रखने में मददगार है।
  • अगर आपशरीर में यूरिक एसिड का स्तर सामान्य रखना चाहते हैं तो गेहूं का ज्वार आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। यह विटामिन सी, क्लोरोफिल और फाइटोकेमिकल्स से भरपूर होता है। इसके सेवन के लिए नीबू के रस के साथ दो चम्मच गेहूं के ज्वार को मिलाएं।
    (यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। उपचार या स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए विशेषज्ञ की मदद लें।)

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