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नसों के दर्द की समस्या, दर्द से निजात हिदायत के साथ

अगर आपको शुगर है तो उसे नियंत्रित रखें। ब्लड शुगर का स्तर सामान्य रहने से नसों के दर्द से जल्द छुटकारा मिलता है। गर्म पानी से नहाने से आपको नसों के दर्द से काफी आराम मिलेगा। गर्म पानी प्रभावित क्षेत्र पर रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है और तनाव दूर करता है।

योग और दूसरे व्यायाम से नसों में दर्द कम करने में मदद मिलती है। ‘साइटिक नर्व’ की तकलीफ के मामले में भी व्यायाम लाभदायक है।

आधुनिक जीवनशैली ने जितनी सुविधाएं नहीं जुटाई हैं, उससे ज्यादा लोगों के लिए सेहत से जुड़ी मुश्किलें बढ़ाई हैं। स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं तो सीधे-सीधे इस जीवनशैली की ही देन हैं। नसों के दर्द की समस्या ऐसी ही एक समस्या है, जो गलत जीवनशैली या दिनचर्या के कारण लोगों को परेशान करती है। इस दर्द को कई बार हम हल्के में लेते हैं, लेकिन ऐसा करना गंभीर स्वास्थ्य समस्या को एक तरह से दावत है। अच्छी बात यह है कि अगर समय रहते नसों के दर्द के बारे में आपने अपेक्षित पहल शुरू कर दी तो इससे निजात मुमकिन है। यह भी कि दवा के बिना घरेलू तरीकों से भी आप नसों के दर्द को ठीक कर सकते हैं।

इन दिनों कामकाजी लोगों को घंटों तक एक ही अवस्था में बैठकर काम करना पड़ता है। यह स्थिति खासतौर पर तब ज्यादा होती है जब कंप्यूटर पर काम करना पड़ता है। इस वजह से नसों में दर्द होना आम बात है। इस तरह काम करने वाला अमूमन हर व्यक्ति शरीर के किसी न किसी हिस्से में नसों के दर्द की समस्या से ग्रस्त होता है। अक्सर इस दर्द के इलाज के लिए दवाएं या फिजियोथेरेपी की सलाह दी जाती है। ये दोनों ही विकल्प ऐसे हैं जिनसे स्थायी लाभ की उम्मीद नहीं की जा सकती। वहीं, घरेलू उपायों से आसान तरीके से नसों में दर्द से छुटकारा पाया जा सकता है। अच्छी बात यह कि ये तरीके कारगर तो हैं पर खर्चीले नहीं।

सलाह और उपचार
-शरीर और सेहत के लिए वटामिन-बी का काफी महत्व है। खासतौर पर विटामिन बी12 लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है और हड्डियों एवं नसों को स्वस्थ रखता है। इसकी कमी की वजह से भी नसों में दर्द हो सकता है। अंडे, दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों में विटामिन बी12 पाया जाता है। अपने आहार में विटामिन बी12 को जरूर पर्याप्त रूप में शामिल करें।

-नियमित व्यायाम करने से मांसपेशियां दुरुस्त रहती हैं। कई अध्ययनों में भी यह बात सामने आई है कि योग और दूसरे व्यायाम से नसों में दर्द कम होने में मदद मिलती है। ‘साइटिक नर्व’ की तकलीफ के मामले में भी व्यायाम लाभदायक है। इससे मांसपेशियों में लचीलापन एवं संतुलन बढ़ता है।

-नसों में दर्द से राहत पाने के लिए एक्यूपंक्चर चिकित्सा पद्धति की भी मदद ली जा सकती है। प्रभावित हिस्से की त्वचा की अंदरूनी सतह में सुइयों को लगाया जाता है। इससे शरीर में एंडोर्फिन और अन्य दर्द निवारक हार्मोन पैदा होता है, जिससे नसों के दर्द से काफी राहत मिलती है।

-हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नामक तत्व भी दर्द और ‘रुमेटाइड आर्थराइटिस’ के इलाज में उपयोगी है। अध्ययनों में सामने आया है कि करक्यूमिन नसों में दर्द से राहत दिलाता है। चाय, सब्जी या दूध में हल्दी मिलाकर ले सकते हैं। इसमें एंटी-आॅक्सीडेटिव, एंटी-इंफ्लामेट्री और नसों को सुरक्षा प्रदान करने वाले गुण होते हैं।

-ब्लड प्रेशर के साथ-साथ दर्द को कम करने में यूकेलिप्टस का तेल लाभकारी है। आपको बस इस तेल को सूंघना होता है या किसी अन्य तेल में मिलाकर इससे मालिश भी कर सकते हैं। अदरक का तेल भी नसों में तनाव और दर्द को दूर करने में लाभकारी है।
काम की बातें

-अगर आपको शुगर है तो उसे नियंत्रित रखें। ब्लड शुगर का स्तर सामान्य रहने से नसों के दर्द से जल्द छुटकारा मिलता है।
-गर्म पानी से नहाने से आपको नसों के दर्द से काफी आराम मिलेगा। गर्म पानी प्रभावित क्षेत्र पर रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है और तनाव को दूर करता है।

-अधिक शराब का सेवन नसों के लिए जहर के समान होता है और नसों के दर्द को बढ़ाता है। तो शराब का सेवन न करें।
-नसों का दर्द रात में बढ़ जाता है और नींद में खलल डालता है। अच्छी नींद लेने के लिए दिन में कैफीन के सेवन को नियंत्रित करें और आठ घंटे की नींद जरूर लें।

-कुछ अध्ययन से पता चला है कि वनस्पति तेल जैसे जेरेनियम तेल एवं लैवेंडर तेल लोगों को नसों के दर्द से राहत दिलाते हैं।
-नसों में दर्द की समस्या अगर ज्यादा गंभीर लक्षण लिए हैं और घरेलू तरीके से यह कम नहीं हो रहा तो विशेषज्ञ की सलाह लेने में देर न करें।
(यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। उपचार या स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए विशेषज्ञ की मदद लें।)

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