ताज़ा खबर
 

दाना-पानी: सर्द मौसम में हरे व्यंजन, चने का साग और मटर का निमोना

सर्दी आते ही बाजार में हर तरफ हरी भरी सब्जियां ही दिखाई देती हैं। दरअसल इस मौसम में लोगों को हरी सब्जियां ज्यादा पसंद आती हैं, क्योंकि हरी सब्जियों से हमें विटामिन और खनिज की भरपूर मात्रा मिलती है। इन दिनों खास बात यह होती है कि आपको तरह-तरह के साग बाजार में मिलने लग जाते हैं। जब तक सरसों, पालक, बथुआ या चने का साग नहीं खाया तो सर्दी का मौसम अधूरा रह जाता है। ये खाने में तो स्वादिष्ट होते ही हैं साथ ही पौष्टिक भी होते हैं। तो इस बार हम आपकी सर्दी अधूरी नहीं रहने देंगे। पेश है चने का साग और मटर का निमोना।

Author December 30, 2018 1:39 AM
चने के साग में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन व विटामिन पाए जाते हैं।

मानस मनोहर

सर्दी आते ही मौसम के बाद जो दूसरा परिवर्तन दिखता है वह है सब्जी का बाजार और आपकी रसोई। हरी सब्जियों से बाजार पट जाता है। तो रसोई घर में स्वाद क्यों न बदले। इसलिए इस बार ठंड के मौसम में आने वाली दो सब्जियों की खूबियों व इसके स्वाद की बात करेंगे। चने का साग बनाने के लिए यह समय बिल्कुल मुफीद है। क्योंकि इस समय चने की पत्तियां काफी नरम और मुलायम हैं जिसे खाने में अलग ही स्वाद आता है। दूसरी तरफ मटर के दानों से आगे बढ़कर उसको पीसकर बनने वाली सब्जी निमोना का स्वाद भी आप चख सकते हैं। यह खाने मेंं जितना स्वादिष्ट होगा उतना ही स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।

चने का साग
सरसों का साग तो जुबान पर बसा है लेकिन क्या आपने कभी चने का साग भी खाया है? चने का साग हमारे शरीर में प्रोटीन की आपूर्ति करता है इसलिए इसे प्रोटीन का राजा भी कहा जाता है। इन दिनों बाजार में चने का साग बहुत अधिक मात्रा में उपलब्ध है। साग सिर्फ पत्तियों का नहीं बल्कि इसमें मक्का, बाजरा या फिर गेहूं का आटा मिलाकर भी इसे बना सकते हैं। चने का साग खाने में पौष्टिक और स्वादिष्ट होता है। चने के साग में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन व विटामिन पाए जाते हैं। यह कब्ज, मधुमेह, पीलिया आदि रोगों में बहुत फायदेमंद होता है। चने का साग चने के हरे पत्तों से बनाया जाता है। चने के पौधे फूल आने से पहले तोड़ा जाता है और इन पत्तों से चने की भाजी बनाई जाती है। इससे चने के पौधे को भी लाभ होता है, इस तरह तोड़ने से पौधा और घना हो जाता है। चने का साग बनाने के लिए आप चने को धोकर अच्छे से उसे बिचार लें। मोटे डंठल हटाकर सिर्फ पत्तियां और नर्म डंठल ही रखें। अब बारीक काट लें। कूकर में साग और थोड़ा पानी लें और नमक डालकर एक से दो सीटी लगाएं। आप चाहें तो इसमें थोड़ी चने की दाल का प्रयोग कर सकते हैं। साग पकने के बाद आप बाजरा, मक्का या फिर गेहूं के आटे का घोल बनाकर साग में डाल दें। ध्यान दें कि घोल में गुठली न पड़े। अब इसे धीमी आंच में हिलाते हुए पकाएं और तब तक पकाएं जब तक आपका साग और आटे का घोल एक-दूसरे में अच्छे से मिल न जाए। ज्यादा गाढ़ा हो तो पानी मिला सकते हैं। याद रखें आटे और साग को घोटना ही इस साग के स्वादिष्ट बनने का राज है। अब एक कढ़ाही में सरसो का तेल गर्म करें उसमें टमाटर, लहसुन, अदरक, सूखी लाल मिर्च, हरी मिर्च, जीरा और हींग डाल कर पका लें और उसमें तैयार साग को पलट दें। आपका चने का साग बनकर तैयार है। आप स्वाद बढ़ाने के लिए चने के साग के साथ थोड़ा बथुए का साग भी मिला सकते हैं। बाजरा, मक्का और गेहूं मेंं कोई एक आटा ही आप घोल बनाने के लिए लेना होगा। इसे मक्का, बाजरा या फिर गेहूं की रोटियों के साथ गर्म-गर्म परोसिए।

मटर का निमोना
जितना मटर खाने में अच्छा लगता है उतना ही यह स्वास्थय के लिए फायदेमंद है। इससे तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजन भी बना सकते हैं। किसी भी सब्जी या फिर हल्के फुल्के व्यंजन में दो चार मटर के दाने स्वाद बढ़ा देते हैं। कभी-कभी इस मौसम में बहुतायत में मटर आने से लोग मटर खाकर बोर हो जाते हैं। ऐेसे में आप मटर का निमोना बना सकते हैं। इसे उत्तर भारत में लोग खूब पसंद करते हैं। वैसे हरे मटर में प्रोटीन, फाइबर तथा विटामिन-बी समूह के कई विटामिन पाए जाते हैं। विशेषकर विटामिन-बी6 प्रचुरता से होता है। इसमें पाया जाने वाला प्रोटीन उच्च गुणवत्ता का होता है। खनिज बहुतायत में और कैल्शियम अल्प मात्रा में पाया जाता है।

शाकाहारी लोगों को मटर से अच्छा प्रोटीन प्राप्त होता है। हरे मटर को घर पर फ्रिज में सुरक्षित करके साल भर काम में लिया जा सकता है। ऐसा करने पर भी इसके पोषक तत्व बने रहते हैं। यह पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद होता है। निमोना बनाने के लिए सबसे पहले मटर के दाने निकालकर उसे पीस लीजिए। कुछ दाने बचाकर भी रख सकते हैं। पीसे हुए मटर को तेल या घी में हींग के साथ अच्छे से भूने। ऐसा करने से मटर का कच्चापन खत्म हो जाएगा और अच्छी खुशबु आएगी। अब प्याज, अदरक, लहसुन, हरी मिर्च, खड़े गरम मसालों को मिलाकर पीस लें और अलग रखें। आलू भी पतले-पतले काटकर सुनहरा तल कर अलग रख लें। सरसो का तेल गर्म करें और उसमें जीरे और हींग का तड़Þका देने के बाद पीसे हुए मसाले के पेस्ट को डालकर अच्छे से भूने। टमाटर और नमक मिलाने के बाद हल्दी, लाल मिर्च, पिसी धनिया, जीरा पाउडर डालें और भूने। इसे तब तक भूने जब तक मसालों से तेल अलग न होने लगे। अब पिसी हुई मटर और बचे दानों को मसाले में मिलाकर भूने और फिर तले हुए आलू भी डाल दें। धीमी आंच पर 15 से 20 मिनट पकाएं। हल्का पानी भी मिला सकते हैं। चावल के साथ में ये निमोना बहुत ही स्वादिष्ट लगता है। इसे रोटी, पराठे या पूरी के साथ भी परोस सकते हैं। जब भी साधारण मटर की सब्जी से अलग तरह का कुछ खाने का मन हो, तब इसे बनाइए।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X