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सेहत: नियमित टहलने के फायदे

दिल और जोड़ों की बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए भी यह व्यायाम लाभदायक और आसान होता है।

Author Published on: October 20, 2019 5:17 AM
स्वास्थ्य को नियंत्रित और दुरुस्त रखने के लिए टहलने से बेहतर कुछ भी नहीं है।

अगर आप लंबे समय से जोड़ों के दर्द, दिल की बीमारी, तनाव, अवसाद और मोटापे से जूझ रहे हैं तो एक बार टहलना शुरू करें। सच मानिए, आपके स्वास्थ्य संबंधी ये सारी समस्याएं कुछ दिनों में ही छू-मंतर हो जाएंगी। जर्नल मेडिसिन एंड साइंस इन स्पोर्ट्स एंड एक्सरसाइज के अनुसार टहलने से पुरानी से पुरानी बीमारी को भी दूर भगाया जा सकता है। स्वास्थ्य को नियंत्रित और दुरुस्त रखने के लिए टहलने से बेहतर कुछ भी नहीं है। हर दिन सिर्फ तीस मिनट तक पैदल चल कर आप अपने दिल को स्वस्थ, हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत रखने के साथ शरीर की अतिरिक्त चर्बी को कम कर सकते हैं।

यही कारण है कि ज्यादातर चिकित्सक और फिटनेस विशेषज्ञ भी रोजाना दौड़ने की जगह टहलने यानी पैदल चलने की सलाह देते हैं। दिल और जोड़ों की बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए भी यह व्यायाम लाभदायक और आसान होता है। टहलने से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप आठ साल के हैं या फिर अस्सी साल के।

दिल रहेगा दुरुस्त

पैदल चलने से आपके दिल के स्वास्थ्य में सुधार आता है। दिल और दिल से जुड़ी बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए वयस्कों के लिए चलना सबसे अच्छा व्यायाम माना जाता है।

वजन होगा कम

अगर आपका वजन धीरे-धीरे बढ़ रहा है और आप बेडौल होते जा रहे हैं तो दिनचर्या में सुबह की सैर यानी पैदल चलने की आदत डालें। इसका आपका तुरंत फायदा दिखेगा। टहलने की सबसे खास बात है कि इसकी शुरुआत आप घर की छत या घर की सामने वाली खुली जगह से भी कर सकते हैं।

मांसपेशियों की बढ़ती है ताकत

प्रतिदिन तेज गति से टहलने से मांसपेशियों को फायदा होता है। इससे पैर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और उनकी क्षमता में इजाफा होता है।

दिन भर रहेंगे तरोताजा

टहलना पूरे शरीर का व्यायाम होता है। दिनचर्या में इसकी आदत डालनी चाहिए। इससे आलस दूर भागता और आप दिन भर तरोजाता महसूस करते हैं। साथ ही इससे शरीर की कार्यक्षमता में भी बढ़ोतरी होती है। यही नहीं, पैर, रीढ़, कुल्हों की हड्डियों और मांसपेशियों भी मजबूत बनाती है।

मधुमेह से बचाव 

अगर आप मधुमेह का शिकार नहीं बनना चाहते, रोजाना टहलने की आदत डालें। प्रतिदिन सुबह-शाम की सैर करके मधुमेह के खतरे को कम किया जा सकता है। कई शोध इस बात की पुष्टि कर चुके हैं कि हफ्ते में करीब तीन घंटे पैदल चलना मधुमेह के खतरे को काफी कम करता है।

रक्तचाप नियंत्रित रहेगा

पैदल चलने से निम्न रक्तचाप में मदद मिलती है। एक अध्ययन के मुताबिक अगर आप प्रतिदिन दस हजार कदम नहीं चलते हैं, तो आपको अपने रक्तचाप के स्तर को बनाए रखने के लिए हर दिन कम से कम साठ मिनट तक चलना चाहिए।

हड्डियों की मजबूती

हड्डियों को मजूबती देने के लिए कुछ देर सुबह टहलना लाभकारी होता है। टहलने से बोन डेंसिटी बढ़ती है। चुंकि सुबह टहलने से सूरज की किरणें भी शरीर पर पड़ती है, जिससे शरीर को विटामिन-डी की प्राप्ति होती है। विटामिन-डी और शरीर में कैल्शियम की प्राप्त मात्रा होने से हड्डियों से जुड़ी बीमारी और दर्द में राहत मिलती है।

मानसिक स्वास्थ्य

टहलना मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। सुबह की ताजी हवा और हल्की धूम में की गई सैर आपको मानसिक शांति प्रदान करती है।

पैंतालीस मिनट टहलने के लाभ

रोजाना पैंतालीस मिनट हवा में टहलने से पैर और पिछले हिस्से की मांसपेशियां के निर्माण, मजबूती और टोन में मदद मिलती है। टहल कर मांसपेशियों की हानि को रोका जा सकता है।

तीस मिनट टहलने के लाभ

हर रोज तीस मिनट पैदल चल कर आप अपना बढ़ा हुआ वजन कम कर सकते हैं। रोज तीस मिनट के टहलने से चयापचय भी ठीक रहता है। यही नहीं, इससे रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) भी कम होता है और सांसों के छोटे होने से भी बचाया जा सकता है।

खाने के बाद जरूर टहलें

कहते हैं भोजन के बाद एक मील पैदल चलन चाहिए। आयुर्वेद भी भोजन के बाद शतपदी यानी सौ कदम पैदल चलने की बात करता है, इसलिए खाने के तुरंत बाद न सोएं और थोड़ा पैदल चलें।

बरतें सावधानी

’अपनी क्षमता के अनुसार ही पैदल चलें।
’शुरुआत में ज्यादा देर तक न टहलनें।
’टहलते समय अपने पॉश्चर का विशेष खयाल रखें।
’कभी भी जब नींद आ रही हो या टहलने का मन न हो, तो बेमन से टहलने न निकलें। टहलते समय मन का प्रसन्न रहना जरूरी है। टहलते समय ध्यान सिर्फ डहलने पर केंद्रित करें, गीत सुनने, बातें, करने से बचें, तो बेहतर।

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