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नन्ही दुनिया: कविता और दिमागी कसरत

नीचे कुछ पहेलियां और सवाल दिए गए हैं। उन्हें बूझो और बताओ। न समझ आए, तो जरा सिर घुमाओ और नीचे दिए उत्तर देख लो।

Author May 13, 2018 05:13 am
प्रतीकात्मक तस्वीर।

तौलिया

नरम-मुलायम, हल्का-फुल्का
सुंदर, रोएंदार तौलिया।

पापा का है भूरा-भूरा
मम्मी का है नीला
मेरा है इक लाल-लाल सा
और दूसरा पीला।
घर-घर की यह बना जरूरत
रखता हर परिवार तौलिया।

बिस्तर-कुर्सी, छत, खूंटी पर
मुझको अक्सर दिखता
कभी इधर तो कभी उधर यह
एक जगह ना टिकता।
रोज काम मे आता अपने
जाने कितनी बार तौलिया !

वॉशरूम से बाहर निकलूं
जब मैं सुबह नहा कर
हो जाऊं तैयार फटाफट
गीला बदन सुखा कर।
मुंह पोछूं तो लगता, जैसे
करे चूम कर प्यार तौलिया।

चित्र : जया श्रीवास्तव

दिमागी कसरत

नीचे कुछ पहेलियां और सवाल दिए गए हैं। उन्हें बूझो और बताओ। न समझ आए, तो जरा सिर घुमाओ और नीचे दिए उत्तर देख लो।

(1)
बिना तेल के जलता है
पैर बिना वो चलता है,
उजियारे लो बखेर कर,
अंधियारे को दूर करता है।

(2)
न मैं दिख सकती हू, न मैं बिक सकती हू और न ही मैं गिर सकती हूं, बताओ मैं कौन हूं?

(3)
रात में मैं रोती हूं और दिन में सुकून से सोती हूं, बताओ मैं कौन हूं?

(4)
नीचे दिया गया चित्र किसका है, पहचानिए और बताइए।

1- सूरज, 2- हवा, 3- मोमबत्ती, 4- जयशंकर प्रसाद

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