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आरक्षण पर रैलियां, हरियाणा में तनाव, तेरह जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद

हरियाणा में जाट और गैर-जाट के बीच छिडे़ विवाद में प्रदेश सरकार रविवार को एक बार फिर से अग्नि परीक्षा के दौर से गुजरेगी।
Author चंडीगढ़ | November 26, 2017 13:23 pm
आरक्षण के लिए धरने पर जाट। (फाइल फोटो)

हरियाणा में जाट और गैर-जाट के बीच छिडे़ विवाद में प्रदेश सरकार रविवार को एक बार फिर से अग्नि परीक्षा के दौर से गुजरेगी। जींद में भाजपा सांसद राजकुमार सैनी और जसिया में जाट नेता यशपाल मलिक की रैली को देखते हुए शनिवार को जहां प्रदेश के 13 जिलों में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से बंद कर दी गर्इं, वहीं कई जिलों को संवेदनशील घोषित करते हुए धारा 144 लागू कर दी गई है। राज्य के पुलिस महानिदेशक और गृहसचिव ने पुलिस कर्मियों व अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। करीब नौ महीने बाद हरियाणा में फिर से तनाव का माहौल है। फरवरी-मार्च में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के बाद अब भाजपा सांसद राजकुमार सैनी की जींद और अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक की जसिया (रोहतक) रैली को लेकर तनाव बना हुआ है। जींद में जहां जाट व खाप पंचायतें सैनी की रैली का विरोध कर रहे हैं, वहीं खाप पंचायतें व जाटों का एक गुट मलिक की रैली के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं।

यह दोनों ही रैलियां रविवार (26 नवंबर) को होनी हैं। इन दोनों रैलियों की वजह से बने तनाव के बीच प्रदेश की खट्टर सरकार एक बार फिर परीक्षा के दौर में आ चुकी है। बेशक, इस बार सरकार ने समय रहते ही कड़े बंदोबस्त किए हुए हैं। पुलिस अधिकारियों व जवानों के अलावा सिविल प्रशासन की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। रविवार को अवकाश के बावजूद कई विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को ड्यूटी पर अलर्ट रहना होगा। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एसएस प्रसाद व पुलिस महानिदेशक बीएस संधू ने शनिवार को उन तेरह संवेदनशील जिलों के डीसी और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। शुक्रवार की रात से ही मोबाइल फोन पर इंटरनेट व एसएमएस सुविधा बंद की जा चुकी है। इस बीच सरकार ने कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद राजकुमार सैनी की सुरक्षा भी बढ़ा दी है।

शुक्रवार की रात गृह सचिव ने आदेश जारी करके जींद, हांसी, भिवानी, हिसार, फतेहाबाद, करनाल, पानीपत, कैथल, रोहतक, सोनीपत, झज्जर व चरखी-दादरी में इंटरनेट सेवाओं को बंद करवा दिया था। ये सेवाएं 26 नवंबर की आधी रात तक बंद रहेंगी। पुलिस महानिदेशक ने इन जिलों के पुलिस अधिकारियों व जवानों को वर्दी में रहने के आदेश जारी किए हैं। सोनीपत, रोहतक, झज्जर व जींद में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। जसिया व जींद में रैपिड एक्शन फोर्स ने मोर्चा संभाल लिया है।जींद, रोहतक, झज्जर व दादरी सहित कई शहरों में धारा 144 लागू कर दी गई है। ये अधिकतर वे शहर हैं, जो पिछले वर्ष फरवरी में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की चपेट में आए थे। स्थानीय पुलिस ने जींद व रोहतक शहर को पूरी तरह से सील कर दिया है। अकेले रोहतक-जींद सड़क मार्ग पर 8 जगहों पर नाकेबंदी की गई है। नाकों पर वाहनों की चेकिंग की जा रही है। जींद व जसिया रैली में पहुंचने वाले वाहनों की वीडियोग्राफी कराने का प्रबंध किया गया है। हालात को देखते हुए सरकार ने चंडीगढ़ में कंट्रोल रूम बनाया है। जिलों के अधिकारियों को इस पर पल-पल की रिपोर्ट देने को कहा गया है। 24 घंटे इस पर स्टॉफ मौजूद रहेगा। इसके अलावा चंडीगढ़ में साइबर क्राइम सेल को भी एक्टिव किया गया है। साइबर सेल सोशल मीडिया पर चल रहे हर छोटी-बड़ी खबरों पर नजरें रख रहा है।

जींद में रैली का एलान कई महीने पहले कर दिया गया था। कुछ शरारती लोग रैली का विरोध कर रहे हैं। यह रैली हर हाल में होकर रहेगी। दो महीने से रैली के लिए प्रचार किया जा रहा है। प्रदेश भर के लोगों में रैली को लेकर उत्साह है। हम किसी जाति विशेष के खिलाफ नहीं हैं।
-राजकुमार सैनी, कुरुक्षेत्र सांसद।

जसिया में होने वाली रैली में चौदह राज्यों के लोग आ रहे हैं। ट्रेनों के अलावा बसों से लोग पहुंच रहे हैं। विरोध करने वालों की संख्या तीस से अधिक नहीं है। मुट्ठीभर लोग ही रैली का विरोध कर रहे हैं। रैली हर हाल में होकर रहेगी। विरोध करने वालों को रोकने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।
-यशपाल मलिक, जाट संघर्ष समिति के अध्यक्ष।

 

 

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