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जब बदरा बरसे रिमझिम रिमझिम

बरसात में आरामदायक के साथ कुछ ‘ट्रेंडी’ और ‘स्टाइलिश’ जूते-चप्पल भी पहने जा सकते हैं। परिधानों के अनुसार आजकल ये बाजार में अलग-अलग रंगों और डिजाइनों में उपलब्ध हैं।

Author July 7, 2019 5:34 AM

बरसात की उमस भरी गरमी से बचने के लिए आलमारी में पूरी बाजू और गाढ़े रंग के कपड़ों की जगह सूती, बिना बाजू वाले और हल्के रंग के कपड़ों ने जगह बना ली है। लेकिन इस मौसम में पैरों में क्या पहना जाए, कुछ समझ नहीं आता है। बरसात में जहां देखो कीचड़, पानी और फिसलन होती है, जिससे चलने में परेशानी होती है। बावजूद इसके दफ्तर या किसी समारोह में कुछ भी पहन कर नहीं जाया जा सकता है। जूते-चप्पल केवल हमारे पैरों की सुरक्षा नहीं करते, बल्कि वे फैशन में भी शुमार हो गए हैं। बरसात में आरामदायक के साथ कुछ ‘ट्रेंडी’ और ‘स्टाइलिश’ जूते-चप्पल भी पहने जा सकते हैं। परिधानों के अनुसार आजकल ये बाजार में अलग-अलग रंगों और डिजाइनों में उपलब्ध हैं।

सैंडल बढ़ाए पैरों की खूबसूरती
बरसात में सैंडल से आरामदायक कुछ भी नहीं होता है। सैंडल तो हमेशा से ही लड़कियों की पहली पसंद रही है। आज बाजार में अंगूठे और बिना अंगूठे के डिजाइन वाली सैंडल की भरमार है। बाजार में आज विभिन्न ब्रांड की कई तरह के रंग और डिजाइन में सैंडल उपलब्ध हैं। आप अपनी पसंद और मौके के हिसाब से इनका चुनाव कर सकती हैं। जैसे दफ्तर के लिए ‘फॉर्मल’, घूमने या बाजार जाने के लिए ‘कैजुअल’ और समारोह के लिए ‘पार्टीवियर’ सैंडल का चुनाव कर सकती हैं। टी-शर्ट, जींस, स्कर्ट, फ्लोरल ड्रेस, प्लाजो और पतलून के साथ भी इन स्टाइलिश सैंडल्स को पहना जा सकता है। हालांकि युवतियां सलवार-सूट के साथ सैंडल पहनना पसंद करती हैं। इन सैंडल की सबसे बड़ी खासियत है कि ये काफी हल्की-फुल्की और सपाट होती हैं, जिसे आप पानी से भरी सड़क पर पहन कर भी चल सकती है। ये सैंडल रबड़ और प्लास्टिक के अलावा ऐसी सामग्री की बनी होती हैं, जिनका बारिश भी कुछ नहीं बिगाड़ सकती। वैसे फैशन के लिए कभी-कभी ऊंची एड़ी वाली सैंडल भी पहनी जा सकती हैं।

सपाट तले के जूते
गरमी और बरसात में सपाट तले वाले यानी फ्लैट जूते-चप्पल सभी की पहली पसंद होते हैं। बाजार में कई तरह के फ्लैट चप्पलें मौजूद हैं, जो जींस और कुर्ते के साथ बेहद आकर्षक व्यक्तित्व देती हैं। बाजार में रबड़ वाली, स्ट्रैप, स्लिम, ब्रॉड, ब्लिंग, प्लेन लेदर के फ्लैट्स उपलब्ध हैं। सबसे खास बात कि इनके लिए ज्यादा पैसे भी खर्च भी नहीं करने पड़ेंगे।

