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घर-परिवारः यह कैसा अलगाव

हाल ही में खबर आई थी कि मशहूर लेखक- निर्देशक और जावेद अख्तर के पुत्र फरहान अख्तर और उनकी पत्नी अधुना अख्तर अलग हो गए हैं।

Author Updated: January 31, 2016 1:39 AM

हाल ही में खबर आई थी कि मशहूर लेखक- निर्देशक और जावेद अख्तर के पुत्र फरहान अख्तर और उनकी पत्नी अधुना अख्तर अलग हो गए हैं। इन दोनों की शादी को सोलह साल हो गए हैं। इनकी शाक्या और अकीरा नाम की दो बेटियां भी हैं। अधुना इग्लैंड में पली-बढ़ी हैं। वह मशहूर केश सज्जाकार भी हैं। उनकी तारीफ करते हुए फरहान अकसर कहते रहे हैं कि अपनी फिल्मों में उन्हें अपने बालों के लुक की चिंता करने की कोई जरूरत नहीं होती। सब काम अधुना संभाल लेती हैं।

फरहान बयालीस साल के हैं और अधुना अड़तालीस साल की। दोनों उम्र के हिसाब से परिपक्वहैं। एक-दूसरे के काम की तारीफ करते नहीं थकते थे। फिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों ने अलग होने का फैसला किया। इसका कोई कारण नहीं बताया गया। दोनों की तरफ से जारी की गई सूचना में सिर्फ इतना ही कहा गया कि वे सभी से प्रार्थना करते हैं कि उनकी निजता का सम्मान किया जाए। उनके बच्चे हैं। वे ही उनकी प्राथमिकता रहेंगे।
थोड़े दिन पहले करिश्मा कपूर और उनके पति संजय कपूर के बच्चों को लेकर विवाद की खबरें आई थीं। संजय ने कहा था कि करिश्मा बच्चों से उन्हें नहीं मिलने देतीं। यहां तक कि उनके बीमार पिता बच्चों के देखने की आस लिए-लिए ही इस संसार से चले गए। संजय ने यह भी आरोप लगाया था कि करिश्मा ने उनके पैसे के कारण उनसे विवाह किया था।

बालीवुड जिसे आजकल युवाओं के रोल माडल की तरह पेश किया जाता है, वहां आजकल ऐसे न जाने कितने उदाहरण देखने को मिलते हैं। जहां प्रसिद्धि, पैसा ताकत सब कुछ होती है सिवाय रिश्तों की स्थिरता के। चाहे सैफ अली खान और अमृतासिंह हों या आमिर खान और रीना दत्ता या ऋत्विक रोशन या सूजेन खान। इन सबके दो-दो बच्चे हैं। गुजरे जमाने की अभिनेत्री रति अग्निहोत्री जिनका विवाह कोई तीस साल पहले उद्योगपति अनिल विरानी से हुआ था। इस दंपति का एक बेटा भी है। रति ने अपने पति अनिल पर घरेलू हिंसा का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की थी। वे दोनों एक घर में रहते हुए भी अलग-अलग रह रहे थे ऐसा कैसे होता होगा कि विवाह के वक्त जिसे ड्रीम मैन या ड्रीम वुमैन माना जाता है, जिसके साथ जिंदगी बिताने के सपने देखे जाते हैं, वे रिश्ते एकाएक इतने खराब कैसे हो जाते हैं कि एक पल काटना भी भारी पड़ने लगता है।

एक तरफ जिन फिल्मों में ये लोग काम करते हैं या जिन्हें बनाते हैं उनमें से अधिकांश में यह विचार नहीं टूटा है कि प्यार जीवन में एक बार ही किया जाता है। इसीलिए फिल्म में सारी जद्दोजहद शादी के लिए होती है। ‘दे लिव्ड एवर आफ्टर’ पर फिल्म खत्म हो जाती है। लेकिन इस तरह के संदेश देने वालों को शायद अपने ही किसी दिए गए संदेश पर भरोसा नहीं होता। इसीलिए कई बार इन नामी-गिरामी धनी और जाने-माने लोगों के रिश्ते टूट जाते हैं। किसी आम आदमी के जीवन वाली कठिनाइयां इनके जीवन में नहीं होतीं। लेकिन एक आम आदमी जिस रिश्ते को ताउम्र निभा लेता है उसे ये सेलिब्रिटीज कुछ साल भी क्यों नहीं निभा पाते, यह सोचने की बात है। हां अलग होने के बाद ये अपने भूतपूर्व पति या पत्नी के बरे में यह कहते जरूर पाए जाते हैं कि अब भी वे सबसे अच्छे दोस्त हैं।

