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खानपान में संतुलन, असंतुलित आहार गंभीर विकार

ज्यादातर लोगों में अपच हल्की और कभी-कभार होती है। अपच का उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि इसका कारण क्या है और आपके लक्षण कितने गंभीर हैं। अगर आपको कभी-कभी हल्के दर्द और बेचैनी के साथ अपच होती है, तो आपको उपचार के लिए अपने चिकित्सक से मिलने की जरूरत नहीं है।

खानपान में संतुलन, असंतुलित आहार गंभीर विकार

अपच यानी भोजन ठीक से न पच पाने की समस्या किसी भी उम्र के व्यक्ति में हो सकती है। आजकल तो बच्चों में भी यह समस्या आम हो चली है। बढ़ती उम्र के साथ यह परेशानी बढ़ती जाती है। भोजन ठीक से न पच पाने की वजह से अनेक समस्याएं पैदा होती हैं। आजकल खानपान की बदलती आदतों की वजह से यह समस्या अधिकतर लोगों में देखी जाती है। अगर थोड़ी-सी सावधानी बरतें, तो इस परेशानी से आसानी से मुक्ति पाई जा सकती है।

लक्षण: अपच के लक्षणों में पेट का हमेशा भरा या फूला हुआ महसूस होना, सीने में जलन, उबकाई आना, डकार आदि प्रमुख हैं।
कारण: पेट का अम्ल जब पाचन तंत्र के संवेदनशील और सुरक्षात्मक परत के संपर्क में आता है, तो अपच होती है। पेट का अम्ल परत को तोड़ता है, जिससे जलन और पीड़ा होती है। ज्यादातर मामलों में अपच भोजन में गड़बड़ी की वजह से होती है, मगर यह धूम्रपान, शराब पीने, गर्भावस्था या कुछ दवाएं लेने की वजह से भी हो सकती है। अगर आपका वजन अधिक है, तो आपके पेट के अंदर बढ़ते दबाव के कारण आपको अपच होने की अधिक संभावना है।

उपचार: अपने आहार और जीवन शैली में बदलाव करके आसानी से अपच से छुटकारा पाया जा सकता है। अधिकांश लोगों को अपनी अपच के लिए चिकित्सा सलाह लेने की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, अगर आपको बार-बार अपच हो रही है और आपका वजन बेवजह कम हो गया है, भोजन निगलने में कठिनाई बढ़ रही है, लगातार उल्टी होती है, उल्टी या मल में खून आता है तो तुरंत डाक्टर से सलाह लेनी चाहिए। गंभीर अपच आपके पाचन तंत्र के कुछ हिस्सों में लंबी अवधि की समस्याएं पैदा कर सकती है।

हालांकि ज्यादातर मामलों में अपच के लिए कोई खास चिकित्सीय कारण नहीं होता। यह आमतौर पर एसिड रिफ्लक्स नामक एक प्रक्रिया के कारण होता है, इसमें पेट से अम्ल निकल कर भोजनाली में प्रेवश करता है। ज्यादातर लोगों में अपच हल्की और कभी-कभार होती है। अपच का उपचार इस बात पर निर्भर करता है कि इसका कारण क्या है और आपके लक्षण कितने गंभीर हैं। अगर आपको कभी-कभी हल्के दर्द और बेचैनी के साथ अपच होती है, तो आपको उपचार के लिए अपने चिकित्सक से मिलने की जरूरत नहीं है। अपने आहार और जीवन शैली में कुछ साधारण से बदलाव करके इससे मुक्ति पाई जा सकती है।

  • अधिक वजन होने के कारण आपके पेट पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे पेट के अम्ल के लिए आपकी भोजन नली (गुलेट) में वापस जाना आसान हो जाता है। इसे एसिड रिफ्लक्स के रूप में जाना जाता है, और यह अपच के सबसे सामान्य कारणों में से एक है। अगर आप अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं, तो नियमित व्यायाम और स्वस्थ, संतुलित आहार लेकर धीरे-धीरे वजन कम करें।
  • अगर आप धूम्रपान करते हैं, तो सिगरेट के धुएं के रसायन आपका अपच बढ़ा सकते हैं।
  • ऐसे भोजन और पेय पर ध्यान दें, जिसके सेवन से आपको अपच होती है। इनसे बचें। कम मसालेदार और कम वसायुक्त भोजन करें। ऐसे पेय पदार्थों में कटौती करें, जिनमें कैफीन होता है, जैसे चाय, काफी और कोला आदि। शराब छोड़ें या कम करें।
  • सोने का समय तय करें। सोने से तीन से चार घंटे पहले भोजन कर लें। पूरे भरे पेट के साथ सोने जाने का मतलब है कि जब आप लेटते हैं, तो आपके पेट का अम्ल आपकी भोजननली में आ जाएगा।

घरेलू नुस्खे

सबसे बेहतर है कि भोजन का समय निर्धारित करें और हमेशा गरम और ताजा भोजन ही खाएं। जीवन-शैली में बदलाव लाएं। इसके अलावा अपच दूर करने में कुछ घरेलू नुस्खे काफी कारगर साबित होते हैं।
खाने के बाद सौंफ चबाएं। सौंफ का रस अपच दूर करने में काफी मददगार साबित होता है।
सौ ग्राम अजवाइन में दो चम्मच काला नमक और पांच नीबू का रस डाल कर अच्छी तरह मिलाएं और छाए में सुखा कर रख लें। रात को भोजन के बाद इसमें से एक छोटा चम्मच मिश्रण चबा कर पानी पी लें। बहुत आराम मिलेगा।
त्रिफला का सेवन भी इसमें अच्छा रहता है।
जब पेट में जलन महसूस हो तो पुदीने का रस भी लाभकारी होता है।
रोज रात को या सुबह भोजन के बाद यूनीएन्जाइम की एक गोली खा लें, तो इससे भोजन पचाने में काफी मदद मिलती है।

(यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। उपचार या स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए विशेषज्ञ की मदद लें।)

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