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दाना-पानी: आनुषंगिक भोजन

भारतीय भोजन में ये चीजें रोजमर्रा और सब जगह परोसी ही जाती हैं। इस बार ऐसे ही कुछ व्यंजनों पर बात करते हैं।

Author Published on: September 15, 2019 6:08 AM
फ्रिज में रखी चटनी फायदा पहुंचाने के बदले नुकसान भी पहुंचा सकती है।

मानस मनोहर

भोजन के साथ परोसी जाने वाली कुछ चीजें अपने आप में संपूर्ण भोजन बेशक न होती हों, पर उनके होने से व्यंजन का स्वाद बढ़ जाता है। उन्हें खाने से तृप्ति मिलती है। उन चीजों में चटनी, अचार, पापड़, रायता, खीर, मिष्ठान्न वगैरह आते हैं। भारतीय भोजन में ये चीजें रोजमर्रा और सब जगह परोसी ही जाती हैं। इस बार ऐसे ही कुछ व्यंजनों पर बात करते हैं।

चटनी
चटनी एक ऐसा व्यंजन है, जो भोजन को न सिर्फ चटपटा बनाता है, बल्कि इसमें कई तरह के विटामिन भी मिलते हैं। इसमें इस्तेमाल होने वाले मसाले और सब्जियां भोजन को पचाने में भी मददगार होती हैं। चटनी हर घर में बनती है और हर इलाके में अलग-अलग चीजों से बनती है। इसका मुख्य गुण चटपटा और तीखा होना है। कई जगह सिर्फ लहसुन और मिर्च पीस कर चटनी बना ली जाती है। टमाटर, लहसुन, धनिया, पुदीना वगैरह की चटनी तो आम है। मगर आमतौर पर चटनी में कच्ची चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह चटनी के जल्दी खराब होने, काली पड़ने का खतरा अधिक रहता है। कई दिन तक फ्रिज में रखी चटनी फायदा पहुंचाने के बदले नुकसान भी पहुंचा सकती है। इसलिए आज चटनी बनाने का कुछ अलग तरीका अपनाते हैं।

टमाटर-प्याज की चटनी
प्याज, लहसुन और टमाटर की चटनी लगभग सभी घरों में बनती है। मगर इसमें थोड़ा-सा बदलाव कर दें, तो यह न सिर्फ और स्वादिष्ट बन सकती है, बल्कि कच्ची चटनी की अपेक्षा टिकाऊ भी हो सकती है। इसके लिए तोड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। सबसे पहले तीन-चार टमाटरों, एक बड़े प्याज और लहसुन की एक छोटी गांठ को गैस की आंच पर भुनने के लिए रख दें। आंच धीमी ही रखें। जैसे बैगन भूनते हैं, उसी तरह प्याज, लहसुन और टमाटरों को भून लें। अगर आपके पास अंगीठी या चूल्हे की व्यवस्था है, तो कोयले या लकड़ी की आंच पर भूनें, स्वाद और बढ़ जाएगा।
एक तवा गरम करें और उस पर आधा चम्मच की मात्रा में साबुत धनिया, सौंफ, अजवाइन, जीरा, चार-पांच काली मिर्च के दाने और दो साबुत लाल मिर्चें सिंकने के लिए डाल दें। इन्हें बस सेंक लें, भूनें नहीं। जब इनमें से महक आने लगे, तो तवे से उतार कर ठंडा होने के लिए रख दें।

अब भुने हुए टमाटरों, प्याज और लहसुन को ठंडा होने दें। फिर उनका छिलका उतारें। इन्हें चटनी पीसने वाले मिक्सर में डालें। ऊपर से सिंके हुए साबुत मसाले, जरूरत भर का नमक और आधा चम्मच चीनी या शहद डालें और चटनी पीस लें। चटनी पिस जाने के बाद उसमें एक नीबू का रस और आधा चम्मच सरसों या जैतून का तेल यानी आलिव आयल डालें और ठीक से मिला दें। यह चटनी भोजन या नाश्ते के किसी भी व्यंजन के साथ परोसी जा सकती है। इसे तीन-चार दिन तक रख भी दें, तो खराब नहीं होगी।

