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दाना-पानी: मशरूम के व्यंजन, कड़ाही मशरूम और मशरूम पकौड़ा

मशरूम सेहत की दृष्टि से बहुत गुणकारी सब्जी है। पर कई लोगों के मन में इसे लेकर कुछ गलत धारणाएं बैठी हुई हैं, इसलिए वे इसे नहीं खाते। बहुत सारे लोग जो इसे खाते हैं, उन्हें पता ही नहीं होता कि इससे लाजवाब व्यंजन बनाए जा सकते हैं। यानी मशरूम स्वाद और सेहत का खजाना है। आज मशरूम के कुछ अलग तरह के व्यंजन।

Author December 9, 2018 12:42 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

मानस मनोहर

मशरूम की सब्जी हर किसी को पसंद होती है। यह स्वास्थ्यवर्धक और अनेक औषधीय गुणों से युक्त होता है। यह कई बीमारियों को दूर करने में मददगार है। इसमें एमीनो एसिड, मिनरल, विटामिन जैसे पौष्टिक तत्त्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसीलिए मशरूम को चीन में महाऔषधि और रोम में लोग इसे ईश्वर का आहार मानते हैं। मशरूम में आठ प्रकार के विटामिन पाए जाते हैं। इतने सारे गुण किसी एक सब्जी में शायद ही पाए जाते होंगे। इसलिए मशरूम को अगर नियमित आहार में शामिल किया जाए, तो स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं से पार पाया जा सकता है। मशरूम को सब्जी, सूप और पकौड़े कई रूपों में खाया जाता है। आज हम इसकी कुछ अलग तरह से सब्जी और पकौड़े बनाएंगे।

कड़ाही मशरूम
आपने कड़ाही पनीर तो बनाया और खाया होगा, पर आज हम कड़ाही मशरूम बनाएंगे। इसे बनाने का तरीका भी वही है, जो पनीर में इस्तेमाल किया जाता है। प्रति व्यक्ति सौ ग्राम मशरूम पर्याप्त होता है। मशरूम को पहले थोड़ी देर नमक मिले गरम पानी में डाल कर रखें। फिर उसे मल कर साफ कर लें। पोंछ कर उसका पानी सुखा लें और फिर चार टुकड़ों में काट लें। इन टुकड़ों पर आधा चम्मच नमक, आधा चम्मच कुटी लाल मिर्च, चार-छह कुटी काली मिर्च डाल कर ठीक से मिलाएं और ढक कर एक तरफ रख दें। इसके अलावा आधा प्याज और आधा शिमला मिर्च के लंबे-लंबे पतले लच्छे काट कर अलग-अलग रख लें। अगर इसमें मटर खाना पसंद करते हैं, तो कुछ हरी मटर के दाने भी ले लें।

अब इसकी तरी बनाने की तैयारी कर लें। इसके लिए दो लोगों पर एक बड़ा प्याज और एक बड़ा टमाटर लेना चाहिए। इन्हें मोटा-मोटा काट लें। इसके साथ ही कुछ अरक और लहसुन की कलियां छील कर ले लें। एक कड़ाही में तेल गरम करें। उसमें पर्याप्त सरसों तेल गरम करें। उसमें आधा-आधा चम्मच जीरा, साबुत धनिया, सौंफ, अजवाइन और हींग का तड़का दें। उसमें पहले प्याज और फिर टमाटर, लहसुन, अदरक डाल कर चला लें। आधा चम्मच नमक और आधा चम्मच हल्दी पाउडर डाल कर कड़ाही को ढक दें। आंच धीमी रखें और इसे पंद्रह से बीस मिनट तक पकने दें। जब टमाटर-प्याज पक कर अच्छी तरह नरम हो जाएं तो गैस बंद कर दें और इसे ठंडा होने दें। जब ठंडा हो जाए तो बिना पानी डाले मिक्सर में पीस लें। फिर दूसरी कड़ाही गरम करें। उसमें एक चम्मच तेल डालें। आंच तेज रखें और एक-एक कर तीस से चालीस सेंकेंड के लिए लच्छे के रूप में कटे प्याज, शिमला मिर्च, मशरूम और मटर को अलग-अलग भूनें और अलग रख दें। ध्यान रहे, इन चीजों को पकाना नहीं है, बस तेल में चलाते हुए निकाल लेना है। इसी कड़ाही में तीन-चार चम्मच तेल और डालें और उन्हीं चीजों का तड़का लगाएं, जो पहले डाला था। इस बार चाहें, तो हींग छोड़ सकते हैं, क्योंकि पहले हम इसका उपयोग कर चुके हैं। अब पिसे हुए टमाटर प्याज को डाल कर तेल छोड़ने तक धीमी आंच पर पकाएं। थोड़ा-सा पानी डालें और फिर उसमें मशरूम सहित सभी सब्जियों को डाल कर करीब दस मिनट तक पकाएं। तरी गाढ़ी ही रखें। सब्जी पक जाए, तो ऊपर से गरम मसाला, कुटी हुई लाल मिर्च, कसूरी मेथी और जरूरत हो तो थोड़ा-नमक और डाल कर एक मिनट के लिए पकाएं और आंच बंद कर दें। इसे धनिया और अदरक से सजा कर गरमा-गरम परोसें।

मशरूम पकौड़ा
मतौर पर लोग मशरूम को साबुत या फिर टुकड़ों में काट कर बेसन में लपेटते और पकौड़ा बना लेते हैं। पर मशरूम के पकौड़ों का मजा भरवां बनाने पर आता है। इसके लिए मशरूम के डंठल को तोड़ लें और चाकू की नोक से सावधानीपूर्वक मशरूम के भीतर का गूदा निकालते हुए खोल बना लें।
अब एक उबला हुआ आलू और उतनी मात्रा में पनीर लें। इन्हें कद्दूकस पर घिस लें। इसमें हरा धनिया, अदरक, हरी मिर्च महीन काट कर मिलाएं और जरूरत भर का नमक डालें। मशरूम के डंठल और गूदे को भी महीन काट कर इसी में मिला दें और ठीक से मल कर मिश्रण बना लें। इस मिश्रण को मशरूम की खोल में दबा कर भरें। अब दो मशरूमों के भरे हुए हिस्से को आपस में चिपकाएं और टुथपिक या किसी तीली में पिरो कर दोनों को जोड़ दें।
फिर हल्दी, अजवाइन, हींग और नमक डाल कर बेसन का गाढ़ा घोल तैयार करें। कड़ाही में सरसों का तेल गरम करें। भरे हुए मशरूमों को बेसन में लपेटें और गरम तेल में तलते जाएं। पकौड़ा जब भी बनाना हो, आंच तेज ही रखें, नहीं तो पकौड़े तेल ज्यादा सोखते हैं। मशरूम के पकौड़ों को पहले आधा पकने यानी बेसन की परत कड़ी होने तक तलते हैं और फिर उन्हें ठंडा करके दुबारा मद्धिम आंच पर तलना चाहिए। इससे कुरकुरापन बढ़ जाता और भीतर की सामग्री ठीक से पक जाती है। इसे गरमा-गरम लाल चटनी के साथ परोसें।

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