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कविता- खिलने का खेल

श्याम सुशील की कविताएं।

Author November 5, 2017 2:03 AM
प्रतिकात्मक चित्र।

श्याम सुशील

खिलने का खेल

धरती पर
धूप खिली
धूप में
खिली धरती
क्यारी में
फूल खिले
फूलों से
खिली क्यारी
रात में
तारे खिले
तारों से
खिली रात
राग में
सुर खिले
सुरों में
खिले राग
चेहरे पर
हंसी खिली
हंसी से
खिला चेहरा
कविता में
शब्द खिले
शब्दों में
खिली कविता !

 

कुछ शब्द बोलने में एक जैसे जान पड़ते हैं, इसलिए उन्हें लिखने में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है। इससे बचने के लिए आइए उनके अर्थ समझते हुए उनका अंतर समझते हैं।
शब्द-भेद

चीता बिल्ली प्रजाति का एक पशु होता है। बाघ, चीता और तेंदुआ इसकी तीन प्रजातियां हैं, जबकि चिता उसे कहते हैं, जिस पर शव को जलाया जाता है।

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