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पहनावा और पहचान

गरमी यानी चिलचिलाती धूप, सिर से पैर तक बहता पसीना और चिपकते कपड़े। उफ्फ। न चाहते हुए भी बस चाहत होती है कि कुछ हल्का-फुल्का ही पहनें।

Author April 30, 2017 4:56 AM
प्रतीकात्मक चित्र

पूजा मेहरोत्रा 

ग रमी यानी चिलचिलाती धूप, सिर से पैर तक बहता पसीना और चिपकते कपड़े। उफ्फ। न चाहते हुए भी बस चाहत होती है कि कुछ हल्का-फुल्का ही पहनें। और यही चाहत हमें मौसम के मिजाज के हिसाब से ट्रेंडी बनने को मजबूर कर देती है। गरमी आते ही हम वार्डरोब में रखे मोटे कपड़ों को बॉय-बॉय कह देते हैं। आकर्षक दिखना, लोगों के बीच अपने स्टाइल, लुक और ड्रेसिंग की वजह से पहचाना जाना किसे पसंद नहीं होता। और बात जब युवाओं की हो तो क्या कहने। युवा चाहते हैं वह गरमी में कुछ ऐसा पहनें जो राहत देने के साथ-साथ लोगों को आकर्षित भी करे। सभी चाहते हैं इस मौसम में हमारी ड्रेस एकदम अलबेली हो, जो सौम्य भी लगे और और चलन के हिसाब से भी हो। पहनावा केवल तन ढंकने का उपाय नहीं होता, बल्कि वह आपकी पहचान, आपकी शख्यियत को भी तय करता है।  शोरूम में हजारों की संख्या में डिजाइन, रंग और पैटर्न देखने को मिलेंगे। तो इस बार अगर आपने अभी तक गरमियों की शॉपिंग नहीं की है, तो ध्यान रखिए कि ड्रेस के मैटेरियल के साथ उसके रंग पर भी ध्यान देना जरूरी होता है। इस मौसम में लड़का हो या लड़की या फिर उम्रदराज लोग, हल्के रंग के कपड़े ही लेने चाहिए ,जब आप उसे पहनें तो वह आपके शरीर को गरमी का अहसास न होने दे और आपको जो देखे उसकी आंखों को ठंडक भी मिले।
हमेशा ध्यान रखें कि इस मौसम के लिए सूती कपड़े ही बेहतर माने जाते हैं। बाजार में गरमी को ध्यान में रखकर कई चीजें मौजूद है, जिसमें कॉटन मिक्स सिल्क, शिफॉन, लिनन, जॉरजट और हैंडलूम और खादी से बने वस्त्र हैं। इन कपड़ों में पसीने को सोखने की क्षमता होती है। फैशन के लिहाज से देखा जाए तो एक दुबली लड़की पर तिरछी लाइन कपड़े ज्यादा फबते हैं क्योंकि वह कपड़ा उसके दुबलेपन को थोड़ा ढंक देता है। छोटी कद-काठी वाली लड़कियों को खड़ी लाइन वाले कुर्ते उसे छोटा दिखने से तो बचाते ही हैं, साथ ही ऐसे कपड़े फबते भी हैं। गरमी से बचने के लिए अधिकतर लड़कियां स्लीवलेस ड्रेस पहनना पसंद करती हैं लेकिन इससे धूप में हाथों की त्वचा जल सकती है। दोपहर में हमेशा ऐसी ड्रेस पहने जो कॉटन और फुल स्लीव्ज की हो। रात को आप चाहें तो स्लीवलेस पहन सकती हैं।

कॉटन, शिफान की ड्रेसेस फॉर्मल लुक देती हैं और अच्छे भी लगते हैं। इस मौसम में लिनन और जॉरजट के लांग स्कर्ट पहनने से आपको गरमी में मिलता है ठंडक का अहसास। कॉटन हैंडलूम और खादी ठंडक पहुंचाने वाले और पसीना सोखने वाले फेब्रिक हैं जिससे आप तपती गरमी में भी अच्छा महसूस करते हैं। बुजुर्ग महिलाएं सलवार कमीज पहनें। खादी का कुर्ता स्टाइल से पहनें, जो ढीला हो उसके साथ ही चूड़ीदार सलवार पहनें। इस मौसम में कली वाले कुर्ते अनारकली पैटर्न में अलग-अलग प्रिंट के साथ पहने जा सकते हैं।
वैसे जो सबसे ध्यान देने वाली बात है वह यह की इस गरमी के मौसम में सिल्क, साटन, सिंथेटिक, कोलेस्टर मिक्स, नायलॉन, वेलवेट कपड़ों से बचना चाहिए क्योंकि ये शरीर में हवा नहीं जाने देते और संक्रमण को भी दावत देते हैं। भारी फैब्रिक के कपड़े भी पहनने से बचना चाहिए क्योंकि इसे संभालना मुश्किल होता है।गरमी के मौसम में न केवल कपड़ों के चयन में एहतियात बरतना चाहिए, बल्कि रंग और डिजाइन और पैटर्न पर नजर रखनी चाहिए। गरमी में घेरदार कुर्ते, जॉरजट और शिफॉन पर की गई फ्लोरल प्रिंट, कॉटन सिल्क, टसर के साथ खासतौर से ब्लॉक प्रिंट, वेजीटेबल, कॉटन मिक्स लिनन फैब्रिक का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।गरमी में फैशन कूल होना चाहिए। ज्यादा चमकाली रंगन पहनें व लिनन और कॉटन के कपडों का इस्तेमाल करें। कॉटन के प्रिंट, कुशन, साधारण क्रोशिया वाली डिजाइन के फैब्रिक इस मौसम के लिए बेहतर हैं। अधिकतर गरमी में ब्रश पेंटिंग और डाई पेंटिंग की ड्रेस भी अच्छी लगती है। युवाओं को अपने आराम के हिसाब से कॉटन पैंट और सलवार कमीज, कॉटन सूट, अनारकली सूट पहनना चाहिए।

