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शौक बड़ी चीज है

आज अनेक महिलाएं घर की दहलीज पार कर नौकरी-पेशे में शामिल हैं। पर ऐसी महिलाओं की भी बड़ी आबादी है, जो गृहिणी कहलाती हैं।

Author October 7, 2018 6:53 AM
प्रतीकात्मक चित्र

आज अनेक महिलाएं घर की दहलीज पार कर नौकरी-पेशे में शामिल हैं। पर ऐसी महिलाओं की भी बड़ी आबादी है, जो गृहिणी कहलाती हैं। ये गृहिणियां सुबह तड़के उठ कर देर रात तक घरेलू कामों में लगी रहती हैं। छाड़ू, पोछा, बर्तन, खाना आदि जैसे कामों में वे अपनी उम्र गुजार देती हैं। पति दफ्तर से आने वाला है, उसके लिए चाय बनानी है, तो बच्चे स्कूल से आ रहे होंगे उनके लिए खाना बनाना है। वे यही सब सोचते और करते पूरा समय गुजार देती हैं। इन सब कामों के इतर वे अपने शौक पूरे नहीं कर पातीं। शौक, महत्त्वाकांक्षा, उम्मीदों का पूरा न होना ही अवसाद की वजह बनता है। पिछले दिनों ‘द लांसेट’ पत्रिका ने एक अध्ययन पेश किया था कि शादीशुदा महिलाओं की खुदकुशी के मामले बढ़े हैं। हो सकता है कि शौक पूरा न होना भी उनकी खुदकुशी की एक वजह रही हो। आपके पास अगर घर के कामों के बाद कुछ समय बचता है और आप अपने किसी हुनर को जिंदा रखना चाहती हैं, तो आज से ही इसकी शुरुआत करें। क्योंकि कभी किसी काम के लिए देर नहीं होती।

समाज सेवक बनें

केंद्रीय विद्यालय से सेवानिवृत्त बहत्तर साल की विम्मी भाटिया बताती हैं कि उन्हें समाज सेवा करने का शौक हमेशा से था। यह केवल शौक नहीं, बल्कि पैशन है। वे कहती हैं कि स्कूल से सेवानिवृत्त होने के बाद भी घर पर खाली नहीं बैठीं, बल्कि विदेशों में जाकर अंग्रेजी भाषा सिखाई। वहां भी समाज सेवा करने की कोशिश की। इसके अलावा अब वे अपने हफ्ते के दो दिन एक संस्था में गरीब बच्चों को पढ़ाने में देती हैं। विम्मी कहती हैं कि घर में खाली बैठने से नकारात्मक विचार हमारे ऊपर हावी होने लगते हैं, इसके अलावा शरीर में कई तरह की बीमारियां जन्म लेने लगती हैं। इसलिए मैं कभी खाली बैठना पसंद नहीं करती। वे कहती हैं कि जब तक स्कूल में पढ़ाती थी तब तक वहां अपने मन के मुताबिक काम नहीं कर पाती थी। लेकिन अब मेरे पास भरपूर समय है। वे कहती हैं कि मेरी उम्र पर मेरा वश नहीं है, लेकिन मुझमें जो ऊर्जा है, उसे खाली बैठ कर खराब नहीं करना चाहती। अगर आपमें भी सेवा भाव है, तो विम्मी की तरह अपनी दिनचर्या बना सकती हैं।

जब नौकरी छोड़नी पड़े

अनेक बार कामकाजी महिलाओं की जिंदगी में ऐसा समय भी आता है, जब उन्हें नौकरी छोड़नी और घर-परिवार, बच्चों को समय देना पड़ता है। तो ऐसी महिलाओं को निराश होने की जरूरत नहीं है। वे घर से ही कुछ रचनात्मक करने की शुरुआत कर सकती हैं। आपकी जिस भी काम में रुचि है, उसे करें। मसलन, अगर आपकी रुचि लेखन में हो, तो उसे करें। ऐसा करने से एक तो आपके समय की बर्बादी नहीं होगी, दूसरा आपको संतुष्टि भी मिलेगी।

अपना चैनल शुरू करें

मांग में सिंदूर, माथे पर बिंदी, होठों पर गुलाबी लिपस्टिक और सुंदर-सी साड़ी पहने यूट्यूब पर अपना चैनल शुरू कर भोजन की रेसिपी बताने और खाना बनाने वाली संगीता कहती हैं कि मेरे पास घर के अलावा जो भी समय बचता है उसमें मैं खाना बनाना पसंद करती हूं और उसे अपने भतीजे के यूट्यूब चैनल पर डाल देती हूं। इससे लोगों की जो प्रतिक्रियाएं आती हैं, उससे मुझे और कुछ नया बनाने की प्रेरणा मिलती है। स्पेशल मॉम्स यूट्यूब चैनल शुरू करने वाले प्रियांशु शर्मा कहते हैं कि घर में रहने वाली महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिलता। यह मौका उन्हें स्पेशल मॉम्स ने दिया। आप भी ऐसा ही अपना कोई यूट्यूब चैनल शुरू कर सकती हैं।

