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सेहतः आंखों का संक्रमण

अगर आपको आंखों में कुछ अटका हुआ-सा, चिपचिपाहट, आंखों को खोलने में दिक्कत, दर्द, पानी आना या जलन जैसे लक्ष्ण दिखाई दे रहे हैं तो आप कंजंक्टिवाइटिस यानी आंख आने की समस्या से पीड़ित हैं।

Author September 16, 2018 6:45 AM
बरसात और उसके बाद के दिनों में यह बीमारी तेजी से फैलती है। चिकित्सकों के मुताबिक यह समस्या संक्रमण के कारण होती है।

अगर आपको आंखों में कुछ अटका हुआ-सा, चिपचिपाहट, आंखों को खोलने में दिक्कत, दर्द, पानी आना या जलन जैसे लक्ष्ण दिखाई दे रहे हैं तो आप कंजंक्टिवाइटिस यानी आंख आने की समस्या से पीड़ित हैं। बरसात और उसके बाद के दिनों में यह बीमारी तेजी से फैलती है। चिकित्सकों के मुताबिक यह समस्या संक्रमण के कारण होती है। मौसम में आर्द्रता की वजह से यह संक्रमण तेजी से फैलता है। इस बीमारी को आई फ्लू भी कहते हैं। आइए जानते हैं आई फ्लू क्यों होता है और इससे बचा कैसे जाए-

आंख आने के प्रकार

एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस : आंख आने का प्रमुख प्रकार एलर्जिक आई फ्लू है। इसमें दोनों आंखों से पानी आता है। आंखों में खुजली होती और आंखें लाल हो जाती हैं। इसमें नाक में खुजली, छीकें और गले में खराश जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस : जब आप सोकर उठते हैं तो आंखें चिपकी होती हैं। दरअसल, यह चिपचिपापन आंखों में कीचड़ आने की वजह से होता है। यह बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस है।

वायरल कंजंक्टिवाइटिस : यह एक आंख से शुरू होता है। अगर समय पर ध्यान नहीं दिया गया तो दोनों आंखों में फैल सकता है। इस संक्रमण में आंख से कीचड़ युक्त पानी निकलता है या एक आंख से लगातार पानी बहता रहता है।

कारण

आंख में चोट : अगर किसी भी वजह से आंख में चोट लग जाती है तो आंख में जलन और खुजली जैसी समस्याओं से जूझना पड़ सकता है। यह समस्या अधिक बढ़ने पर आंखों में घाव बनने लगता है। जिससे आंखें आने लगती हैं।

कांटेक्ट लेंस : आंख में अगर कांटेक्ट लेंस लगाया है तो वह सूखने पर आंख को नुकसान पहुंचा सकता है। जिससे आंख से पानी निकलने लगता है। इसके अलावा अगर आंख में कोई तिनका चला जाता है तो उससे भी रिसाव शुरू हो जाता है।

गुहेरी : मौजूद ग्रंथियों के बंद होने के कारण गुहेरी होती है। इस वजह से आंख में दर्द, सूजन और खुजली होने लगती है।

अश्रुनलिका : अश्रुनलिका में रुकावट के कारण आंख से पानी निकलता है। कई बार यह पानी गाढ़े द्रव में बदल जाता है।

आंख में चुभन होना : अगर आंख में कोई तिनका चला जाता है तो चुभन होने लगती है। कई बार स्वीमिंग पूल में नहाना और सौंदर्य प्रसाधनों का प्रयोग भी आंख आने का प्रमुख कारण बनते हैं।

उपचार

आंख आना एक ऐसी समस्या है, जिससे रोगी कुछ समय के लिए अधिक परेशान रहता है। आंखों में होने वाली जलन, चुभन या खुजली को सहन नहीं कर पाता। कई बार आंख खोलने में भी दिक्कत होती है। इस समस्या से निपटा जा सकता है। कुछ उपायों से इस बीमारी से छुटकारा पाया जा सकता है :

गुनगुने पानी से धोएं : आंख संक्रमण के कारण आती है, इसलिए जरूरी है कि आंखों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। आंख आने पर कई बार घरेलू उपायों से ही फायदा हो जाता है। इसलिए आप घर पर गुनगुने और नमक मिले पानी से आंखों को दिन में तीन से चार बार धोएं।

कांटेक्ट लेंस का प्रयोग कम : आंख आने का प्रमुख कारण कांटेक्ट लेंस का अधिक प्रयोग है। अगर आप लंबे समय से कांटेक्ट लेंस का प्रयोग कर रहे हैं तो सावधानी पूर्वक आंखों का विशेष खयाल रखें। अगर हो सके तो कांटेक्ट लेंस न पहनें।

एलर्जी वाले पदार्थों से परहेज : अगर आपको कुछ विशेष उत्पादों से एलर्जी है और इसकी वजह से आपकी आंखों में पानी आता है तो उन उत्पादों का प्रयोग न करें।

हाथों की सफाई : आंख में खुजली या जलन होने पर गंदे हाथों को आंखों के पास न लगाएं। इससे आई फ्लू की समस्या अधिक बढ़ती है।

मेकअप हटा कर सोएं : रात में सोते समय चेहरे को साफ पानी से धोकर सोएं। अगर आपने मेकअप लगाया है तो उसे हटा कर सोएं। इसके अलावा अपना मेकअप दूसरों के साथ साझा न करें।

सावधानियां

1. अगर आंख आ गई है, तो दिन में साफ पानी से उन्हें धोते रहिए।

2. अव्वल तो हाथों से संक्रमित आंखों को छूना नहीं चाहिए। और अगर आपने आंखें छू ली हैं तो हाथों को साफ पानी से धोएं।

3. आंखों पर काला चश्मा लगाएं, ताकि किसी और को यह संक्रमण न फैले।

4. अगर आपकी आंख आ गई है तो घर पर इलाज करने के बजाय चिकित्सक को दिखाएं।

5. अपना चश्मा किसी और के साथ साझा न करें।

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