शिमला मिर्च की चटनी
प्याज-टमाटर की चटनी की तरह शिमला मिर्च की चटनी का स्वाद भी निराला होता है। चटनी के लिए लाल शिमला मिर्च उपयुक्त होती है। एक लाल शिमला मिर्च लें और जैसे टमाटरों को भूना था, वैसे ही धीमी आंच पर इसे भी उलट-पलट कर भून लें। साथ में दो टमाटर और कुछ लहसुन की कलियां भी भून लें। इसमें डालने के लिए मसाले भी वही प्रयोग करें, जो टमाटर-प्याज की चटनी के लिए किए थे। उन्हें उपयोग करने से पहले थोड़ा-सा सेंक अवश्य लें। हां, इसमें एक अतिरिक्त चीज बहुत जरूरी है। वह है सफेद तिल। जिस तरह मसालों को सेंका था, उसी तरह सफेद तिल को भी गरम तवे पर महक उठने तक उलट-पलट कर सेंक लें। तिल का रंग सुनहरा हो जाए तो उसे उतार कर ठंडा हेने दें। शिमला मिर्च, टमाटर और लहसुन का छिलका उतार लें। शिमला मिर्च को काट कर उसके भीतर का बीज निकाल लें। अब इन सारी चीजों को मिक्सर में डालें और जरूरत भर का नमक और आधा चम्मच चीनी या शहद डाल कर पीस लें। इसमें भी एक चम्मच सरसों या जैतून का तेल और एक नीबू का रस डालें और ठीक से मिला लें। इस चटनी को भी किसी भी तरह के व्यंजन के साथ परोसा जा सकता है।

चावल की खीर
वल की खीर लगभग हर घर में बनती है। यह भोजन के बाद परोसा जाने वाला सर्वाधिक लोकप्रिय मिष्ठान्न है। चावल की खीर भी हर इलाके में अलग-अलग ढंग से बनती है। मगर सब जगह मुख्य तरीका दूध के साथ चावल को पकाने का ही है। मगर खीर को पकाने के तरीके में थोड़ा बदलाव कर लिया जाए, तो इसका स्वाद बढ़ जाता है। पहली बात कि खीर बनाने के लिए अगर चावल बहुत पुराने न लें, तो खीर गाढ़ी बनती है। बहुत सारे लोगों के पास समय की कमी रहती है, इसलिए फटाफट खीर और चावल को एक साथ डाल कर पका लेते हैं। कई लोग चावलों को मिक्सर में पीस कर या पके चावलों को मसल कर उबले दूध में डाल देते हैं। मगर इस तरह खीर बन तो जाती है, पर खीर का असली स्वाद नहीं आ पाता।

खीर बनाना बहुत समयलेवा काम है। इसे झटपट कभी बनाने का प्रयास न करें। खीर का स्वाद उसके बनाने के तरीके में छिपा होता है। इसका सही तरीका यह है कि दूध अधिक रखें और चावल कम। एक लीटर दूध की खीर बनाने के लिए साठ-सत्तर ग्राम चावल पर्याप्त होते हैं। इसलिए पहले दूध को उबलने के लिए धीमी आंच पर रख दें और बीच-बीच में चलाते रहें। जितनी धीमी आंच पर दूध उबलेगा, खीर का स्वाद उतना ही बढ़िया होगा। इस तरह दूध को उबल कर आधा रह जाने में कम से कम एक से डेढ़ घंटा लगेगा। जब दूध आधा रह जाए, तो उसमें धुले और पहले से भिगो कर रखे चावल डाल दें। थोड़ी देर तक उसे चलाते हुए पकाएं, ताकि चावल आपस में चिपकें नहीं। फिर करीब चालीस मिनट तक पकने दें। जब दूध गाढ़ा होकर चौथाई रह जाए, तो उसमें चीनी डालें और उबाल आने तक चलाते हुए पकाएं।

अब इसमें आप जो भी मेवे डालना चाहते हैं, डाल दें और पांच मिनट तक पकने दें। आप देखेंगे कि खीर का रंग बादामी हो चला है। यही खीर का असली रंग होता है। कई लोग खीर का रंग बादामी करने के लिए उसमें चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करते हैं। यह खीर गरम खाना चाहें, तो गरम खाएं, ठंडा करके खाना चाहें, तो ठंडा खाएं, पर बनाएं धीमी आंच पर ही।

 

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