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सेहतः रक्तचाप की समस्या

बीमारियां पता पूछ कर नहीं आतीं। वे नहीं देखतीं कि हम गरीब हैं या अमीर। बीमारी बड़ी हो या छोटी, किसी को भी हो सकती है। कोई भी परेशानी किसी बच्चे को भी हो सकती है और किसी बुजुर्ग या नौजवान को भी। ऐसी ही एक परेशानी है रक्तचाप। यह रक्तचाप निम्न या उच्च होता है। दोनों रक्तचाप के अलग-अलग कारण हैं। तो आइए, जानते हैं कि ये दोनों तरह के रक्तचाप क्यों होते हैं। इनसे बचने के उपाय क्या हैं और क्या सावधानियां बरती जानी चाहिए।

क्या है रक्तचाप की समस्या

हमारे हृदय का काम रक्त वाहिनियों में रक्त का संचार करना है। यह संचार इतनी तेजी से होता है कि वह पूरे शरीर में फैल सके। रक्त धमनियों पर पड़ने वाले खून के दबाव को रक्तचाप कहते हैं। रक्तचाप का कम होना या ज्यादा होना दोनों ही हानिकारक होते हैं। जब निम्न रक्तचाप होता है तब तेज चक्कर आना, छाती में दर्द, अनियमित धड़कनें, सांस फूलना, थकान, तेज बुखार, गर्दन का अकड़ जाना जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। तो वहीं उच्च रक्तचाप में शुरुआती दौर में तो कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन जब यह समस्या बढ़ जाती है तब सांस में परेशानी, सिर दर्द, चक्कर आना, नींद न आना आदि लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

कितना होना चाहिए सामान्य रक्तचाप

सामान्य व्यक्ति में रक्तचाप 120/80 मिलीमीटर होना चाहिए। अगर इससे कम रक्त संचार होता है तो शरीर की धमनियां सख्त हो जाती हैं। तब उनमें रक्त संचार ठीक से नहीं हो पाता। जब रक्त धमनियों में जाएगा नहीं, तो शरीर का वह अंग ठीक से काम नहीं कर पाएगा। अगर सामान्य से ज्यादा रक्तचाप होता है तो उच्च रक्तचाप की समस्या होती है। अगर रक्तचाप 90/60 है तो निम्न रक्तचाप की समस्या होती है। शरीर में रक्त का स्तर सामान्य बना रहना चाहिए। अन्यथा गंभीर परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।

उच्च रक्तचाप के कारण

शुरुआती कारण नहीं दिखते

बरेली जिला अस्पताल में जनरल फिजिशियन डॉक्टर वागीश मिश्र के अनुसार पंचानबे फीसद मरीजों के रक्तचाप बढ़ने का कारण पता नहीं होता। इसलिए हम इसे इसेंशियल हाइपरटेंशन कहते हैं। जिन चार फीसद मरीजों की किडनी ठीक से काम नहीं करती वे भी उच्च रक्तचाप की समस्या से पीड़ित रहते हैं। एक फीसद मरीजों में एन्डोक्राइन ग्लैंड में गड़बड़ी होने की वजह से रक्तचाप बढ़ता है।

असंतुलित खानपान

अगर खानपान संतुलित न हो और शरीर में पोषक तत्त्वों की कमी होने लगे तब भी रक्तचाप बढ़ने लगता है। इसके अलावा नमक ज्यादा खाना, मसाले वाला खाना और जंक फूड भी उच्च रक्तचाप की समस्या को बढ़ाते हैं।

व्यस्त जीवनशैली

आजकल की जीवनशैली ऐसी है कि व्यक्ति व्यस्त रहता है। इस वजह से तनाव में अधिक रहता है। तनाव की वजह से हृदय गति बढ़ सकती है और इससे रक्तचाप बढ़ता है।

नींद पूरी न होना

डॉक्टर वागीश बताते हैं कि जीवनशैली व्यस्त होने की वजह से आजकल हम आठ घंटे की नींद नहीं ले पाते। जब नींद पूरी नहीं होती तब भी हृदय गति बढ़ने लगती है और रक्तचाप बढ़ने की समस्या होती है।

लंबे समय तक बैठे रहना और व्यायाम न करने से भी रक्तचाप बढ़ता है।

निम्न रक्तचाप के कारण

जब रक्त बह जाए

डॉक्टर वागीश के मुताबिक रक्तचाप के निम्न होने के कोई प्रमुख कारण नहीं होते हैं। यह किसी वजह से अधिक रक्त बह जाने से भी रक्तचाप कम होता है।

’बरसात के मौसम में डायरिया जैसे रोग अधिक होते हैं। डायरिया में उल्टी होने से शरीर में रक्त का घनत्व कम हो जाता है। इस वजह से भी निम्न रक्तचाप होता है।

’शरीर में पानी की कमी की वजह से भी रक्तचाप कम होता है।

सुझाव

1. डॉक्टर वागीश के मुताबिक उच्च रक्तचाप वाले मरीजों को ज्यादा मसाले वाला भोजन नहीं खाना चाहिए।

2. नियमित व्यायाम करें।

3. अगर आपका रक्तचाप व्यायाम करने या अन्य सावधानियां बरतने से भी सामान्य नहीं हो रहा है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

4. रक्तचाप निम्न होने पर पानी ज्यादा पीएं।

5. नमक डालकर नींबू पानी बनाएं और उसे पीएं। निम्न रक्तचाप में कॉफी भी मददगार साबित होती है।

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