ताज़ा खबर
 

नन्ही दुनियाः कविता और शब्द भेद

कुछ शब्द एक जैसे लगते हैं। इस तरह उन्हें लिखने में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है। इससे बचने के लिए आइए उनके अर्थ जानते हुए उनका अंतर समझते हैं।

Author August 5, 2018 6:12 AM
रिमझिम-रिमझिम बरसा पानी

वर्षा रानी

कविता

रिमझिम-रिमझिम बरसा पानी
आई धरा पर वर्षा रानी।

चल रे मोनू फट से घर पर
और तान ले छाता सिर पर
देख हुई है धरती धानी
रिमझिम-रिमझिम बरसा पानी।

अरे चल रही देखो नाव
झूम उठा खुशियों से गांव
चली हवा पुरवा-मस्तानी
रिमझिम-रिमझिम बरसा पानी।

बाग-बाग में खिल गए फूल
मुनिया रही हिंडोले झूल
लगे भली कोयल की बानी
रिमझिम-रिमझिम बरसा पानी।
शब्द-भेद

कुछ शब्द एक जैसे लगते हैं। इस तरह उन्हें लिखने में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है। इससे बचने के लिए आइए उनके अर्थ जानते हुए उनका अंतर समझते हैं।

अकार / आकार

जब किसी शब्द का आरंभ अ वर्ण से होता है तो उसे अकार कहते हैं। अकार यानी अ की ध्वनि वाला। जबकि आकार किसी आकृति, स्वरूप, किसी कार्य या वस्तु के उस रूप को कहते हैं, जिसमें वह किया या पाया जाता है। ं

पूड़ी / पूरी

आटे को रोटी की तरह बेल कर जब उसे गरम तेल या घी में तला जाता है, तो उसे पूड़ी कहते हैं। जबकि पूरी शब्द पूरा का स्त्रीलिंग है। पूरा यानी संपूर्ण। जैसे, पूरी किताब पढ़ ली।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App