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सेहत: सिरदर्द को न समझें साधारण मर्ज, कुछ जरूरी एहतियात से कम होता है तनाव

बहुत देर तक कुछ भी न खाना सिरदर्द के साथ दूसरे रोगों को भी एक तरह से दावत है। मसलन, अगर आप सुबह महज चाय के साथ अपने दिन की शुरुआत करते हैं और नाश्ता नहीं करते हैं तो यह अच्छी आदत नहीं है। दिनभर कुछ नहीं खाना और देर-सबेर सिर्फ दिन-रात का भोजन करना आजकल ज्यादातर लोगों की जीवनशैली बन गई है। इस आदत को तत्काल बदलना चाहिए।

सिरदर्द और दूसरी बीमारियों के प्रति सचेत रहकर हम अपनी जिंदगी को बेहतर बना सकते हैं।

सिरदर्द मौजूदा जीवनशैली की देन है। खासतौर पर शहरी जीवन में जिस तरह की दिनचर्या होती है, वह तनाव पैदा करता है। कुछ लोग इसे जीवन का एक हिस्सा मानकर सिरदर्द की समस्या की अनदेखी करते हैं और इसके लिए न तो जरूरी डॉक्टरी सलाह लेते हैं और न ही अपनी जीवनशैली में किसी तरह का परिवर्तन करते हैं। यह अच्छी बात नहीं है। इस तरह की सोच कई बार काफी खतरनाक साबित होती है।

लिहाजा सिरदर्द के बारे में कुछ बातें हमें समझ लेनी चाहिए। पहली बात यह कि अगर यह समस्या रोज की नहीं है तो आपको ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। काम के बोझ या किसी और तनाव की वजह से ऐसा होना आम बात है। यह भी कि इस तरह का सिरदर्द थोड़े समय के बाद ठीक हो जाता है लेकिन जब यह समस्या बार-बार होने लगे तो हमें इसकी अनदेखी नहीं करनी चाहिए।

अगर आपको माइग्रेन या साइनस की शिकायत नहीं है, फिर भी सिरदर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है, तो यह किसी वजह से हुए तनाव का परिणाम हो सकता है। अगर आपकी आदत हर छोटी-छोटी बात में परेशान होने की है तो आपके सिर में जब-तब होने वाला दर्द हमेशा की समस्या बन सकती है। बेहतर होगा कि आप आदत में सुधार लाएं।

एक नहीं कई वजह
मौसमी बदलाव सिरदर्द की एक अहम वजह है। ज्यादा गर्मी और उमस से होने वाली बेचैनी से भी सिर में तेज दर्द होने लगता है। गर्मी के दिनों में शरीर में पानी की कमी हो जाना या निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) भी सिररर्द की एक आम वजह है।

माइग्रेन, साइनस, ज्यादा थकान, नींद पूरी न हो पाने और भूख की वजह से भी हो सकता है सिरदर्द। इसी तरह, कुछ लोग जो गर्दन को लगातार एक ही दिशा में कड़ा करके रखते हैं उन्हें यह सिरदर्द की समस्या परेशान कर सकती है।

कुछ बातों का रखें खयाल
आजकल लोगों के जीवन में काम का बोझ तो है ही इसके लिए उन्हें यहां-वहां काफी भागना भी पड़ता है। ऐसे में शरीर को पर्याप्त आराम की जरूरत पड़ती है। इसलिए अगर आपको सिरदर्द सताता है तो पहले तो आप यह विचार करें कि आप शरीर को अपेक्षित आराम दे रहे हैं या नहीं।

बहुत देर तक कुछ भी न खाना सिरदर्द के साथ दूसरे रोगों को भी एक तरह से दावत है। मसलन, अगर आप सुबह महज चाय के साथ अपने दिन की शुरुआत करते हैं और नाश्ता नहीं करते हैं तो यह अच्छी आदत नहीं है। दिनभर कुछ नहीं खाना और देर-सबेर सिर्फ दिन-रात का भोजन करना आजकल ज्यादातर लोगों की जीवनशैली बन गई है। इस आदत को तत्काल बदलना चाहिए। भोजन के प्रति इस तरह की लापरवाही से सिरदर्द की समस्या तो झेलनी पड़ेगी ही, स्वास्थ्य की कई दूसरी समस्याओं के भी आप शिकार हो सकते हैं।

बेहतर हो कि आप एक तो सुबह का नाश्ता जरूर करें और बाकी दिन भी मुख्य भोजन के अलावा पेट को लंबे समय तक खाली न रहने दें। आहार में उन चीजों को शामिल करें, जिनमें मैग्नीशियम की बहुतायत हो। पालक, टोफू, आलिव आयल, सूरजमुखी और कद्दू के बीज को अपने आहार का हिस्सा बनाएं। गर्मी और उमस के दिनों में सिरदर्द से बचने के लिए ठंडी चीजों मसलन, छाछ, नींबू-पानी, ठंडे जूस, नारियल पानी आदि का सेवन भी लाभदायक हो सकता है।

आजकल घर से लेकर दफ्तर तक कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल एक आम बात हो गई है। यह स्थिति बहुत बदली तो नहीं जा सकती पर आप इतना जरूर खयाल रखें कि कंप्यूटर या लैपटॉप पर लंबे समय तक काम करने के बजाय बीच-बीच में कुछ समय का विराम लें।

ये उपाय भी कारगर
’ थकान, नींद नहीं पूरी होने की वजह से तनाव या सिदर्द है तो तो एक कप कॉफी पिएं। आप अच्छा महसूस करेंगे।
’सिरदर्द होने पर बादाम चबाएं। आपको आराम मिलेगा।
’ आहार में दालचीनी और लौंग का इस्तेमाल करें। सिरदर्द होने पर दालचीनी और लौंग वाली चाय पिएं।
’ सुबह उठकर खाली पेट तुलसी की पत्तियां चबाएं।
’ नियमित तौर पर एक सेब खाएं। सिरदर्द होने पर एक गिलास पानी में सेब का दो चम्मच सिरका मिलाकर पिएं।

’ पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। नारियल-पानी, नीबू-पानी, शिकंजी, आम का पन्ना, गन्ने का जूस, छाछ, लस्सी आदि को अपने आहार का हिस्सा बनाएं। सिर में लगातार होने वाले किसी भी किस्म के दर्द की अनदेखी न करें, तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें। ल्ल
(यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। उपचार या स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए विशेषज्ञ की मदद लें )

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