कढ़ाई करें

बुजुर्ग महिलाएं आज भी अपने घरों की बच्चियों को यही नसीहत देती हैं कि सिलाई-कढ़ाई ढंग से सीख लो, ताकि अपने घर के फटे कपड़े तो सिल सको। और अगर भविष्य में कभी कोई मुसीबत आई, तो अपना पेट तो पाल पाओगी। यह कहना है बुशरा खान का। बुशरा बहुत सुंदर स्वेटर, दरी, दरवाजे पर लटकाने वाली झालर आदि क्रोशिया से बुनती हैं। वे अपने घर के कामों से फुरसत पाकर स्वेटर बुनती हैं। वे कहती हैं कि पहले तो बुनाई का काम वे अपने घर के लोगों के लिए करती थीं, लेकिन जब लोगों को उनके बनाए डिजाइन पसंद आने लगे, तो बाहर के लोग पैसे देकर स्वेटर बनवाने लगे। आज मेरा यह शौक थोड़ा बहुत पैसा भी दिला देता है। यह मेरे मन का काम है, जिसे करके मुझे बहुत अच्छा लगता है।

आपके शौक की कोई सीमा नहीं हो सकती। सभी की रुचि अलग होती है। लेकिन अगर आप समय का सदुपयोग करना चाहती हैं और आपकी रुचि भी है तो आपके पास सिलाई-कढ़ाई भी एक विकल्प है। अमूमन ज्यादातर महिलाओं ने अपने जीवन में कभी न कभी सिलाई या कढ़ाई सीखी होती है। अगर आपके बच्चे बड़े हो गए हैं या नौकरी करने लगे हैं तो आपके पास दिन में बहुत-सा समय खाली बच जाता है। आप चाहें तो उस समय को सिलाई या कढ़ाई करके भी बिता सकते हैं।

चित्रकारी करें

हर व्यक्ति में कोई न कोई हुनर होता है। जरूरत है उसे पहचानने की। प्रभा के दो बेटे हैं। एक भारत से बाहर काम करता है और एक देश में व्यवसाय करता है। वे बताती हैं कि जब तक बच्चे छोटे थे तब तक घर के काम से फुरसत ही नहीं मिलती थी, लेकिन अब सब अपने काम में लग गए हैं। अब मेरे पास खाली समय बहुत है। मुझे हमेशा से पेंटिंग और खराब पड़ी चीजों से कुछ नया बनाने का शौक था। जब बच्चे छोटे थे तब भी घरेलू कामों से फुरसत पाकर जो भी थोड़ा बहुत समय मिलता था उसमें मैं खराब ब्रेड का पेस्ट बना कर फूल, पत्ती आदि बनाती थी। फिर उन्हें घर के किसी गमले में लगा देती थी। आज मेरे घर में सजावट का जो सामान है, वह अधिकतकर मैंने खुद ही बनाया है। इसके अलावा मुझे पेंटिंग का भी बहुत शौक है। यह सब करने से मेरे समय का सदुपयोग हो जाता है। इससे मैं अपनी रचनात्मकता बनाए रखती हूं।

जो भी करें खुद के लिए करें

अक्सर हम जब भी कोई काम करते हैं, तो उम्मीद करते हैं कि हमारे काम की कोई तारीफ करे। पर हमें यह समझने की जरूरत है कि किसी की तारीफ पाने के बजाय आपको जो करना है, अपने लिए करें। अपनी प्रशंसा खुद करें। यह जरूरी नहीं कि हमेशा आपके काम की कोई तारीफ करेगा। दूसरों से तारीफ की उम्मीद में आप खुद को कम न समझें। आपके बारे में आपसे बेहतर कोई नहीं जानता, इसलिए जो भी काम करें अपने लिए करें। अपना सम्मान करें।

बीमार पड़ने से बचें

अगर हम दिन का ज्यादा समय सिर्फ बातों में या नींद पूरी करने में निकालते हैं, तो उससे शरीर में बीमारियां बढ़ने लगती हैं। जिन घरों में बच्चे छोटे होते हैं, वे स्कूल और पति काम पर चले जाते हैं, तो महिलाएं टीवी देखती हैं या सो जाती हैं। इस वजह से उनमें आलस्य और मोटापा बढ़ता है। कई ऐसे सर्वे भी आए कि महिलाओं में वजन बढ़ने के पीछे एक कारण है कि वे व्यायाम नहीं करतीं। महिलाओं में यह भ्रांति होती है कि घर के काम करने से ही उनका व्यायाम हो जाता है। आप अपने घरेलू काम निपटा कर व्यायाम भी करें, ताकि बीमार न पड़ें। इसलिए अपने समय का रचनात्मक इस्तेमाल करने के अलावा खुद का ख्याल रखना भी जरूरी है। हर व्यक्ति के पास दिन में बराबर घंटे होते हैं। वह खुद ही तय करता है कि उसे किस रास्ते को चुनना है। महिलाएं चाहें तो किट्टी पार्टी या मोहल्ले की महिलाओं के संग गपशप में समय निकालें या उसी समय का सदुपयोग कर अपने शौक पूरा करें। अपनी इच्छाओं को मारें नहीं। उन्हें पूरा करें। आप मानव पूंजी हैं। अपना प्रयोग करें और देश सेवा में अपना योगदान दें।

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