बदलते मौसम में सेहत की संभाल सर्द आहट और गरमाहट

दरअसल, गर्मी और चिपचिपे मौसम के बाद जब ठंड आती है तो हमारे शरीर को उसके अनुकूल होने में थोड़ा समय लगता है। जिन बातों का ध्यान रखकर हम इस मौसम में अपने को चुस्त-तंदुरुस्त बनाए रख सकते हैं, उसमें सबसे अहम है खानपान का खास खयाल।

सर्दी ने दस्तक दे दी है। हर साल सर्दी इसी तरह चुपके से आ जाती है और लोग खानपान से लेकर पहनावे तक में लापरवाही के कारण सेहत की कई समस्याओं से घिर जाते हैं। जाहिर है कि यह सेहत के लिए खास संभाल का वक्त है। इस मौसम में जब-तब बहने वाली सर्द हवाएं सेहत, शरीर और त्वचा पर बुरा असर छोड़ सकती हैं। इसलिए बहुत जरूरी है कि आप अपने शरीर की सुरक्षा करें।

दरअसल, गर्मी और चिपचिपे मौसम के बाद जब ठंड आती है तो हमारे शरीर को उसके अनुकूल होने में थोड़ा समय लगता है। जिन बातों का ध्यान रखकर हम इस मौसम में अपने को चुस्त-तंदुरुस्त बनाए रख सकते हैं, उसमें सबसे अहम है खानपान का खास खयाल। सर्दी में जिन चीजों को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं, उनमें तिल, सूखा मेवा, बाजरा मौसमी फल-सब्जियां, देशी घी और शहद अहम हैं।

बाजरा और तिल
बाजरे को वैसे तो मोटा और देहाती अनाज माना जाता है और आमतौर पर कम से कम शहरों में लोग इसे अपनी खुराक से दूर ही रखते हैं। पर आप यह जान लें कि आहार विशेषज्ञों ने इसे सर्दी का ‘सुपरफूड’ माना है। यह गर्म तासीर का होता है। शरीर को ठंड से बचाने के लिए इसको आहार में शामिल करना चाहिए। इसी तरह बाजरे में काफी मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन को दुरुस्त रखने के लिए फायदेमंद होता है। इसके उपयोग से मांसपेशियों को भी ताकत मिलती है।

ठंड के मौसम में तिल को आहार में शामिल करना काफी फायदेमंद साबित होगा। इस मौसम में तिल से बनी खाने की कई चीजें पारंपरिक तौर पर पहले से लोकप्रिय हैं। तिल में तनाव और अवसाद को कम करने वाले तत्व और विटामिन पाए जाते हैं। इसमें विटामिन-ई और फैटी एसिड्स होते हैं, जो ठंड के दिनों में कई बीमारियों को दूर रखने में मदद करते हैं। यह हड्डियों की मजबूती और त्वचा के लिए काफी फायदेमंद है। इसलिए सर्दी में सफेद तिल के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है।

मेवा, फल और शहद
सर्दी के मौसम में खाने में सूखे मेवा का इस्तेमाल सेहत के लिए काफी अच्छा होता है। इन दिनों जहां गर्म दूध के साथ खजूर के सेवन से भी बहुत फायदा पहुंचता है, वहीं अंजीर भी इस मौसम में सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है।

इन दोनों में भरपूर मात्रा में कैल्शियम और आयरन पाया जाता है और इनके सेवन से शरीर को जरूरी ऊर्जा भी मिलती है। इसी तरह ठंड के दिनों में मौसमी फल जैसे अमरूद और संतरे के उपयोग के साथ हरी सब्जियों का भी इस्तेमाल करना चाहिए। सब्जियों में सोया, मेथी, बथुआ, गाजर, मटर को भोजन में शामिल कर सकते हैं। इनसे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है।

देशी घी में भरपूर मात्रा में ‘अनसेचुरेटेड फैट’ होता है, जो शरीर को गर्म रखने के साथ ऊर्जा भी देता है। घी के इस्तेमाल से जहां ठंड का ज्यादा एहसास नहीं होता, वहीं शहद गर्म तासीर का होता है और यह सर्दी से शरीर का बचाव करता है।

हिदायत और एहतियात
’ सर्द हवा से शरीर को सुरक्षित रखने के लिए हमेशा जरूरी गर्म कपड़े पहनना चाहिए। शाल और स्वेटर से शरीर को हमेशा ढक कर रखें। जब भी बाहर जाएं अपने कानों को ढक कर रखें।

’ ठंड के दिनों में अपने शरीर को थोड़ा सक्रिय रखना जरूरी है ताकि शरीर लचीला बना रहे। इसमें सबसे मददगार सामान्य योगाभ्यास है। जिम जाने के शौकीनों के लिए यह समझना जरूरी है कि सर्दी में शरीर से पसीना निकलना थोड़ा मुश्किल है। इसलिए व्यायाम के अभ्यास को असामान्य करना ठीक नहीं होगा।

’ आप नींद पूरी नहीं करते हैं तो इससे आपके शरीर पर काफी असर पड़ सकता है। इससे आंखों के पास काला घेरा बढ़ने के साथ ही कई अन्य समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। इससे हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।

’ एक शोध के मुताबिक सर्दी के दिनों में दस मिनट से ज्यादा नहीं नहाना चाहिए, ताकि शरीर की नमी न खोने पाए। साबुन का भी खास खयाल रखें। साबुन सामान्य की जगह नमी पहुंचाने वाला हो।
(यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। उपचार या स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए विशेषज्ञ की मदद लें।)

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