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रूपांतरण के जरिए पैठ

फिल्म के प्रमोशन के लिए हॉलीवुड के कलाकारों और फिल्मकारों का भारत आने का सिलसिला बढ़ रहा है। ‘मिशन इंपासिबल’ के लिए आए। स्टीवन स्पील बर्ग अपनी फिल्म ‘ब्रिज ऑफ स्पाइस’ की रिलीज के मौके पर भारत में रहने की है।

एक पहेली फिल्म के ओपनिंग शॉट की क्लैपिंग करते हुए राज कपूर।

फिल्में तो संबंध सुधारने और किसी देश के लिए आकर्षण जगाने का सबसे मजबूत माध्यम रही हैं। इसके जरिए भी हॉलीवुड की हस्तियों का भारत से नाता जुड़ा है। यह जरूर है कि हॉलीवुड की फिल्मों में काम करने का भारतीय कलाकारों का इतिहास जितना पुराना है, वैसा लंबा और व्यापक सिलसिला वहां के कलाकारों का हिंदी फिल्मों से जुड़ने का नहीं बन पाया। इसके व्यावसायिक कारण शायद उतने नहीं थे जितना वहां के कलाकारों का संकोच था। हिंदी फिल्मों के स्तरहीन और विषयहीन होने के बारे में जो धारणा प्रचारित कर दी गई थी, उसमें यह स्वाभाविक भी था। सालों पहले देव आनंद ने शर्ले मैक्लीन को और राज कपूर ने सोफिया लारेन को अपनी फिल्म में लेने की इच्छा जाहिर की, लेकिन बात नहीं बन सकी।

इस मामले में हॉलीवुड के कलाकारों ने अनिवासी भारतीयों की हिंदी फिल्मों पर ज्यादा भरोसा किया। ऐसी ही एक फिल्म ‘शालीमार’ कृष्ण शाह ने बनाई। उसकी शूटिंग भारत में हुई। रैक्स हेरिसन, जॉन सेक्सन और सिल्विया माइल्स सरीखे सितारे इस सिलसिले में भारत आए। जेम्स बांड की फिल्म ‘ऑक्टोपसी’ की काफी शूटिंग उदयपुर में हुई। पिछले दो दशक में एक दर्जन से ज्यादा फिल्मों की शूटिंग भारत के विभिन्न शहरों में हुई है। खासकर वाराणसी और हरिद्वार की लोकेशन हॉलीवुड के फिल्मकारों को कुछ ज्यादा ही भाई है।

हॉलीवुड की फिल्में पहले भी भारत में पसंद की जाती थीं। पिछले कुछ सालों में भारतीय बाजार में अपार संभावनाएं भांप कर हिंदी, तमिल और तेलुगू में डब कर के फिल्मों को रिलीज करने का जो नया दांव खेला गया, वह काफी फायदेमंद साबित हुआ है। ‘अवतार’, ‘जुरासिक वर्ल्ड’, ‘टाइटैनिक’, ‘फास्ट ऐंड फ्यूरियस-8’, ‘ट्रांसफार्मर्स’ आदि कई फिल्मों ने सौ करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार कर भारत के प्रति नए सिरे से रुचि जगा दी है। इसी का नतीजा है कि सिल्वेस्टर स्टेलोन ‘कमबख्त इश्क’ में और जॉनी डीप ‘हे बेबी’ में दिखे। अब साजिद नाडियावाला सलमान खान और स्टेलोन को लेकर फिल्म बनाने की सोच रहे हैं।

फिल्म के प्रमोशन के लिए हॉलीवुड के कलाकारों और फिल्मकारों का भारत आने का सिलसिला बढ़ रहा है। ‘मिशन इंपासिबल’ के लिए आए। स्टीवन स्पील बर्ग अपनी फिल्म ‘ब्रिज आॅफ स्पाइस’ की रिलीज के मौके पर भारत में रहने की है। 2013 में पहले भी अपनी फिल्म ‘लिंकन’ का प्रमोशन करने स्पील बर्ग भारत आए थे। फिल्म ‘टाइटैनिक’ के नायक लियोनार्दो द कैप्रियो एक वृत्त फिल्म के निर्माण के सिलसिले में भारत आए। पर्यावरण परिवर्तन पर यह फिल्म है। आठ साल पहले बाल तस्करी पर वृत्त फिल्म बनाने के लिए लिंडसे लोहान भारत आई थीं। दिल्ली और कोलकाता में उन्होंने फिल्म की शूटिंग की। यह अलग बात है कि अपनी गतिविधियों वीजा नियमों का उल्लंघन करने और समस्या का विकृत रूप दिखाने के विरोध और विवाद का उन्हें सामना करना पड़ा।

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