ताज़ा खबर
 

तीस पार की जीवन-शैली

ज्यादातर महिलाएं इसी ढर्रे पर आगे बढ़ती हैं, वहीं ऐसी महिलाओं की भी कमी नहीं, जो बढ़ती उम्र को बड़ी जिंदादिली से एन्जॉय करती हैं। वे परिवार को एक रूटीन में लाने के बाद अपने लिए समय निकालती हैं।

Author Published on: October 6, 2019 6:11 AM
तीस की उम्र का आंकड़ा पार करने के खास मायने होते हैं।

तीस बरस की उम्र पार करते ही अक्सर लोगों की जीवन-शैली बदल जाती है। यह गृहस्थी की भागमभाग वाली उम्र होती है। घर और बच्चों की जिम्मेदारियां निभाते-निभाते अक्सर बहुत सारे पुरुष और महिलाएं अपना खयाल रखना, अपने को समय देना भूल जाते हैं। खासकर जो महिलाएं कामकाजी नहीं हैं, उनकी जीवन-शैली बहुत नीरस किस्म की होती जाती है। उनकी पहनने-ओढ़ने, सजने-संवरने में दिलचस्पी कम होने लगती है या फिर फैशन की नकल करने में वे बेमेल-सा कुछ भी अपना लेती हैं। तीस पार की उम्र में पहनावे को लेकर किस तरह सजग रहना चाहिए, बता रही हैं अनीता सहरावत।

महिलाओं और पुरुषों में तीस की उम्र का आंकड़ा पार करने के खास मायने होते हैं। मसलन, करियर और रिश्ते के मामले में युवा अपनी पसंद तय कर चुके होते हैं। सोचने, समझने और निर्णय लेने में तकाजा नहीं, परिपक्वता का असर दिखने लगता है। जवानी और प्रौढ़ावस्था के बीच का यह समय महिलाओं के लिए कई तरह के शारीरिक और मानसिक बदलाव लेकर आता है। कामकाजी महिलाओं के कंधे घर और बाहर के बीच संतुलन बनाने में थकने लगते हैं, तो घरेलू महिलाओं के लिए भी बच्चे, पति, परिवार की जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करने का तनाव जिंदगी से चैन और सुकून को गायब कर देता है। रोजाना की भागमभाग में हम इस कदर उलझ जाते हैं कि खुद का खयाल रखना गैर-जरूरी-सा लगने लग जाता है। चेहरे की झुर्रियां परेशान जरूर करती हैं, बेतरतीब तैयार होना अखरता भी है, लेकिन उम्र और समय की टिक-टिक का खयाल कर हम खुद का खयाल रखना छोड़ देते हैं। नतीजा, हम अपनी उम्र से पांच से दस साल बड़ी दिखने लग जाती हैं और ऐजिंग त्वचा और शरीर पर तेजी से असर करती है।

ज्यादातर महिलाएं इसी ढर्रे पर आगे बढ़ती हैं, वहीं ऐसी महिलाओं की भी कमी नहीं, जो बढ़ती उम्र को बड़ी जिंदादिली से एन्जॉय करती हैं। वे परिवार को एक रूटीन में लाने के बाद अपने लिए समय निकालती हैं। लाइफ-स्टाइल, बाजार और चीजें चुनने का व्यावहारिक अनुभव उनके ओढ़ने-पहनने और जीने के सलीके पर साफ दिखता है। तो आइए, बात करते हैं कि खानपान, लाइफ-स्टाइल और ड्रेसिंग सेंस में कुछ बदलाव करके उम्र में परिपक्वता के इस पायदान पर कैसे जीवन को ज्यादा जिंदादिली और उमंगों से सराबोर कर सकते है।

मानसिकता बदलें
आजकल बच्चे भी अपने मां-बाप के व्यक्तित्व को लेकर बेहद जागरूक हैं। वे दोस्तों के अभिभावकों से अपने माता-पिता की तुलना करते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप उनके फ्रेम में फिट होने और माडर्न दिखने के लिए कुछ भी पहनें या उनके हिसाब से तैयार हों। लेकिन यह भी जरूरी है कि तीस की उम्र में साठ की उम्र न ओढ़ें। परिपक्वता और प्रौढ़ावस्था का मतलब बुजुर्ग होना नहीं होता। बेकार का बड़प्पन ओढ़ने के बजाय थोड़ा-सा बचपन भी बचाए रखें। वे एक्टिविटीज जरूर करें, जो आपको खुशी देती हैं। उम्र सिर्फ गिनती का बदलना भर है, जवान महसूस करना और रहना आपके अपने हाथ में है। थोड़ा-सा स्वार्थी बनें, याद रखिए, बच्चे भी बड़े होकर अपना समय आप पर नहीं खर्चेंगे। इसलिए बच्चों के साथ बाहर जरूर जाएं, उनके साथ एक्टिविटीज में शामिल होना जितना जरूरी है। उतना ही जरूरी है कि महीने में एक बार अपने दोस्तों, सहेलियों के साथ भी समय जरूर बिताएं। फिर चाहे आप फिल्म देखें, पिकनिक पर जाएं या शापिंग करें। इसके अलावा अपने पसंदीदा खेल खेलें या फिर अपनी दूसरी हॉबी के लिए समय निकालना शुरू करें। रूटीन लाइफ से हट कर कुछ नया आपको तरोताजगी देगा।

