ताज़ा खबर
 

प्रसंगवशः काका और महात्मा

काकासाहेब ने बापू से पूछा, ‘आप भी आएंगे ना?’ बापू ने कहा, ‘बार-बार जाना मेरे नसीब में नहीं है। एक दफा हो आया इतना ही काफी है।’ इस जवाब से काका को दुख हुआ। वे चाहते थे कि बापू भी साथ चलें।

Author Published on: August 2, 2020 1:31 AM
गांधी दक्षिण भारत की यात्रा पर थे। उनके साथ अन्य सहयोगियों के अलावा काकासाहेब कालेलकर भी थे।

महात्मा गांधी ने वैसे तो अपने जीवन को ‘सत्य का प्रयोग’ कहा, पर यह प्रयोग सभी लोगों के लिए आज एक बड़ी सीख की तरह है। न जाने कितने ऐसे प्रसंग हैं, जिनमें गांधी ने अपने व्यवहार से लोगों को प्रभावित किया है, जीवन का नया पाठ पढ़ाया है। ऐसा ही एक प्रसंग 1926 का है। गांधी दक्षिण भारत की यात्रा पर थे। उनके साथ अन्य सहयोगियों के अलावा काकासाहेब कालेलकर भी थे। वे सुदूर दक्षिण में नागर-कोइल पहुंचे। वहां से कन्याकुमारी काफी पास है। इस दौरे के पहले के किसी दौरे में वे कन्याकुमारी हो आए थे। वहां के मनोरम दृश्य से वे खासे प्रभावित हुए थे और यह सब उनके मन में कहीं बस गया था।

बापू जहां ठहरे थे, उस घर के गृहस्वामी को बुलाकर उन्होंने कहा, ‘काका को मैंं कन्याकुमारी भेजना चाहता हूं। उनके लिए वाहन का प्रबंध कर दीजिए।’ कुछ देर के बाद उन्होंने देखा कि काकासाहेब अभी तक घर में ही बैठे हैं, तो उन्होंने गृहस्वामी को बुलाया और पूछा, ‘काका के जाने का प्रबंध हुआ या नहीं?’ किसी को काम सौंपने के बाद उसके बारे में दरियाफ्त करना बापू की आदत में शुमार नहीं था। फिर भी उन्होंने ऐसा किया। साफ है कि कन्याकुमारी से वे कुछ ज्यादा ही प्रभावित थे।

काकासाहेब ने बापू से पूछा, ‘आप भी आएंगे ना?’ बापू ने कहा, ‘बार-बार जाना मेरे नसीब में नहीं है। एक दफा हो आया इतना ही काफी है।’ इस जवाब से काका को दुख हुआ। वे चाहते थे कि बापू भी साथ चलें।

बापू ने काकासाहेब को नाराज देख कर गंभीरता से कहा, ‘देखो, इतना बड़ा आंदोलन लिए बैठा हूं। हजारोंं स्वयंसेवक देश के कार्य में लगे हैं। अगर मैं रमणीय दृश्य देखने का लोभ संवरण न कर सकूं, तो सबके सब स्वयंसेवक मेरा ही अनुकरण करने लगेंगे। अब हिसाब लगाओ कि इस तरह कितने लोगों की सेवा से देश वंचित होगा? मेरे लिए संयम रखना ही अच्छा है।’

 

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 दाना-पानी: पत्ता-पत्ता जायकेदार
2 सेहत: बरसात में स्वास्थ्य की देखभाल मौसम परिवर्तन और संक्रमण
3 शख्सियत: स्मृति और आधुनिकता के साझे का चितेरा तैयब मेहता
ये पढ़ा क्या?
X