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फल खाने के बारे में जरूरी सलाह, फल का सेवन न हो निष्फल

आमतौर पर लोग समय और मौसम का ध्यान रखे बगैर फलों का सेवन करते हैं, जिससे शरीर को अपेक्षित लाभ तो नहीं ही मिलता है, नुकसान की आशंका जरूर प्रबल हो जाती है।

Author Updated: February 21, 2021 12:11 AM
Life style and fruitफलों के खाने से जो लाभ मिलते हैं, वह सही वक्त और सही फल खाने से दोगुना हो जाता है।

आजकल सेहत को लेकर खूब जागृति आई है। लोगबाग चाहते हैं कि उनका जीवन और खानपान का अभ्यास ऐसा हो कि सेहत की समस्या परेशान न करे। पर इसमें एक गड़बड़ी भी देखने में आ रही है। सेहत की बेहतरी के नाम पर लोगों के बीच कुछ समझ ऐसी भी बन रही है, जिनसे लाभ के बजाय स्वास्थ्य की हानि ज्यादा हो रही है। ऐसा ही एक मसला फलों के सेवन से जुड़ा है। आमतौर पर लोग समय और मौसम का ध्यान रखे बगैर फलों का सेवन करते हैं, जिससे शरीर को अपेक्षित लाभ तो नहीं ही मिलता है, नुकसान की आशंका जरूर प्रबल हो जाती है।

इस बारे में आगे बात करने से पहले कुछ आधारभूत बातों को समझ लेना जरूरी है। स्वस्थ मन और शरीर के लिए सबसे जरूरी है- अच्छा भोजन, अच्छी नींद और सकारात्मक सोच। हमारा शरीर उस समय सबसे अच्छे तरीके से काम कर पाता है, जब वह पूरी तरह स्वस्थ हो। ऐसे ही हमारा मन तब बहुत अच्छा परिणाम दे पाता है, जब वह पूरी तरह तनावमुक्तहो। वैज्ञानिक हिदायत के साथ फलों के सेवन से हमें मन को प्रसन्न और शरीर को स्वस्थ रखने में खासी मदद मिलती है।

मौसमी फल
महंगे फल ही अच्छे होते हैं, यह समझ ठीक नहीं है। दरअसल, फल खरीदना भी एक कला है। वे लोग यकीनन खुशकिस्मत होते हैं जिन्हें बचपन में घर के बुजुर्गों के साथ बाजार घूमने और खरीदारी करने का अवसर मिला है। इसमें जो बात सबसे जरूरी है, वह यह कि कोई भी फल के बजाय मौसमी फल खरीदना चाहिए। आजकल बाजार में स्टोर किए हुए फल और सब्जियां सब कुछ मिलते हैं। हमें शरीर को प्रकृति के अनुकूल बनाना है, न कि उसके खिलाफ चलना है। प्रकृति हमें मौसम के हिसाब से वे फल और सब्जियां देती है, जो हमारे शरीर को पोषण देकर उसे स्वस्थ रख सके।

खाने का तरीका
फलों को अपनी खुराक में जरूर शामिल करना चाहिए लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि फल आप जब-तब खाएं। इस सिलसिले में पहली हिदायत तो यह कि फलों को हमेशा तभी खाना चाहिए, जब वे ताजे हों। उन्हें कई दिन रखकर खाने से हानि तो कुछ नहीं होती है लेकिन फल खाने का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। रखे हुए फल जैसे-जैसे पुराने होते जाते हैं, वैसे-वैसे उनकी पोषण क्षमता कम होती जाती है।

फलों को हमेशा पहले अच्छी तरह धो लें तभी उसे खाएं। कोशिश करें कि जिन फलों को आप छिलके सहित खा सकते हैं, उन्हें छिलके के साथ ही खाएं। जैसे सेब, नाशपाती, अमरूद, चीकू आदि। इन फलों के छिलके फाइबर युक्त होते हैं और इनमें बड़ी मात्रा में पोषण होता है। फलों को काला नमक लगाकर खाने से फल का स्वाद तो बढ़ ही जाता है, साथ ही हमारा पाचन भी बेहतर होता है क्योंकि काला नमक सुपाच्य होता है। लिहाजा फलों के साथ इसका सेवन गुणकारी है।

जरूरी हिदायत
..आमतौर पर फलों के सेवन से जुड़े इस जरूरी हिदायत की अवहेलनना करते हैं कि फलों को कभी भी खाने के साथ या खाने के तुरंत बाद नहीं खाना चाहिए।
..फल खाने का सबसे अच्छा समय सुबह नाश्ते के बाद और दोपहर के खाने से पहले है। इसके अलावा आप दोपहर के खाने और रात के भोजन के बीच भी फल खा सकते हैं।
..कोशिश करें कि जो भी फल खाएं उसे सूर्यास्त से पहले खा लें। क्योंकि ज्यादातर फलों में नैचरल शुगर होती है।
..फलों के सेवन के बारे में आयुर्वेद में स्पष्ट सलाह दी गई है। आयुर्वेद कहता है कि फलों से हमारे शरीर को ऊर्जा मिलती है। रात के समय फल खाने से हम उस ऊर्जा का उपयोग नहीं कर पाते हैं, लिहाजा यह हमारी नींद और सेहत दोनों के विपरीत जाता है।
..अगर आप भारी भोजन के साथ या तुरंत बाद फल खाते हैं तो आपको उनमें मौजूद पोषक तत्व नहीं मिलेंगे। भोजन में मौजूद कार्ब्स और प्रोटीन के साथ फल सही प्रकार से पचेंगे नहीं, जिससे आपके शरीर को सिर्फ कैलोरी मिलेगी, जो कि संभव है फैट के रूप में संचित होकर आपका वजन बढ़ाने का ही काम करें। इन दोनों ही स्थितियों में आपके शरीर को फल खाने का पूरा लाभ नहीं मिलेगा इसलिए ऐसे समय पर फल न खाएं।

(यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। उपचार या स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए विशेषज्ञ की मदद लें।)

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