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हॉलीवुड में जाग रहा भारत प्रेम

विदेशी कलाकारों का हिंदी फिल्मों में काम करना एक समय भले ही विशेष घटना रही हो, पिछले कुछ सालों में कई देशों के कलाकार, खासतौर पर अभिनेत्रियां, हिंदी फिल्मों का महत्त्वपूर्ण हिस्सा बनी हैं।

विल स्मिथ पिछले अक्तूबर में हरिद्वार आए थे।

फिल्में विभिन्न समाजों के बीच रिश्ते मजबूत बनाने का भी काम करती हैं। इस तरह संस्कृतियों की परस्पर आवाजाही संभव होती है, एक-दूसरे से बहुत कुछ सीखने, ग्रहण करने में भी मदद मिलती है। ऐसा नहीं कि सिर्फ भारतीय कलाकारों में हॉलीवुड में काम करने की ललक होती है, हॉलीवुड के कलाकारों में भी भारत के प्रति आकर्षण कम नहीं है। वहां के कलाकार न सिर्फ यहां की फिल्मों में काम करने आते हैं, बल्कि बहुत सारे कलाकार यहां की संस्कृति से इतने प्रभावित हैं कि उन्होंने यहां के रीति-रिवाज तक अपना लिए हैं। कई कलाकार यहां की समस्याओं से द्रवित होकर उनके समाधान में योगदान के लिए भी आगे आए हैं। हॉलीवुड सितारों के भारत प्रेम के बारे में बता रहे हैं श्रीशचंद्र मिश्र।

हॉलीवुड स्टार विल स्मिथ ने पिछले अक्तूबर में हरिद्वार प्रवास के दौरान शिव मंदिर में पूजा-अर्चना की और शाम की गंगा आरती में हिस्सा लिया। ‘रैंबो’ और ‘रॉकी’ शृंखला की फिल्मों से विख्यात हुए सिलवेस्टर स्टेलोन छह साल से अपने बेटे की बरसी मना रहे हैं। पहली बरसी पर वे खुद हरिद्वार आए थे और विधि-विधान से अनुष्ठान कर गोदान किया था। 2015 में श्राद्ध के दिनों में उनके परिजन आए और कनखल में उन्होंने पिंडदान किया। मेल गिब्सन, कियानु रीव्स, शर्ले मैक्लीन आदि सितारे भी आध्यात्मिक शांति के लिए भारत आ चुके हैं। सिर्फ योग और आध्यामत्मिकता के प्रचार-प्रसार ने हॉलीवुड की हिस्तियों में भारत के प्रति मोह नहीं बढ़ाया है। फिल्मों और उससे जुड़े व्यावसायिक फायदे का भी इसमें बड़ा योगदान है। टाम क्रूज ‘मिशन इंपॉसिबल-6’ की शूटिंग के लिए भारत नहीं आ पाए। हालांकि उन्होंने इसका वादा किया था। वादे से वे मुकरे नहीं हैं। बस पहले तो शूटिंग की अनुमति पाने की जद्दोजहद और हरी झंडी मिल जाने के बाद शूटिंग के दौरान भीड़ के बवाल का खतरा अलग, सो फिल्म की यूनिट ने भारत आने का इरादा टाल दिया। हालांकि टाम क्रूज ने फिर कहा है कि स्थितियां अनुकूल हुर्इं तो वे निश्चित रूप से भारत में शूटिंग करना पसंद करेंगे।

पिछले साल आगरा में ब्रिटिश फिल्म यूनिट के साथ हुई बदसलूकी से हालांकि विदेशी कलाकारों के मन में थोड़ी आशंका पैदा हुई है, लेकिन इससे हॉलीवुड या अन्य देशों के भी कलाकारों, फिल्मकारों का भारत के लिए मोह कम नहीं हुआ है। जैकी चैन फिल्म ‘कुंग फू योगा’ की शूटिंग के लिए पिछले दिनों भारत आए और फराह खान के निर्देशन में मुंबइया स्टाइल के ठुमके भी लगाए। इससे पहले फिल्म ‘द मिथ’ की कुछ शूटिंग उन्होंने भारत में की थी। 1984 की भोपाल गैस त्रासदी पर बनी फिल्म ‘भोपाल ए प्रेयर फॉर रेन’ के लिए मार्टिन शीन, कॉल पेन मीशा बर्टन आदि कलाकारों ने भारत आने में कोई हिचक नहीं दिखाई।

यह सही है कि विदेशी फिल्मों में काम करने का जो पागलपन भारतीय कलाकार बरसों से दिखाते रहे हैं वैसा क्रेज कुछ समय पहले तक विदेशी कलाकारों में नहीं था। भारत को लेकर पश्चिम में फैला दी गई भ्रांतियां इसकी वजह थी, लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं। फिलहाल भारत में हॉलीवुड की फिल्मों के लिए खासे मुनाफे का बाजार विकसित हुआ है। इसे देखते हुए कई दिग्गज कलाकार अपनी फिल्मों का प्रमोशन करने भारत आ रहे हैं। 2017 में ‘स्मर्फ्श : द लॉस्ट विलेज’ के कलाकार आए। विन डीजल अपनी फिल्म ‘ट्रिपल एक्स : द रिटर्न आॅफ जेंडर’ के प्रमोशन के सिलसिले में भारत आए। लगातार वे भारतीय लिबास में रहे और फिल्म की अपनी नायिका दीपिका पादुकोण के साथ लुंगी डांस भी किया। ह्यू जैकमैन ने अपनी फिल्म ‘लोगन’ की रिलीज से पहले भारत में अपने प्रशंसकों को सोशल मीडिया पर नमस्ते कहा। यही एमा वाटसन ने किया। अपनी फिल्म ‘ब्यूटी एंड बीस्ट’ की रिलीज से पहले एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने लोगों की हिंदी में होली की बधाई दी। ‘बे-वाच’ के नायक ड्वेन जॉनसन प्रियंका चोपड़ा के साथ फिल्म का प्रमोशन करने भारत आए। ब्रेडन प्रेजर ने फिल्म ‘द फील्ड’ की शूटिंग पिछले दिनों की दिल्ली में की।

विदेशी कलाकारों का हिंदी फिल्मों में काम करना एक समय भले ही विशेष घटना रही हो, पिछले कुछ सालों में कई देशों के कलाकार, खासतौर पर अभिनेत्रियां, हिंदी फिल्मों का महत्त्वपूर्ण हिस्सा बनी हैं। एरिका कारकुजेत्स्का पोलैंड की हैं। सितंबर 2014 में अजय देवगन ने अपनी फिल्म ‘शिवाय’ के लिए वारसा में विदेशी चेहरे की तलाश की। आॅडिशन में एरिका भी शामिल हुर्इं। हिंदी बोलने की बाध्यता नहीं थी, फिर भी एरिका ने कोशिश करके हिंदी सीखी और कुछ संवाद हिंदी में बोले। वे चुन ली गर्इं। एरिका इस नए अनुभव से बेहद रोमांचित हैं और भविष्य में भी हिंदी फिल्मों में काम करना चाहती हैं। कैटरानी मुरिनो इटली की हैं। जेम्स बांड की फिल्म ‘कसिनो रोयाल’ में वे काम कर चुकी हैं। ‘फीवर’ से उन्होंने हिंदी फिल्मों में दस्तक दे दी।

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