कुछ समय पहले तक बच्चे रिश्तों में आई दरार को भरने वाले कारक माने जाते थे। समझा जाता था कि बच्चों की खातिर आपसी मनमुटाव और रिश्तों में कडुÞवाहट होने के बावजूद पति-पत्नी निभा लेते थे। वे सोचते थे कि बच्चों को माता-पिता दोनों चाहिए। घर टूटने का सबसे बुरा असर बच्चों पर ही पड़ता है। कई बार वे तनाव को न सह पाने के कारण अवसाद में चले जाते हैं। या आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते हैं। जिसकी त्की चर्चा मनोवैज्ञानिक और समाजशास्त्री भी करते रहते हैं। इनका कहना है कि माता-पिता को बच्चों के सामने लड़ना-झगड़ना नहीं चाहिए। लेकिन जब माता-पिता अलग ही हो गए तो इस बात को भला बच्चों से कैसे और कब तक छिपा कर रखा जा सकता है। बहुत से अमीर लोग बच्चों को अपने से दूर करने के लिए उन्हें छात्रावास में भेज देते हैं। उन्हें लगता है कि इससे वे बच्चों से सचाई छिपा कर रख सकते हैं। जबकि हम सभी जानते हैं कि बच्चों से कुछ नहीं छिपता न छिपाया जा सकता है।

कुछ साल पहले बोनी कपूर के बेटे अभिनेता अर्जुन कपूर ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वह अपनी मां मोना कपूर के उस संघर्ष को कभी नहीं भूल सकते जो उन्होंने उन्हें बड़ा करने में किया। क्योंकि जब वह बड़े हो रहे थे उस समय उनके पिता तो अपनी दूसरी पत्नी श्रीदेवी के साथ व्यस्त थे। अर्जुन ने इसका अफसोस भी मनाया कि जब वह फिल्मों में सफल हुए तब उनकी मां इस सफलता को देखने के लिए दुनिया में नहीं थीं। कैंसर से उनकी मृत्यु हो चुकी थी। यों अर्जुन कपूर को वैसी कोई दिक्कत नहीं रही है जो किसी आम गरीब बच्चा जिसके माता-पिता अलग हो गए हों को होती होगी। किसी की सफलता में पैसा सबसे बड़ी भूमिका में होता है। पिता बोनी ने उसकी कमी उन्हें कभी नहीं होने दी होगी।

लगभग ऐसी ही बात कभी पूजा भट्ट ने अपने पिता महेश भट्ट के बारे में कही थी। लेकिन इन मशहूर लोगों के अलग हो जाने पर भी इन्हें मानसिक परेशानियां तो हो सकती हैं मगर आर्थिक दिक्कतों से इन्हें नहीं जूझना पड़ता। औरतों के मामले में तो यह बड़ा सच है कि अगर औरत नौकरी नहीं करती और उसका परिवार टूट जाए तो उसका क्या होगा, कहा नहीं जा सकता। अगर बच्चे हों तो उनके पालने की जिम्मेदारी भी अकसर औरतों के ऊपर ही आ जाती है।

फिल्मी दुनिया में भी ऐसा ही होता है। आखिर आमिर की पूर्व पत्नी रीना या सैफ की पूर्व पत्नी अमृता ने बच्चों को अपने ही बल पर पाला है। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर शायद ही कभी इस बात की शिकायत भी की। इन दोनों महिलाओं जैसी और भी न जाने कितनी महिलाएं होंगी जो न जाने कितनी कठिनाइयां झेलकर अपने बच्चों को पालती हैं।

यही नहीं अलग होने और लड़ाई झगड़ों की बहुत सी वजहें बताई जाती हैं। जैसे कि पति का पत्नी की देखभाल न करना, पत्नी का पति से अधिक मशहूर होना, ज्यादा पैसे कमाना, दोनों में से किसी एक का अशिक्षित होना। लेकिन बालीवुड के जोड़ों पर अगर नजर डालें तो इनमें से कोई भी तो बात दिखाई नहीं देती। फिर ऐसा क्या है कि सालोंसाल साथ रहने के बाद पता चलता है कि जिसके साथ जीवन के इतने अहम वर्ष बिताए, वह तो इस लायक ही नहीं था। जिसे सपनों का राजकुमार या राजकुमारी समझ रहे थे, वह तो खलनायिका या खलनायक निकला। उसके साथ रहने से तो दूर रहना ही बेहतर है।

क्या सचमुच संबंधों में इतनी दरार आ जाती है कि उन्हें कभी नहीं भरा जा सकता। या कि संबंध की स्थिरता का आज के जमाने में कोई अर्थ नहीं रहा। हमारे छोटे-छोटे अहंकार इतने बड़े हो जाते हैं, नफरत सिद्धांत बन जाता है कि कोई भी संबंध टूटे बिना नहीं रहता।
कई बार ऐसा भी हो चुका है बालीवुड में पति-पत्नी के बीच में बात इतनी बढ़ गई कि नौबत तलाक तक आ पहुंची। लेकिन कुछ सालों बाद लगा कि जिसके साथ समय बिताना भारी पड़ रहा था, अब उसी की कमी महसूस हो रही है। ऐसा मशहूर अभिनेता ओम पुरी और फिल्म निर्माता संजय गुप्ता के साथ हो चुका है। संजय गुप्ता ने तो बाकायदा अपनी पूर्व पत्नी से दोबारा विवाह भी किया। ओम पुरी अपनी पूर्व पत्नी सीमा के साथ समय बिताते हैं। जो भी हो सचमुच यह बात चकित करती है कि वर्षों साथ रहने के बाद ये मशहूर जोड़े अलग होने का निर्णय कैसे ले लेते हैं। १

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