अपनी देखभाल करना शुरू करें
औरतें पूरे परिवार का खयाल रख सकती हैं। सबको समय पर टिफिन, नाश्ता, लंच देती हैं, लेकिन अपनी बारी का उन्हें समय ही नहीं मिलता। स्वास्थ विशेषज्ञ कहते हैं कि अच्छा दिखने और महसूस करने के लिए बेहद जरूरी है कि आप स्वस्थ हों। जिसके लिए जरूरी है कि आपका आहार समय पर हो और संतुलित हो। फिर देखिए, जब आप अंदर से अच्छा महसूस करेगीं, तो वह आपके चेहरे पर भी दिखेगा। खिला और दमकता चेहरा अपने आप में एक सौगात है। आपका खयाल आपको खुद रखना है, कोई और इसके लिए आगे नहीं आएगा।

आत्मविश्वास से भरी उम्र
तीस पार की सबसे खास बात यह होती है कि आप आत्मविश्वास से भरे होते हैं। इस उम्र में आप अपनी गलतियों को स्वीकारना और उनकी जिम्मेदारी लेना सीख चुके होते हैं। अब यहां किसी के फ्रेम में फिट होने की कोई मजबूरी नहीं। लोग आपको बताना बंद कर देते हैं कि यह करें और यह न करें, बशर्ते आप अपने निर्णयों पर व्यावहारिक और स्पष्ट रहें। औरतों पर घर और बाहर दोनों की जिम्मेदारी होती है, ऐसे में कई बार उन्हें शिकायतों के मानसिक तनाव से भी जूझना पड़ता है। ऐसे में एक चीज हमेशा ध्यान रखें कि आप हमेशा हरेक को खुश नहीं रख सकतीं। सबको खुश करने के बजाय खुद को खुश रखें, सुपरवुमैन बनने की कोशिश न करें। फिर बदलाव आप खुद महसूस करेंगी।
पहनावे का चुनाव

क्या न पहनें
’मिनी स्कर्ट और शॉटर््स पहनने से परहेज करें। शौक अपनी जगह है पर सलीका इस पर ज्यादा भारी है।
’जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे ही शरीर में भी बदलाव आता है, कमर से नीचे जींस पहनने की बजाय हाई वेस्ट जींस को वार्डरोब में एंट्री दें।
’आॅफ शोल्डर ड्रेसेज पहनने से बचें। जब तक आपको पूरा भरोसा न हो कि आप इसे एलीगेंस के साथ पूरा कर सकती हैं। साथ ही स्कॉटर््स को अलविदा कहें, बड़ों की अलमारी में इनका काम नहीं। प्रिंटेड, ग्राफिक और हास्यास्पद कार्टून प्रिंट पहनने से बचें।
’कुछ भी न पहनें। अब वे दिन गए, जब आप सोचे-समझे बिना प्रयोग कर सकते थे। उम्र को जंचता पहनावा ही पहनें। स्टाइलिश दिखने के साथ एलीगेंस बहुत जरूरी है।

क्या पहनें
’हाई एंड ब्लाउज को एंकल लैंथ पैंट्स के साथ पहना जा सकता है। एक हैंड बैग के साथ इस आउटफिट को पूरा करें।
’अलग-अलग शेड्स, स्टाइल के स्ट्रकर्चड् ब्लेजर की रेंज को अलमारी में जगह दें। जींस के साथ इसकी जुगलबंदी एक स्मार्ट और स्टाइलिश लुक के लिए काफी है। इसके अलावा सफेद ब्लेजर को आप कभी भी किसी भी कलर के मिक्स करके पहन सकते हैं।
’लंबे कवर अप्स को अलग-अलग आउटफिट्स के साथ मिक्स कर सकते हैं। यह स्टाइलिश और ट्रेंडी लुक एक साथ देता है।
’जींस के साथ एक्सपेरीमेंट करने के बाद फीके रंगों को प्रिंटेड पतलून के साथ पहनें। एक अलहदा लुक के लिए यह अच्छा विकल्प है।
’अगर आप कामकाजी हैं, तो प्रिंटेड टॉप के साथ पेंसिल मिडी स्कर्ट भी पहन सकती हैं। रोजाना के पैंट्स, ट्राउजर्स के लुक के बीच यह रिफ्रेशिंग होगा।
’बटन डाउन ड्रेस को मैक्सी स्कर्ट के साथ आजमा सकती हैं। यह एक अपीलिंग ड्रेस है।
’काफतान अब सिर्फ बीच ड्रेसेज नहीं रही, घर और बाहर दोनों ही जगह इसे आराम से पहना जा सकता है। साथ ही इसमें साईज की भी कोई दिक्कत नहीें।
’मैक्सी ड्रेसेज के सौम्य और स्टाइलिश लुक को जींस जैकट के साथ बाकी एक्सेसरीज से पूरा करें।
’अगर आप पाश्चात्य कपड़ों में आरामदायक महसूस नहीं करतीं, तो भी चिंता की कोई बात नहीं। भारतीय पारंपरिक और गैर-पारंपरिक पहनावों के साथ भी आप ग्रेसफुल और स्टाइलिश दिख सकती है। प्लाजो, शरारा, सूट-सलवार, पैंट्स, साड़ी को भी अलग-अलग अंदाज में पहना जा सकता है। ताजातरीन टेंड्स फॉलो करने के लिए आप इंटरनेट की मदद ले सकती हैं। यानी आप कुछ भी पहनें उसमें बस थोड़ा अपनी पसंद, ताजा फैशन ट्रेंड, लाइट मेकअप और जरूरी एक्सेसरीज का तड़का रखें, इस उम्र की यही दरकार है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 सेहत और प्रोटीन
2 दाना-पानी: त्योहार के व्यंजन
3 शख्सियत: एनी बेसेंट