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दाना-पानी: सर्दी का स्वाद

इसे बना कर लंबे समय तक रखा जा सकता है। खाने में कुरकुरा होता है। इसे बनाने के लिए कुछ ज्यादा चीजें जुटाने की मश्क्कत भी नहीं करनी पड़ती। आमतौर पर घरों में उपयोग होने वाले मैदे, बेसन और मसालों के इस्तेमाल से बहुत कम समय में तैयार हो जाती है।

भाखरवाड़ी नमकीन

मानस मनोहर

सर्दी में कुरकुरी, मसालेदार और चटपटी चीजें खाने का आनंद ही कुछ और होता है। मगर हर रोज मूंगफली, पकौड़े और बाजार की डिब्बाबंद चीजें खाते-खाते जी ऊब जाता है। ऐसे में कुछ ऐसी चीजें घर में बना कर रख ली जाएं, जो सभी को पसंद आएं और न सिर्फ स्वादिष्ट हों, बल्कि नाश्ते का विकल्प भी हों। फिर इस मौसम में उपलब्ध फलों-सब्जियों से नए-नए व्यंजन बना कर उनका आनंद न लें, तो सर्दी का मजा कुछ अधूरा रह जाता है। इस बार कुछ ऐसी ही चीजें।

भाखरवाड़ी
यह महाराष्ट्र और गुजरात में आमतौर पर खाई जाने वाली एक प्रकार की नमकीन है। यह अपने आप में पूरा नाश्ता भी है। इसे कुछ लोग बाखरवड़ी भी कहते हैं। खाने में इसका स्वाद कुछ नमकीन, कुछ मीठा और थोड़ा चटपटा होता है, क्योंकि इसमें कई प्रकार के मसालों का उपयोग होता है। इसे चाय के साथ खाने पर स्वाद कुछ और बढ़ जाता है। भाखरवाड़ी बनाना बहुत आसान है। इसे बना कर लंबे समय तक रखा जा सकता है। खाने में कुरकुरा होता है। इसे बनाने के लिए कुछ ज्यादा चीजें जुटाने की मश्क्कत भी नहीं करनी पड़ती। आमतौर पर घरों में उपयोग होने वाले मैदे, बेसन और मसालों के इस्तेमाल से बहुत कम समय में तैयार हो जाती है।

भाखरवाड़ी बनाने के लिए डेढ़ सौ ग्राम या डेढ़ कप मैदा और पचास ग्राम या आधा कप बेसन लें। इसमें आधा चम्मच नमक डालें और सारी चीजों को अच्छी तरह मिला सें। अब पचास ग्राम से कुछ अधिक या एक कलछी देसी घी गरम करके मोयन के रूप में डालें और पहले चम्मच से अच्छी तरह मिला लें। जब कुछ ठंडा हो जाए तो हाथ से मसलते हुए आटे में घी को ठीक से मिला लें। अब थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सामान्य आटा गूंथ लें। ध्यान रखें कि आटा न ज्यादा पतला हो और न ज्यादा कड़ा। अब आटे को थोड़ी देर के लिए ढंक कर रख दें।

अब इसमें डालने का भरावन तैयार कर लें। भरावन तैयार करने के लिए दो बड़े चम्मच धनिया, एक चम्मच जीरा, एक चम्मच सौंफ और एक छोटा टुकड़ा दालचीनी का लें। इन सबको गरम तवे पर चलाते हुए सेंक लें। जब ये मसाले ठंडा हो जाएं, तो ग्राइंडर में डालें, ऊपर से दो चम्मच चीनी, आधा चम्मच लाल मिर्च पाउडर और छह-आठ काली मिर्चें डाल कर महीन पीस लें। इस मसाले को अलग कटोरे में रखें। अब कड़ाही में आधा चम्मच घी गरम करें और उसमें एक से डेढ़ चम्मच बेसन डाल कर चलाते हुए हल्का बादामी रंग आने तक भून लें। इसमें गांठें न पड़ने पाएं, इसलिए चम्मच से मसलते हुए भूनें। जब बेसन भुन जाए तो उसे पिसे हुए मसालों में डालें और सारी चीजों को अच्छी तरह मिला लें। ठंडा हो जाए, तो हाथ से मसल कर मिला लें।