थोड़ा ऊंची एड़ी के भी पहनें
बरसात में हर समय बारिश नहीं होती है। ऐसे में आप ऊंची एड़ी यानी ‘हील्स’ को विकल्प के तौर पर देख सकती हैं। हील्स को दफ्तर या पार्टी में भी पहना जा सकता है। अगर आपको हील्स में खुद को सहज नहीं पाती हैं तो कोई बात नहीं, आप ‘क्रीपर्स’ वाले सैंडल पहनें। ये भी आपके व्यक्तित्व को निखारने का काम करती हैं।

कोल्हापुरी चप्पल और जूतियां
क्या सर्दी क्या गरमी, बरसात ही क्यों न हो, कोल्हापुरी चप्पलें और जूतियां हमेशा से चलन में रही हैं। कुर्ता, सलवार-सूट, स्कर्ट, जींस और टी-शर्ट और कैप्री के साथ कोल्हापुरी चप्पलें एक अलग ही लुक देती हैं। वहीं कोल्हापुरी जूतियां पटियाला सूट या परंपरागत सलवार-सूट और साड़ियों के साथ भी खूब फबती हैं।

बेली
अगर आप सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करती हैं या फिर आपको रोज का घंटों का सफर है, तो बेलीज पहनें। बेलीज एक तो आपके पैरों को ढंक करके रखती हैं, ऊपर से बस या मेट्रो में लोगों के पैरों से भी आपको बचाती हैं। बरसात के मौसम के लिए बाजार में रबड़, प्लास्टिक, सिंथेटिक कपड़े वाली बेली उपलब्ध हैं। इसमें हील्स का विकल्प भी मौजूद है। बेली को भी सभी तरह के ड्रेस जैसे फॉर्मल र्श्ट-पैंट, जींस, टी-शर्ट, स्कर्ट और सलवार-सूट के साथ प्रयोग में लाया जा सकता है।

बरसाती बूट
लंबी स्कर्ट और जींस के साथ बूट काफी समय से चलन में हैं। बरसात में नेट, प्लास्टिक वाले बूट पहने जा सकते हैं। बूटों में कई डिजाइन हैं, इनमें कुछ ‘हाफ’ तो कुछ फुल बूट, तो कुछ में साइड जिप तो कुछ में बैक जिप वाले विकल्प मौजूद हैं।

बदबू न फैलाएं
इस मौसम में गीले जूते-चप्पल पहनने से पैरों से बदबू आने लगती है, जिससे आपके साथ आपके आसपास वाले भी परेशान हो सकते हैं। इसलिए बरसात में खुली चप्पलें या फिर सैंडल ही पहनें, ताकि पैरों को हवा मिल सके और वे आसानी से सूख सकें।

संक्रमण से बचें
बरसात के दिनों में पैरों में ‘फंगल इंफेक्शन’ की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए दफ्तर या कॉलेज से वापस आने के बाद पैरों को हल्के गुनगुने पानी या फिर डिटॉल मिले पानी से धोएं। धुले पैरों को साफ तौलिया से अच्छी तरह सुखाएं। पैरों की सफाई के लिए महीने में दो बार पेडीक्योर भी करवा सकती हैं। अगर पैरों में किसी तरह का संक्रमण दिखाई दे, तो चिकित्सक की सलाह जरूर लें।
वातावरण में नमी और हर जगह जल जमाव होने से पैरों में खाज-खुजली या फिर दूसरे तरह के संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसलिए इस मौसम में शरीर के बाकी हिस्सों की तरह पैरों की
साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। ये कुछ उपाय आजमाएं-
’ बरसात में खुले और आरामदायक जूते-चप्पल पहनें।
’ हर रोज एक ही जूते न पहनें।
’ जूते पहने से पहले पैरों में टेलकम पाउडर जरूर लगाएं।
’ जूते-चप्पलों को थोड़ी देर धूप और खुली हवा में भी रखें।
’ तंग जूते-चप्पल पहनने से परहेज करें। इससे न सिर्फ पैरों में सूजन होगी, बल्कि पूरे समय असहज महसूस करेंगे।

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