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सेहत: बचें त्वचा के संक्रमण से, जानिए बचाव और इसका इलाज

यह एक से दूसरे में भी आसानी से फैल सकता है। त्वचा विशेषज्ञ ही सही तरीके से जांच कर समस्या का उपचार बता पाते हैं। किसी विशेषज्ञ के पास जाकर आप अपनी समस्या को सही तरीके से ठीक कर सकते हैं।

Author July 15, 2018 2:08 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

बरसात के मौसम में अक्सर त्वचा का संक्रमण यानी फंगल इनफेक्शन परेशान करता है। सिर में, जांघों के बीच और शरीर के उन हिस्सों में यह संक्रमण अधिक होता है, जहां का पसीना जल्दी नहीं सूखता। संक्रमण वाली जगहों पर पहले खुजली शुरू होती है और फिर संक्रमण से पानी जैसा तरल पदार्थ निकलने सगता है, उस जगह पर दर्द रहने लगता है।
त्वचा का संक्रमण मुख्य रूप से आर्द्रता की वजह से होता है। शरीर के जिस हिस्से में पसीना देर तक जमा रहता है, ठीक से सफाई नहीं हो पाती, वहां खास तरह के बैक्टीरिया पैदा होते हैं और वे त्वचा का संक्रमण फैलाते हैं। फंगल इंफेक्शन के कई प्रकार होते हैं।

एथलीट फुट : पैरों के गीले होने से पैरों की उंगलियों के बीच संक्रमण हो जाता है, जिसे एथलीट फुट कहते हैं। नाखूनों में फंगल इंफेक्शन ज्यादा होता है। वैसे तो यह संक्रमण शरीर के किसी भी भाग में हो सकता है, लेकिन जांघ में फंगल इंफेक्शन अधिक होता है।

बैक्टीरिया से संक्रमण: इस तरह के संक्रमण के कारण फोड़े-फुंसियों की समस्या पैदा हो जाती है। इस मौसम में किशोरों में मुहांसे की समस्या भी ज्यादा होती है। हवा में नमी ज्यादा होने से सिर में सूखापन आ जाता है। उमस भरे वातावरण के कारण त्वचा में एलर्जी की समस्या भी पैदा हो जाती है। इसके कारण डर्माटाइटिस (त्वचा का लाल होना या सूजन होना) और बालों में रूसी जैसी समस्या होती है। सामान्य त्वचा संक्रमण की तुलना में सिर की त्वचा में संक्रमण के लक्षण थोड़े अलग होते हैं। आपने अक्सर सिर पर छोटे फोड़े या चिपचिपी परत देखी होगी। ऐसे में जितनी जल्दी हो सके विशेषज्ञ की मदद लें। अगर इसका समय पर उपचार न हो तो बाल झड़ने लगते हैं और समस्या भी बढ़ सकती है। इस समस्या की पहचान करना बहुत आसान है। अगर आपको सिर में खुजली, बालों का गिरना, सिर पर फोड़ा या फुंसी जैसी परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सक के पास जाएं। सिर की त्वचा में संक्रमण से बचाव के लिए अपने सिर को सूखा रखना चाहिए। बारिश में भीगने के बाद अगर आपने बालों को सही तरीके से न सुखाया तो यह बालों में नमी का कारण बनती है। यह त्वचा संक्रमण का कारण है। मानसून में फंगल संक्रमण से बचने का सबसे अच्छा तरीका सफाई है। ऐसे में एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल पाउडर इस्तेमाल किया जा सकता है।

बचाव: इस मौसम में अगर कहीं शरीर पर खुजली हो रही हो, तो त्वचा को रगड़ना नहीं चाहिए। रगड़ने से त्वचा छिल जाती है और संक्रमण तेजी से फैलता है। त्वचा के संक्रमण से बचने के लिए-

– त्वचा को सूखा और स्वच्छ रखें।
– सूती कपड़े पहनें, क्योंकि सिंथेटिक कपड़ों में हवा का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता।
– जूते और मोजे की जगह चप्पलें और सैंडिल या फिर ऐसे जूते पहनें, जिनमें हवा जा सकती हो।
– बरसात में बालों के गीला होने पर घर आकर उन्हें धोकर सुखा लें।
– पानी पर्याप्त मात्रा में पीएं ताकि त्वचा सूखी न रहे।

इलाज: बैक्टीरिया का संक्रमण होने पर एंटीबयोटिक दवाएं दी जाती हैं। इसी तरह डॉक्टर के परामर्श से फंगल इंफेक्शन की दवाएं भी दी जाती हैं। त्वचा की एलर्जी के लिए भी एंटी एलर्जिक दवाएं दी जाती हैं। याद रखें, किसी के कहने से या फिर अपनी मर्जी से कोई क्रीम या दवा न लें। बालों के लिए हल्के शैंपू का इस्तेमाल किया जा सकता है।

– खानपान और साफ-सफाई का ध्यान रखकर इन समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है। मौसम के हिसाब से स्वच्छता का ध्यान रखें और अधिक तैलीय भोजन से परहेज करें।

– फंगल संक्रमण की संभावना कम करने के लिए नहाने के बाद शरीर को सूखे तौलिए से तुरंत सुखाएं। हर समय शरीर को सूखा रखने की कोशिश करें। बालों को सप्ताह में दो बार अच्छी तरह धोएं। मानसून में फंगल संक्रमण से बचने के लिए सही उत्पाद का चुनाव कर उसका प्रयोग करें।

– त्वचा के लिए एंटीबैक्टीरिया वाला साबुन प्रयोग करें। हर्बल उत्पादों का अधिक प्रयोग करें।

– इस मौसम की समस्याओं को लोग अनदेखा कर देते हैं, जबकि कभी-कभी यह गंभीर रूप ले लेती है। अधिकांश लोग चिकित्सक के पास न जाकर बाजार से फंगल संक्रमण की दवाएं खरीद कर उनका प्रयोग करते हैं, जो बहुत गलत है। एक ही दवा सभी पर एक तरह प्रभाव करे, यह जरूरी नहीं है। लोगों में फंगल संक्रमण के कारण और लक्षण अलग-अलग होते हैं।

– यह एक से दूसरे में भी आसानी से फैल सकता है। त्वचा विशेषज्ञ ही सही तरीके से जांच कर समस्या का उपचार बता पाते हैं। किसी विशेषज्ञ के पास जाकर आप अपनी समस्या को सही तरीके से ठीक कर सकते हैं।

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