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एड़ी की हड्डी बढ़ना चलना-फिरना देखभाल के

एड़ी में होने वाले किसी भी तरह के दर्द को हल्के में न लें। यह आर्थराइटिस (गठिया) की समस्या भी हो सकती है।

Author Updated: February 28, 2021 2:30 AM
Life Styleएड़ी की हड्डी का बढ़ना सामान्य नहीं बल्कि गंभीर समस्या है।

शरीर के साथ कुछ परेशानियां आजकल आम बात है। इन्हीं परेशानियों में से एक है एड़ी की हड्डी बढ़ना। इस समस्या के कारण चूंकि आदमी का चलना-फिरना सीधे तौर पर प्रभावित होता है, लिहाजा इसे एक गंभीर समस्या के रूप में लेना चाहिए। पर स्थिति यह है कि इस समस्या से जूझ रहे ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं होता कि उनकी एड़ी की हड्डी क्यों बढ़ रही है। वे यह भी नहीं जानते हैं कि इस समस्या को दूर कैसे किया जाए। लिहाजा हमें पहले इस समस्या के बारे में ठीक से जानना-समझना होगा ताकि इससे निजात के लिए सुझाए गए उपायों पर हम सही तरीके से अमल कर सकें।

लक्षण और परेशानी
हमारे पैर में 26 हड्डियां होती हैं। इनमें एड़ी की हड्डी (कैलकेनियस) सबसे बड़ी होती है। एड़ी में किसी भी तरह की समस्या से चलने-फिरने में दिक्कत शुरू हो जाती है। साफ है कि एड़ी की हड्डी का बढ़ना सामान्य नहीं बल्कि गंभीर समस्या है। एड़ी की हड्डी तब बढ़ती है जब पंजे और एड़ी के बीच के हिस्से में कैल्शियम जमा होने लगता है। अगर आपकी एड़ी की हड्डी बढ़ी हुई है तो आपको सुबह उठने पर एड़ी के साथ-साथ पैरों में दर्द महसूस होगा। एड़ी की हड्डी बढ़ने पर आपको एड़ी के आगे के वाले हिस्से में सूजन दिखेगी। साथ ही आपको जलन भी महसूस होगी। यही नहीं, एड़ी के निचले हिस्से में हड्डी जैसा उभार भी दिखाई दे सकता है।

तकलीफ की वजह
विशेषज्ञ बताते हैं कि एड़ी की हड्डी बढ़ने के पीछे कारण होता है- प्लैंटर फेशिया। एड़ी और पंजे के बीच वाले हिस्से को सपोर्ट देने के लिए जो फैटी टिश्यू होता है वो ‘प्लैंटर फेशिया’ के नाम से जाना जाता है और जब इस फैटी टिश्यू के ऊपर ज्यादा दबाव पड़ता है या चोट लगती है तो उसकी वजह से एड़ी की हड्डी बढ़ जाती है। होता यूं है कि जब प्लैंटर फेशिया पर दबाव बढ़ता है तो उस प्रभावित जगह को ठीक करने के लिए कैल्शियम जमा होने लगता है और यह कैल्शियम जब ज्यादा जमा हो जाता है तो एड़ी में हड्डी के आकार का उभार होने लगता है। गलत तरह से या आसामन्य ढंग से चलने-फिरने के कारण भी कई बार एड़ी की हड्डी बढ़ जाती है।

लापरवाही पड़ेगी भारी
एड़ी में होने वाले किसी भी तरह के दर्द को हल्के में न लें। यह आर्थराइटिस (गठिया) की समस्या भी हो सकती है। अगर एड़ी में दर्द महसूस हो तो पैर से जुड़ी हुई ऐसी कोई भी गतिविधि जिसमें पैरों पर ज्यादा दबाव महसूस हो, उससे परहेज करें। एड़ी में दर्द या सूजन होने पर ज्यादा देर तक जूते न पहनें। जूता-चप्पल लेते समय अपनी एड़ियों के आकार का ध्यान रखें। लोग अक्सर किफायत के चक्कर में या लापरवाही में कामचलाऊ जूते खरीद लेते हैं, जो न तो ज्यादा दिनों तक चलते हैं और न ही पैरों को अपेक्षित आराम ही पहुंचाते हैं। उलटे इनसे पैरों में दर्द, घुटनों में दर्द या एड़ी की हड्डी के बढ़ने की संभावना जैसी परेशानियां बढ़ जाती हैं।

आजकल कई लोग फैशन में जूते के साथ मोजे पहनना जरूरी नहीं समझते हैं जो कि बिल्कुल गलत है। जूतों के अंदर मोजे पहनने से एड़ी पर दबाव कम पड़ता है। इसी तरह लोग अक्सर घर में नंगे पैर चलना ज्यादा पसंद करते हैं। जब आप नंगे पैर चलते हैं तो आपके प्लैंटर फेशिया पर अधिक दबाव पड़ता है, इसलिए जितना हो सके उतना कम नंगे पैर चलें।

कुछ जरूरी बातें
-बर्फ से एड़ी का सूजन और दर्द कम होता। लिहाजा जहां पर दर्द हो रहा हो, वहां आइसपैक या बर्फ से सिकाई करें।
-अलसी के तेल की खासियत है कि इसमें ओमेगा -3 फैटी एसिड मौजूद होता है जिसे ‘अल्फा-लिनोलेनिक एसिड’ के नाम से भी जाना जाता है। अलसी का तेल एड़ी में आई हुई सूजन के साथ-साथ दर्द को भी कम करता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए पहले तेल को हल्का गर्म करें। उसके बाद उसमें सूती का कपड़ा डालें। अब गर्म हुए कपड़े को, जिस हिस्से पर दर्द है वहां पर किसी प्लास्टिक से लपेटकर रखें। कुछ समय तक उस प्लासटिक पर हीटिंग पैड रखें।
-अगर सामान्य घरेलू उपायों से एड़ी की हड्डी बढ़ने से होने वाली तकलीफ कम नहीं हो रही हो तो आपको चिकित्सक की सलाह लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।
(यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। उपचार या स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए विशेषज्ञ की मदद लें।)

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