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दाना-पानी: दालमा और बंगाली शूक्तो

दालमा ओड़ीशा का खास व्यंजन है, जो दाल और सब्जियों के मेल से बनता है। इसे ओड़ीशा में डालमा बोला जाता है। यह कुछ-कुछ दक्षिण में बनने वाले सांभर की तरह होता है, पर इसमें सांभर की तरह इमली का गूदा, नारियल और तीखे मसालों का इस्तेमाल नहीं होता।

Author March 18, 2018 2:05 AM
प्रतीकत्मक तस्वीर।

मानस मनोहर

हम बार-बार इस बात पर जोर देते हैं कि भोजन पकाते समय प्रयोग करते रहने चाहिए। इससे भोजन में एकरसता नहीं आती। प्रयोग करने का सबसे आसान तरीका है कि विभिन्न क्षेत्रों के भोजन का स्वाद लें और अपनी रसोई में उसे बनाने का प्रयास करें। जैसे दाल तो सभी खाते हैं, पर उसे अलग-अलग इलाकों में पकाने का तरीका बदल जाता है। अगर हम अलग-अलग जगहों के व्यंजन पकाने के तरीके अपनाएं तो एक ही चीज को कई तरह से पकाया और खाया जा सकता है। इससे भोजन में पोषण बढ़ाने और संपूर्ण आहार तैयार करने में भी मदद मिलती है।

दालमा

दालमा ओड़ीशा का खास व्यंजन है, जो दाल और सब्जियों के मेल से बनता है। इसे ओड़ीशा में डालमा बोला जाता है। यह कुछ-कुछ दक्षिण में बनने वाले सांभर की तरह होता है, पर इसमें सांभर की तरह इमली का गूदा, नारियल और तीखे मसालों का इस्तेमाल नहीं होता। दालमा को भगवान जगन्नाथ के छप्पन भोग में भी चढ़ाया जाता है, इसलिए इसमें लहसुन और प्याज का उपयोग नहीं होता। वैसे सामान्य रूप से खाना हो, तो लोग इन दोनों चीजों का उपयोग करते हैं। दालमा बनाने के लिए आमतौर दो या तीन तरह की दालों का उपयोग किया जाता है। जबकि सांभर में केवल एक दाल का उपयोग होता है। दालमा बनाने के लिए अरहर यानी तुअर की दाल के साथ धुली उड़द और मसूर की दाल को करीब दो घंटे के लिए भिगो कर रख दिया जाता है। फिर इन्हें कई प्रकार की सब्जियों के साथ पकाया जाता है। वैसे कुछ लोग इसमें सिर्फ एक दाल का उपयोग भी करते हैं। दालमा बनाने के लिए पंचफोरन का उपयोग किया जाता है, जिसे ओड़िया में पंचफुटान कहते हैं। इसमें मेथी दाना, जीरा, सरसों दाना, सौंफ और कलौंजी यानी काला जीरा डाला जाता है। इसके अलावा सूखी लाल मिर्च और तेजपत्ता भी उपयोग किया जाता है। यह दूसरे इलाकों में बनने वाली सब्जियों से इसलिए भिन्न है, कि इसमें कलौंजी का उपयोग होता है। दालमा बनाने के लिए जो भी सब्जियां घर में हों, उन सबका उपयोग किया जा सकता है। मुख्य रूप से इसमें बैगन, कच्चा केला, बींस, गाजर, मूली, कद्दू यानी सीताफल और सहजन की फलियों यानी ड्रम स्टिक का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा अपनी रुचि के मुताबिक दूसरी सब्जियां भी डाल सकते हैं। एक कुकर में दालों और सब्जियों को डालें। उसमें स्वाद के मुताबित नमक, हल्दी और हींग मिला कर दाल में डालने जितना डालें और धीमी आंच पर कम से कम तीन सीटी तक उबालें। जब दाल और सब्जियां उबल जाएं तो आंच बंद कर दें। अब एक कड़ाही में एक चम्मच देसी घी गरम करें। उसमें पंचफुटान, तेजपत्ता और लाल मिर्च का तड़का तैयार करें। अगर आप लहसुन-प्याज डालना चाहते हैं, तो उन्हें भी बारीक काट कर भून लें। फिर उबली हुई दाल और सब्जियों को मिला कर एक उबाल आने दें। दालमा या डालमा तैयार है। इसमें ऊपर से बारीक कटा धनिया पत्ता डाल कर भात के साथ खाने को परोसें। देखें कि यह दालमा अपने आप में संपूर्ण आहार है। सब्जियों और दालों का एक साथ पोषण मिलने से कई चीजें अलग-अलग खाने की जरूरत नहीं पड़ती।

बंगाली शूक्तो

शूक्तो एक तरह की मिक्स वेजीटेबल है। मगर इसे पकाने में आम मिक्स वेजीटेबल की तरह शिमला मिर्च और प्याज का उपयोग नहीं किया जाता। इसमें कच्चा केला और करेला पड़ता है। इसके अलावा थोड़ी-सी चीनी डाली जाती है, जो इसे आम मिक्स वेजीटेबल से अलग करती है। शूक्तो बनाने के लिए आलू, छिलका उतारा हुआ कच्चा केला, बींस, बैगन, कद्दू यानी सीताफल और गाजर का उपयोग करते हैं। इसके अलावा मूंग दाल की कुछ बड़ियां और एक या दो करेले डालना जरूरी होता है। सारी सब्जियों को काट लें। करेले के टुकड़े अलग रखें। अब एक कड़ाही में थोड़ा अधिक तेल गरम करें। उसमें करेले के टुकड़ों को डाल कर तलें। उन्हें तलते हुए ऊपर से हल्दी पाउडर डालें। जब ठीक से तल जाएं तो उन्हें निकाल कर अलग रख लें। इसी तरह मूंग दाल की बड़ियों को सुनहरा होने तक भूनें और अलग रख लें। अब बचे हुए तेल में पंचफोरन यानी जीरा, सरसों दाना, मेथी दाना, सौंफ और थोड़ी-सी अजवाइन या साबुत धनिया के दाने, एक-दो सूखी लाल मिर्च और तेजपत्ता डाल कर तड़का लें। इसमें आलू समेत सभी सब्जियों को डालें और हल्दी पाउडर डाल कर धीमी आंच पर ढक कर नरम होने तक पकने दें। फिर उसमें एक से डेढ़ कप पानी डालें। फिर तली हुई बड़ियां और करेले डाल कर ठीक से मिलाएं। फिर जरूरत भर का नमक और आधा या एक चम्मच चीनी डाल कर ऊपर से धनिया और जीरा पाउडर मिला कर कड़ाही पर ढक्कन लगा कर पकने दें। (वैसे बंगाल में इसमें सरसों का पाउडर भी मिलाया जाता है, पर जो लोग इसे नहीं खाते, उन्हें कड़वा स्वाद आएगा, इसलिए इसे डालना अनिवार्य नहीं है) पानी सूख जाए तो आंच बंद कर दें। शूक्तो तैयार है। बारीक कटा धनिया पत्ता डाल कर परोसें। अलग ढंग और अलग स्वाद की मिक्स वेजीटेबल खाएं और आनंद लें।

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