सिरदर्द की समस्या मामूली नहीं तनाव की समस्या

दिनभर कुछ नहीं खाना और देर-सबेर सिर्फ दिन-रात का भोजन करना आजकल ज्यादातर लोगों की जीवनशैली बन गई है। यह सेहत के लिए सही नहीं है। दरअसल, बहुत देर तक कुछ भी न खाना सिरदर्द के साथ दूसरे रोगों को भी एक तरह से दावत है। अगर आप सुबह महज चाय के साथ अपने दिन की शुरुआत करते हैं और जलपान नहीं करते हैं तो यह अच्छी आदत नहीं है। इस आदत को तत्काल बदलें।

आधुनिक जीवनशैली के साथ सेहत से जुड़ी जो समस्याएं बढ़ी हैं, उनमें सिरदर्द सर्वप्रमुख है। कुछ लोग जीवन का एक हिस्सा मानकर इस समस्या की अनदेखी करते हैं। इस तरह की लापरवाह सोच भारी पड़ सकती है। लिहाजा सिरदर्द के बारे में कुछ बातें हमें समझ लेनी चाहिए। पहली बात यह कि अगर यह समस्या रोज की नहीं है तो आपको ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। काम के बोझ या किसी और तनाव की वजह से ऐसा होना आम बात है। यह भी कि इस तरह का सिरदर्द थोड़े समय के बाद ठीक हो जाता है लेकिन जब यह समस्या बार-बार होने लगे तो हमें इसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए।

समय से खानपान
दिनभर कुछ नहीं खाना और देर-सबेर सिर्फ दिन-रात का भोजन करना आजकल ज्यादातर लोगों की जीवनशैली बन गई है। यह सेहत के लिए सही नहीं है। दरअसल, बहुत देर तक कुछ भी न खाना सिरदर्द के साथ दूसरे रोगों को भी एक तरह से दावत है। अगर आप सुबह महज चाय के साथ अपने दिन की शुरुआत करते हैं और जलपान नहीं करते हैं तो यह अच्छी आदत नहीं है। इस आदत को तत्काल बदलें। भोजन के प्रति इस तरह की लापरवाही से सिरदर्द की समस्या तो झेलनी पड़ेगी ही, स्वास्थ्य की कई दूसरी समस्याओं के भी आप शिकार हो सकते हैं।

बेहतर हो कि आप एक तो सुबह जलपान जरूर करें और बाकी दिन भी मुख्य भोजन के अलावा पेट को लंबे समय तक खाली न रहने दें। आहार में उन चीजों को शामिल करें, जिनमें मैग्नीशियम ज्यादा हो। पालक, सूरजमुखी, टोफू, ऑलिव आयल और कद्दू के बीज को अपने आहार का हिस्सा बनाएं। गर्मी और उमस के दिनों में सिरदर्द से बचने के लिए ठंडी चीजों मसलन, छाछ, नींबू-पानी, ठंडे जूस, नारियल पानी आदि का सेवन भी लाभदायक हो सकता है।

मौसम भी वजह
ज्यादा गर्मी और उमस से होने वाली बेचैनी से भी सिर में तेज दर्द होने लगता है। गर्मी के दिनों में शरीर में पानी की कमी हो जाना या निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) भी सिररर्द की एक आम वजह है। माइग्रेन, साइनस, ज्यादा थकान, नींद पूरी न हो पाने और भूख की वजह से भी हो सकता है सिरदर्द। इसी तरह, कुछ लोग जो गर्दन को लगातार एक ही दिशा में कड़ा करके रखते हैं उन्हें भी सिरदर्द की समस्या परेशान कर सकती है।

काम का बोझ
आजकल लोगों के जीवन में काम का बोझ तो है ही इसके लिए उन्हें यहां-वहां काफी भागना भी पड़ता है। ऐसे में शरीर को पर्याप्त आराम की जरूरत होती है। इसलिए अगर आपको सिरदर्द सताता है तो पहले तो आप यह विचार करें कि आप शरीर को अपेक्षित आराम दे रहे हैं या नहीं। इन दिनों घर से लेकर दफ्तर तक कंप्यूटर या लैपटाप का इस्तेमाल एक आम बात हो गई है। यह स्थिति बहुत बदली तो नहीं जा सकती पर आप इतना जरूर खयाल रखें कि कंप्यूटर या लैपटॉप पर लंबे समय तक काम करने के बजाय बीच-बीच में कुछ समय का विराम लें। अलबत्ता अगर आपको माइग्रेन या साइनस की शिकायत नहीं है, फिर भी सिरदर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है, तो यह किसी वजह से हुए तनाव का परिणाम हो सकता है। ऐसे में डाक्टर से तत्काल संपर्क कर उचित उपचार कराना चाहिए।

काम की बातें
’ सुबह उठकर खाली पेट तुलसी की पत्तियां चबाएं।
’ थकान, नींद नहीं पूरी होने की वजह से तनाव या सिदर्द है तो एक कप काफी पिएं। आप अच्छा महसूस करेंगे।
’ आहार में दालचीनी और लौंग का इस्तेमाल करें। सिरदर्द होने पर दालचीनी और लौंग वाली चाय पिएं।
’ सिरदर्द होने पर बादाम चबाएं। आपको आराम मिलेगा।
’ नियमित तौर पर एक सेब खाएं। सिरदर्द होने पर एक गिलास पानी में सेब का दो चम्मच सिरका मिलाकर पिएं।
’ पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। नारियल-पानी, नीबू-पानी, शिकंजी, आम का पन्ना, गन्ने का जूस, छाछ, लस्सी आदि को अपने आहार का हिस्सा बनाएं। सिर में लगातार होने वाले किसी भी किस्म के दर्द की अनदेखी न करें, तुरंत विशेषज्ञ डाक्टर की मदद लें।
(यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। उपचार या स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए विशेषज्ञ की मदद लें।)

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