ताज़ा खबर
 

जनसत्ता सेहत: रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं

लंबे समय तक बाजार या पैकेट वाला खाना खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। कारण कि एक तो इन खानों में प्रिजरवेटिव्स के रूप में हानिकारक रसायन होते हैं दूसरा इन खानों से शरीर को सही पोषण नहीं मिलता, जिसके कारण आप बार-बार बीमार पड़ते हैं।

जनसत्ता सेहत: रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं

रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी के कमजोर होने के कारण कुछ लोग बार-बार बीमार पड़ते हैं। वहीं कुछ लोगों बड़ी से बड़ी बीमारी से भी पार पा जाते हैं। आखिर ऐसा क्यो हैं? ये सवाल मन में आते हैं। दरअसल, प्रत्येक शरीर में प्राकृतिक तौर पर बीमारियों यानी नुकसानदेह जीवाणुओं, विषाणुओं और माइक्रोब्स आदि से लड़ने की क्षमता होती है। इसे ही रोग प्रतिरोधक शक्ति या इम्यूनिटी कहते हैं। वातावरण में मौजूद जीवाणु और विषाणु जब हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं, तो हमारे शरीर का प्रतिरोधक तंत्र उन्हें परास्त कर देता है। लेकिन, कई बार ये जीवाणु और विषाणु शरीर के प्रतिरोधक तंत्र को भेद देते हैं, जिसके कारण हम बीमार पड़ जाते हैं।

कमजोर होने के कारण
’लंबे समय तक बाजार या पैकेट वाला खाना खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। कारण कि एक तो इन खानों में प्रिजरवेटिव्स के रूप में हानिकारक रसायन होते हैं दूसरा इन खानों से शरीर को सही पोषण नहीं मिलता, जिसके कारण आप बार-बार बीमार पड़ते हैं।
’देर तक जागना और देर तक सोते रहना या फिर दिन में सोना और रात में जागने से भी प्रतिरक्षा प्रणाली प्रभावित होती है।
’पानी कम पीने से भी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है।
’हम शरीर को जैसा ढालते हैं, शरीर वैसा ही बन जाता है। इसलिए अधिक शारीरिक या मानसिक श्रम या कोई कार्य नहीं करने से भी हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली पर असर पड़ता है।
’बहुत सारे लोग सुबह की सैर, योग या किसी भी प्रकार के कसरत को बेकार मानकर नहीं करते, इससे भी हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली प्रभावित होती है।

प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के उपाय
’स्वस्थ रहना और बीमारियों से बचना है तो जरूरी है कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाए। योग, कसरत या सुबह की सैर करके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। अनुलोम-विलोम, प्रणायाम, कपालभाती, ब्रह्मारी, ओम के ध्यान के साथ ताड़ासन, वृक्षासन, हस्तपादासन, भुजंगासन, मकरासान, अर्धकटिचक्रासन और सूर्य नमस्कार जैसे कुछ योगासनों से भी शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता में बढ़ोतरी होती है।

’आजकल कई लोगों में विटामिन डी की कमी देखी गई है। विटामिन डी की कमी से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसलिए सुबह नौ बजे से पहले की धूप का सेवन जरूर करें। इससे कई रोगों से लड़ने की ताकत तो मिलती ही है, साथ ही हड्डियां भी मजबूत होती हैं। विटामिन डी की कमी को दूर करने के लिए तिल या कच्ची मूंगफली का दूध भी ले सकते हैं।

’सुबह उठने के बाद खाली पेट पानी पिएं। ऐसा करने से पित्त पानी के साथ पेट में चला जाता है और मल-मूत्र के साथ शरीर से बाहर निकल जाता है। विषाक्त पदार्थों के शरीर से बाहर निकलने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

’पौष्टिक और संतुलित आहार लेने की आदत डालें। दिनचर्या में विटामिन, मिनरल, कार्बोहाइडेट और प्रोटीन युक्तआहार को जरूर शामिल करें। निश्चय कर लें कि हर रोज आहार में अंकुरित अनाज, दूध, फल और मौसमी हरी सब्जियां जरूर हों। भोजन में सलाद और दाल का सेवन अधिक करें। ये शरीर की रोग प्रतिरोधकता को बढ़ाती हैं।

’बादाम, किशमिश और अंजीर जैसे सूखे मेवों को रात में भिंगोकर रखें और सुबह खाली पेट खाएं। इससे न सिर्फ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, बल्कि शरीर को ताकत भी मिलती है। सूखे मेवे शरीर में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले ‘नेचुरल किलर सेल्स’ को बढ़ाते हैं, जो विषाणुओं और जीवाणुओं को नष्ट करने में सहायक होते हैं। बादाम और मूंगफली में विटामिन-ई की प्रचुरता होती है। यह आपको कैंसर और दिल की बीमारी से बचाता है।

’नए शोध बताते हैं कि कई लोगों के बार-बार बीमार होने का एक प्रमुख कारण पर्याप्त नींद नहीं लेना भी होता है। यही कारण है कि बीमारियों की शिकायत लेकर जाने वाले मरीजों को डॉक्टर हफ्ते भर आराम करने या फिर भरपूर नींद लेने की सलाह देते हैं। स्वस्थ शरीर के लिए सात या आठ घंटे की नींद जरूरी है।

’आज सभी बीमारियों की जड़ में तनाव है। इसलिए तनाव से दूर रहने के लिए योग या ध्यान (मेडिटेशन) करें।
’दिनभर में आठ गिलास या दो लीटर पानी जरूर पिएं।
’ओजवर्धक चीजों के सेवन से प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। गिलोय, अश्वगंधा, लहसुन, हल्दी, गुलर और आंवले को ओजवर्धक माना जाता है। ये सारी चीजें प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित करती हैं, इसलिए आयुर्वेद में इन्हें ‘मॉड्यूलेटर’ कहा जाता है। ओजवर्धक चीजों के सेवन के साथ, दिनचर्या, व्यवहार और खानपान में बदलाव करके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा खाने में धनिया पाउडर, काली मिर्च, सौंठ आदि के सेवन से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मिलती है। ल्ल

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 जनसत्ता रविवारी दाना पानी: रंग-ए-दोप्याजा
2 रविवारी शख्सियत: उषा मेहता
3 रविवारी शख्सियत: भगत सिंह होने का मतलब
IPL 2020
X