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जानकारी: विचित्र आंखें

प्रकृति ने मानव के अलावा अन्य जीव जंतुओं को भी आंखें प्रदान की हैं लेकिन कुछ जानवरों की आंखें वाकई किसी अजूबे से कम नहीं हैं

Author December 18, 2016 1:11 AM
यदि आपको यात्रा के दौरान उल्लू दांयी ओर दिखे तो यात्रा असफल होगी (Source: Express Archives)

प्रकृति ने मानव के अलावा अन्य जीव जंतुओं को भी आंखें प्रदान की हैं लेकिन कुछ जानवरों की आंखें वाकई किसी अजूबे से कम नहीं हैं। क्या आप इस बात पर यकीन कर सकते हैं कि किसी प्राणी के तीन आंखें हो सकती हैं? मगर छिपकली जैसा दिखने वाला टुआटेरा एक ऐसा जंतु हैं जिसके तीन आंखें होती हैं। रिकोसिफेलिया वर्ग का यह प्राणी न्यूजीलैंड में पाया जाता है। शंकु आकृति की तीसरी आंख को पाइनिअल आई कहते हैं जो कि सिर के बीच मस्तिष्क के ऊपर एक छेद में स्थित होती है।

छिपकली प्रजाति का एक जंतु है स्किंक। यह सिंसिंडाई परिवार के अंतर्गत आता है। लहरा लहराकर चलने वाले इस प्राणी की आंख की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह उसे बंद करके भी देख सकता है। जमीन में बिल बनाते समय या कूडेÞ करकट में से भोजन तलाशते समय यह अपनी आंखें बंद कर लेता है। इसकी आंखों में एक स्थाई पारदर्र्शी झिल्ली होती है जिसकी वजह से आंखें बंद करने पर भी उसे सब कुछ दिखाई देता है। अगर चमगादड़ों की आंखें होती हैं जिससे वे देख सकते हैं लेकिन रोचक तथ्य यह है कि उड़ते समय वे अपनी आंखों का इस्तेमाल नहीं करते। अगर इनकी आंखों को गोंद से चिपका भी दिया जाए तो भी ये बिना टकराए उड़ सकते हैं। उड़ते समय ये अपने मुंह और कान की सहायता लेते हैं। आंखों का इस्तेमाल केवल कीडेÞ मकोड़े या अपने भोजन को देखने में करते हैं। आंखों से आंसू छूटते तो आपने देखे होंगे लेकिन आंसू की बजाय खून की पिचकारी छूटने लगे तो आश्चर्य होना स्वाभाविक है। उत्तरी अमेरिका और मेक्सिको में एक छिपकली पाई जाती है जिसे होंर्डटोड कहते हैं। जब कोई हमलावर इन पर हमला करता है तो ये उस पर अपनी आंखों से खून की पिछकारी छोड़ती है जो काफी दूर तक जाती है। खून की इस फुहार से शिकारी की आंख में जलन होने लगती है और इसे बचने का मौका मिल जाता है। दरअसल, जरूरत पड़ने पर यह अपने सिर का रक्तदाब बढ़ा देती है जिससे आंखों की सूक्ष्म रक्त कोशिकाओं की झिल्ली फट जाती है और खून की फुहार छूट निकलती है।

उल्लू की आंखें पीली, बड़ी गोल और चमकीली होती है और बगल में न होकर हमारी आंखों की तरह सामने होती है। वह हमारी तरह पलक झपका सकता है।कुछ जानवर रात के अंधेरे में भी देख सकते हैं जैसे बिल्ली, शेर, कुत्ता, मगरमच्छ आदि। कीट अपनी आंखें कभी बंद नहीं करते। यहां तक कि सोते समय भी उनकी आंखें खुली रहती हैं। माना जाता है कि हाथी को अपनी आंखों से कोई भी वस्तु उसके वास्तविक आकार से दोगुनी बड़ी दिखाई देती है। गिरगिट की आंखें सिर के ऊपरी किनारों पर होती है। क्या आपने चश्मेवाले भालू देखे हैं ? उष्ण कटिबंधीय दक्षिणी अमेरिका में पाए जाने वाले भालुओं की आंखों के चारों ओर बालों के हल्के, सफेद रंग के गोले, बने होते हैं और नाक के ऊपर इसी हल्के रंग के बालों की एक रेखा सी होती है। इसे देखने पर ऐसा लगता है जैसे वह चश्मा लगाए है। मनुष्य के अलावा केवल बंदर ही ऐसा जानवर है जो अलग अलग रंगों की पहचान कर सकता है। शहद की मक्खियों की आंखें लाल रंग की पहचान नहीं कर सकतीं। इन्हें लाल रंग काले रंग की तरह दिखता है। ०

 

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