गरमी के कपड़ों की फिटिंग करवाते वक्त देखें किवह ढीला-ढाला हो। टाइट फिटिंग वाले कपड़ों में भले ही आपका फिगर अच्छा दिखे, पर आपको उन कपड़ों में आराम नहीं महसूस होगा। गरमी के मौसम में पसीने के कारण चिपके कपड़ों से बुरा कुछ और नहीं हो सकता है। टाइट फिटिंग वाले कपड़े पहनने पर पसीना भी ज्यादा निकलता है।
वैसे युवा का दूसरा नाम है प्रयोग। प्रयोग करने से डरना कभी नहीं चाहिए। गरमी ही एक ऐसा मौसम है, जब कपड़ों के मामले में तरह-तरह के प्रयोग किए जा सकते हैं। वैसे तो किसी भी मौसम के लिए ये बातें कही जा सकती है लेकिन आंख मूंद कर फैशन ट्रेंड को अपनाना कोई बुद्धिमानी नहीं है। जब एक्सपेरीमेंट का मूड बनाएं तो इस बात का भी ध्यान रखें कि आपने जो एक्सपेरीमेंट किया है वह आप पर अच्छा भी दिखे। कैप्री के साथ कुर्ता या फिर ढीली फिटिंग वाली पैंट के साथ कॉटन की शर्ट आपको आकर्षक लुक देती है। इनदिनों फ्लोरल बॉटम्स काफी ट्रेंड में हैं। फिर चाहे फ्लोरल प्रिंट की लांग स्कर्ट हो या पलाजो। लेकिन इसमें सबसे ज्यादा ध्यान यह देना है कि जब आप फ्लोरल प्रिंट के प्लाजो या फिर बॉटम्स लें तो आप सिंगल कलर की शॉर्ट कुर्ती या टैंक टॉप के साथ मैच कर पहनें न की फ्लोरल टॉप के साथ। वैसे तो कुर्ती और जींस का कांबिनेशन हमेशा ही बना रहा है शायद इसीलिए इसे एवरग्रीन ट्रेंड कहते चले आ रहे हैं। लेकिन जब बात गर्मियों की हो रही है तो कोई भी जींस नहीं चलेगी बल्कि इस मौसम के लिए आइस ब्लू रिप्ड जींस के साथ फ्लोरल कुर्ती या टॉप पहन कर खुद को अलग दिखाया जा सकता है। वैसे तो गरमियों में जितना ढीला ढाला कपड़ा हो उतना ही अच्छा कहा जाता है। अगर आपको अपने लुक के साथ ज्यादा प्रयोग पसंद नहीं है तो आप फ्लोरल स्कार्फ या दुपट्टे के साथ भी कई तरह से खुद को अलग दिखा सकती हैं और दोस्तों में अपनी पसंद के लिए वाहवाही भी जुटा सकती हैं। हल्के रंग के सलवार कमीज के साथ फ्लोरल दुपट्टा बहुत जंचता है।

ज ब आप अपने वॉर्डरोब को गरमी के हिसाब से बदलने की सोच रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि फ्लोरल प्रिंट के साथ कौन से रंग आपको थोड़ा सा अलग बना रहे हैं। सफेद तो सदबहार रंग है, लेकिन उसके साथ ही पीचए लेमन, स्काई ब्लू और ग्रे कलर भी गरमी के पसंदीदता रंग हैं। जबकि नियोन कलर का क्रेज भी पिछले कई वर्षों से युवाओं में बना हुआ है। जब बात नजाकत और नफासत की आती है तो लखनऊ की चिकनकारी आपके वार्डरोब को और आकर्षक बना देती है। ऐथनिक वियर में चिकनकारी आंखों के साथ शरीर को भी ठंडक देता है। चिकनकारी का काम कॉटन और जॉर्जेट में काफी पसंद किया जाता है और यह आपको काफी ट्रेंडी लुक भी देते हैं। पुरुषों के लिए इस मौसम में खासतौर पर आधी बांह की शॉर्ट चिकनकारी कुर्तियां आकर्षित करती है। वैसे शर्ट में भी काफी रेंज मौजूद है। अगर फैशन एक्सपर्ट की मानें तो गरमी में भारी भरकम प्रिंट और गहरे रंग के कपड़ों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जाना चाहिए। अगर आपका बजट थोड़ा कम है तो निराश न हों। आप कम पैसों में भी स्टाइलिश दिख सकती हैं। नुक्कड़ की दुकानों पर भी बहुत कुछ है आपके लिए। एक बात जो हमेशा याद रखनी है वह यह कि इन दिनों एक चीज जो फैशन भी है और जरूरत भी वह है स्टोल्स। गरमी से निपटने के लिए अपने पर्स के साइड में स्टोल जरूर बांध कर रखें, जरूरत पड़ते ही पर्स के कोने से निकाला और चेहरे को ढंक लिया। इसकी सबसे ज्यादा डिमांड होती है। वैसे इस दिनों लड़कों में भी स्टोल्स का चलन देखा जा रहा है। लड़के डिजाइनर असमिया गमछे भी बहुत स्टाइल से रखने लगे हैं और यह धीरे-धीरे चलन में आ गया है। १

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