अब भाखरवाड़ी बनाने के लिए गुंथे हुए आटे को एक बार और गूंथ लें और रोटी से थोड़ी बड़ी लोई लेकर चकले पर रोटी की तरह बेल लें। कोशिश करें कि गोल बेलने के बजाय रोटी चौकोर बने, क्योंकि इसे हमें लपेटना है। रोटी की मोटाई न तो अधिक होनी चाहिए और न पतली। रोटी बिल जाए, तो उस पर पहले इमली की खट्टी-मीठी चटनी की पतली परत लगाएं। इससे भाखरवाड़ी का स्वाद थोड़ा चटपटा हो जाता है। अगर चटनी नहीं है, तो सिर्फ पानी लगा सकते हैं। फिर उस पर बेसन और मसालों को मिला कर तैयार मिश्रण की बराबर मोटाई की परत बिछाएं और हल्के हाथों से बेलन चलाते हुए दबा दें। ध्यान रखें कि मसालों की परत बिछाते समय किनारों पर थोड़ी जगह छोड़ दें, ताकि इसे बंद करने में आसानी हो। अब एक किनारे से पकड़ कर रोटी को गोल घुमाते हुए लपेटें। जहां किनारा खत्म होता हो, वहां पानी लगा कर ठीक से बंद कर दें। एक बार गोल रोटी को हथेली के हल्के दबाव के साथ ठीक से आगे-पीछे घुमाते हुए रोल कर लें।
इस रोल के छोटे-छोटे टुकड़े काटें और फिर उन्हें मसाले वाले हिस्से की तरफ से अंगूठे से ठीक से दबा दें, ताकि तलते समय मसाले बाहर न निकलें। अब एक कड़ाही में तेल या घी गरम करें और उसमें इन कटी हुई भाखरवाड़ियों को तलने के लिए डाल दें। ध्यान रखें कि आंच मध्यम हो, नहीं तो तेज आंच पर ये जल जाएंगी और कुरकुरापन भी नहीं आएगा। इसे चाहें तो चटनी के साथ भी खा सकते हैं।

अमरूद की चटनी
अमरूद को फल के रूप में तो सभी खाते हैं, पर इसकी चटनी खाकर देखें, बहुत लाजवाब होती है। इस मौसम में बहुत अच्छे अमरूद मिलते हैं। चटनी बनाने के लिए हरे और बड़े आकार वाले नरम अमरूद लें। पीले और पिलपिले अमरूद की चटनी अच्छी नहीं बनती। चाहें तो अमरूद के बीज वाला हिस्सा अलग निकाल सकते हैं। न भी निकालें, तो कोई बात नहीं। गूदा निकालने से एक फायदा यह होता है कि उसके बीज बाहर निकल जाते हैं, जो खाते वक्त मुंह में नहीं आते। दूसरे, चटनी की मिठास कम हो जाती है। कुछ लोग चटपटी चटनी पसंद करते हैं, उन्हें उसमें मिठास पसंद नहीं होती। इसलिए गूदे को निकाल कर वैसे ही खा लें।

अमरूद के छोटे-छोटे टुकड़े काटें। उसे मिक्सर में डालें और ऊपर से अमरूद के वजन से आधे वजन की मात्रा में हरा धनिया, स्वाद के मुताबिक हरी मिर्चेें, नमक, साबुत सौंफ, जीरा और साबुत धनिया डाल कर बिना पानी डाले पीस लें। अगर आपको पुदीने का स्वाद पसंद है तो कुछ पत्तियां उसकी भी डाल सकते हैं। यों सर्दी में पुदीने का जायका वैसा नहीं आता, जैसा गरमी में आता है। लहसुन भी डाल सकते हैं। अगर खटास अधिक पसंद करते हैं, तो नीबू का रस भी डाल सकते हैं।

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