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दाना-पानीः मक्के के पकवान

इस मौसम में मक्का खूब पैदा होता है। इसे आग पर भून कर या फिर उबाल कर खाना हर किसी को अच्छा लगता है। इसे पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है।

मानस मनोहर

इस मौसम में मक्का खूब पैदा होता है। इसे आग पर भून कर या फिर उबाल कर खाना हर किसी को अच्छा लगता है। इसे पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है। इसमें रेशे यानी फाइबर की मात्रा भरपूर होती है। इसलिए यह पाचनतंत्र को दुरुस्त रखने में सहायक होता है। आइए इस बार बनाते हैं, भुट्टे यानी मक्के से कुछ मजेदार व्यंजन।

मक्के की पकौड़ियां

भुट्टा यानी मक्का यानी मकई। यह दुनिया के लगभग हर हिस्से में पैदा होने वाला अनाज है। इसकी गिनती मोटे अनाजों में होती है। इसका आटा भी बनता है, दलिया भी बनती है। आजकल दूध में मिला कर कार्नफ्लैक्स खाने का खूब चलन है। पर जब कार्नफ्लेक्स बाजार में उपलब्ध नहीं था, तब भी लोग इसे अपने ढंग से खाते थे। बहुत सारे ग्रामीण बाजारों में यह मकई का चिवड़ा नाम से बिकता है, जिसे तल कर नमकीन में डाला जाता है, दूध में डाल कर या फिर गुड़ के शीरे के साथ मल कर खाया जाता है। मक्के के सूखे दानों को हल्का भून कर दलिया की तरह पीस लिया जाता है और फिर उसमें गुड़ और घी मिला कर पंजीरी की तरह गांवों में नाश्ते के रूप में खाया जाता है। इसका हलवा भी मजेदार बनता है। पहाड़ी और बर्फीले इलाकों में बरसात के समय जब भोजन के विकल्प सिमट जाते हैं, तब मक्का बड़ा सहारा बनता है। मक्के के दानों को उबाल कर भी खाया जाता है। आजकल बाजारों में उबले हुए भुट्टे और मक्के के दाने खूब बिकते हैं।

खैर, आज हम बनाते हैं मक्के का मजेदार चीला और पकौड़ियां। पहले पकौड़ियां। बरसात में पकौड़ियां खाने का मजा ही अलग होता है। मगर इन दिनों पत्तेदार सब्जियों, जैसे पालक आदि के पकौड़े खाने से बचना चाहिए। पत्तेदार सब्जियों पर इन दिनों कीड़ों और बैक्टीरिया आदि का बसेरा बहुत होता है। फिर, यह भी कि जो चीजें जिस मौसम में पैदा होती हैं, उन्हें उसी मौसम में खाने का आनंद अलग होता है। सो, इस मौसम में पैदा होने वाले मक्के के दानों से पकौड़ियां बनाते हैं।

विधि

भुट्टे की पकौड़ियां बनाने के लिए ताजा और नरम भुट्टे लें। इसके दानों को अलग कर लें। इन्हें मिक्सर में दरदरा पीस लें। अब जितनी मात्रा में आपने भुट्टे के दाने लिए हैं, लगभग उतना ही बेसन उसमें मिलाएं। जैसे एक कप भुट्टे के दाने लिए हैं तो लगभग एक कप बेसन भी ले लें। इसलिए कि भुट्टे में लसलसापन नहीं होता। जब तेल में तलते हैं, तो उसके बिखरने का खतरा रहता है, इसलिए उसमें बेसन डालना जरूरी है। अब इसमें एक छोटा-सा प्याज, हरी मिर्च और हरा धनिया बारीक काट कर डाल लें। फिर थोड़ी हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, हींग, धनिया पाउडर, चाट मसाला और नमक डाल कर थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा घोल तैयार कर लें। घोल बहुत पतला नहीं होना चाहिए। जैसे प्याज की पकौड़ियां बनाने के लिए घोल तैयार करते हैं, वैसा ही घोल बनाएं।

अब एक कड़ाही में तेल गरम करें। पकौड़ियां सरसों के तेल में स्वादिष्ट बनती हैं, वैसे आप इसके अलावा जो तेल खाना पसंद करते हैं, वही इस्तेमाल करें। तेल खूब गरम हो जाए तो आंच को मद्धिम कर दें और उसमें छोटे-छोटे टुकड़ों में घोल डालते जाएं। पकौड़ियां बड़ी होंगी तो उनके कच्चा रहने और कुरकुरापन ठीक से न आ पाने की आशंका रहेगी। इस तरह पकौड़ियों को पलटते हुए सुनहरा और कुरकुरा होने तक तल लें। जरूरत पड़ने पर आंच को धीमी या तेज करते रहें। पकौड़ियां तलते समय इस बात का ध्यान जरूर रखें कि अगर तेल ठीक से गरम नहीं होगा, तो पकौड़ियां तेल अधिक सोखेंगी। पकौड़ियां तैयार हैं। उन्हें तेल से निकाल कर उन पर चाट मसाला बुरकें और हरी या लाल खट्टी-मीठी चटनी के साथ खाएं और बरसात का आनंद लें।

भुट्टे का चीला

चीला देश भर में खाया जाता है। चीले का ही एक रूप है दक्षिण भारत में खाया जाने वाला उत्तपम। पश्चिमी देशों में इसी को लोग पैन केक के रूप में तैयार करते हैं। पैन केक बनाने के लिए बाजार में अलग तरह के पैन उपलब्ध हैं। पर हम देसी तरीके से चीला या उत्तपम बनाएंगे। मक्के का चीला बनाने के लिए जो घोल आपने पकौड़ों के लिए तैयार किया था, उसमें थोड़ा पानी और मिला कर पतला कर लें, ताकि पैन में डालने पर वह आसानी से फैल सके। अब आप इसमें अपनी पसंद के मुताबिक कुछ हरी सब्जियां डाल सकते हैं। हरी मटर के दाने, बीन्स, गाजर वगैरह।

एक पैन गरम करें। उसमें कुछ बूंदें तेल की फैलाएं और फिर चीले का घोल डाल कर फैला दें। अगर आपको चीला पतला और कुरकुरा पसंद है, तो घोल कम डालें। अगर उत्तपम की तरह मोटा खाना पसंद करते हैं, तो घोल कुछ अधिक डालें। आंच को मद्धिम रखें, नहीं तो चीले के नीचे के हिस्से के जलने का खतरा रहेगा। तेल की कुछ बूंदें और डालें, ताकि चीला कुरकुरा सिंके। एक तरफ का हिस्सा पक जाए, तो पलट कर दूसरी तरफ से पका लें। चीला या उत्तपम तैयार है। इसे हरी या लाल खट्टी-मीठी चटनी के साथ खाएं और आनंद लें। इसे नाश्ते के रूप में भी खा सकते हैं और चाहें, तो भोजन के रूप में भी। सेहतमंद, स्वादिष्ट भुट्टे का चीला सभी उम्र के लोगों के लिए बेहतर खाद्य है।

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