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सेहत: मधुमेह से रहें सावधान

रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ने से आदमी मधुमेह यानी डायबिटीज से पीड़ित होता है। यह चयापचय यानी मेटाबालिज्म से संबंधित बीमारियों का एक समूह है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में जीवन-शैली बदल रही है।

Author November 11, 2018 4:14 AM
प्रतीकात्मक फोटो

रक्त में शर्करा का स्तर बढ़ने से आदमी मधुमेह यानी डायबिटीज से पीड़ित होता है। यह चयापचय यानी मेटाबालिज्म से संबंधित बीमारियों का एक समूह है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में जीवन-शैली बदल रही है। इस बदलती जीवन-शैली में आज लोग जिस बीमारी की गिरफ्त में सबसे ज्यादा आ रहे हैं वह है मधुमेह। मधुमेह एक ऐसी बीमारी है, जो धीरे-धीरे आपको खत्म करती है। यह बीमारी खतरनाक इसलिए है कि एक बार जिसको हो जाए उसका जल्दी पीछा नहीं छोड़ती। दूसरा, मधुमेह कई अन्य बीमारियों को भी न्योता देता है। पहले मधुमेह को लेकर धारणा थी कि यह केवल चालीस की उम्र के बाद होता है, लेकिन आजकल यह बच्चों में भी देखा जा रहा है।

मधुमेह के प्रकार
आमतौर पर मधुमेह को दो श्रेणियों में रखा जाता है। जिसमें टाइप एक और टाइप दो प्रकार हैं। टाइप एक में शरीर में इंसुलिन नहीं बन पाता है। टाइप दो में शरीर में इंसुलिन की मात्रा पर्याप्त नहीं बन पाती, जिस वजह से ग्लूकोज कोशिकाओं में नहीं जा पाता और रक्त में उसकी मात्रा बढ़ जाती है।

लक्षण
’मधुमेह में प्यास ज्यादा लगती है। क्योंकि बार-बार पेशाब आने से रक्त में शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है। यह शर्करा मूत्र द्वारा बाहर निकलती है। इस वजह से बार-बार प्यास लगती है।
’खून में लगातार शर्करा का स्तर बढ़ने से शरीर में थकान बढ़ जाती है। इस वजह से मधुमेह के मरीज पूरे दिन थकान महसूस करते हैं।
’इस रोग में बार-बार पेशाब के लिए जाना पड़ता है। रक्त में शर्करा की बढ़ी मात्रा पेशाब के रास्ते बाहर निकलती रहती है।
’मधुमेह के मरीज को शुरुआती लक्षणों में भूख अधिक लगती है। साथ ही वजन भी कम होने लगता है।
’इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को अगर कोई संक्रमण हो जाता है, तो जल्दी ठीक नहीं होता। छोटे रोग भी जल्दी ठीक नहीं होते।

उपाय
मीठे को कहें ना
मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों को मीठे खाद्य पदार्थों से तौबा कर लेना चाहिए। सब्जियां, ताजे फल, मोटा अनाज और ओमेगा-3 वसा के स्रोतों को अपने भोजन में शामिल करें। इसके अलावा करेला, हल्दी, गेहूं, काली मिर्च, जामुन आदि का सेवन करें। मधुमेह के व्यक्ति को प्रोटीन की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम कर देनी चाहिए।

तनाव न लें : मधुमेह के मरीजों को अधिक तनाव नहीं लेना चाहिए, क्योंकि अधिक तनाव से आप नींद पूरी नहीं कर पाते। इस वजह से आपको अधिक परेशानी होती है।

व्यायाम करें: मधुमेह से लड़ने का सबसे अचूक उपाय है, नियमित व्यायाम करें। अपने भोजन को संतुलित करें। इसके अलावा अगर आपका वजन अधिक है, तो उसे भी करें। क्योंकि ज्यादा वजन शुगर का कारण बनता है।
’घरेलू उपायों के अलावा बहुत से डॉक्टरी उपाय भी हैं जो आप अपनी इस मर्ज से लड़ने के लिए अपना सकते हैं। जैसे आप खाली पेट या भोजन के बाद भी मधुमेह का परीक्षण कराएं।

धूम्रपान छोड़ें: मनुष्य को बहुत सारी समस्याएं तो धूम्रपान की वजह से होती हैं। कई बार धूम्रपान मधुमेह को पैदा करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। इसलिए अगर आप शराब, सिगरेट, गुटखा या खैनी के आदी हैं, तो तुरंत इसे छोड़ दें। जब आप धूम्रपान छोड़ेंगे तो आप खुद अपने शरीर में बहुत से सकारात्मक बदलाव देखेंगे।

विटामिन-के
रक्त में ग्लूकोज का स्तर बनाए रखने में विटामिन-के मदद करता है। विटामिन-के इंसुलिन की प्रक्रिया में भी मदद करता है। मधुमेह में शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ने से इंसुलिन अणु और उनके काम प्रभावी होते हैं। इसलिए आपके भोजन में विटामिन-के की मात्रा का संतुलित होना भी जरूरी है। पुरुषों को बारह माइक्रोग्राम और महिलाओं को नब्बे माइक्रोग्राम विटामिन-के रोजाना लेना चाहिए।

अधिक पानी पीएं
सौ मर्ज की एक दवा है पानी। दरअसल, पानी केवल आपकी प्यास नहीं बुझाता, बल्कि मधुमेह के रोगियों को स्वस्थ जीवन देता है।

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