बरसात में जरूरी एहतियातः नमी, उमस और त्वचा संबंधी रोग

इन दिनों देश के विभिन्न हिस्सों में खूब बारिश हो रही है। इस कारण न सिर्फ जगह-जगह जलजमाव और कीचड़ से समस्याएं बढ़ रही हैं बल्कि नमी, उमस और प्रदूषण के कारण लोग बीमार भी पड़ रहे हैं।

त्वचा संबंधी रोगों से बचने के लिए नियमित तौर पर शरीर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

गर्मी और उमस के बढ़ते ही हम बरसात के लिए आसमान में उमड़ते-घुमड़ते बादलों को देखने लगते हैं। यही नहीं, जब बारिश होती है तो गांव-शहर सभी जगह लोग खुशी से भर जाते हैं। इससे जहां गर्मी और उमस से राहत मिलती है, वहीं प्रकृति भी अपने धुले-खिले रूप में सबका मन मोहने लगती है। पर ये खुशगवारी तब सेहत के लिहाज से भारी पड़ने लगती है जब हम बरसात के मौसम में होने वाले संक्रमणों या बीमारियों की चपेट में फंसते हैं।

इन दिनों देश के विभिन्न हिस्सों में खूब बारिश हो रही है। इस कारण न सिर्फ जगह-जगह जलजमाव और कीचड़ से समस्याएं बढ़ रही हैं बल्कि नमी, उमस और प्रदूषण के कारण लोग बीमार भी पड़ रहे हैं। स्टेरॉयड दवाओं का इस्तेमाल करने से खासतौर पर लोगों में त्वचा संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इस मौसम में खुजली, त्वचा के लाल होने, फुंसी और फंगल इंफेक्शन के कारण भी काफी लोग मुसीबत झेल रहे हैं।

दरअसल, इस मौसम में त्वचा की देखभाल की विशेष जरूरत है। थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। वैसे भी कोविड-19 के कारण अस्पतालों और दूसरी स्वास्थ्य सेवाओं पर जिस तरह का दबाव है, उसमें इन दिनों किसी अन्य बीमारी का इलाज कराना खासा मुश्किल है। लिहाजा, हम अगर खुद से पहल करें और कुछ जरूरी एहतियात बरतें तो इन तमाम परेशानियों से बच सकते हैं।

सेहत से जुड़ी समस्याएं: एम्स भोपाल की डॉ. अदिति बताती हैं कि स्वास्थ्य के लिहाज से इस मौसम में स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की परेशानियां आम बात है। इसलिए जरूरी है कि हम स्वास्थ्य को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही से बाज आएं। डॉ. अदिति इस बारे में आगे बताती हैं कि इन दिनों खानपान में अनियमितता, पोषक तत्वों की कमी और अधिक मात्रा में स्टेरॉयड के प्रयोग से लोग त्वचा संबंधी विविध रोगों के शिकार हो जाते हैं। खासतौर से युवाओं में इस तरह की परेशानियां अधिक देखने को मिल रही हैं। इसका एक बड़ा कारण यह है कि कई युवा बिना डॉक्टरी सलाह के ही स्टेरॉयड युक्त दवा का प्रयोग करते हैं।

त्वचा रोग के कारण: गर्मी और बरसात के दिनों में जिन वजहों से त्वचा या चर्मरोग के मामले बढ़ जाते हैं, उनमें मुख्य है नमी। इसके अलावा अनियमित आहार, शरीर की साफ-सफाई न रखना, कब्ज या अन्य कोई एलर्जिक कारण से भी इस मौसम में हम त्वचा संबंधी कई बीमारियों के शिकार हो सकते हैं।

खानपान और गैरजरूरी दवा: डॉ. अदिति बताती हैं कि बारिश के दिनों में नमी, उमस और पसीने के कारण त्वचा फीकी और नीरस हो जाती है। ऐसे में युवा त्वचा की चमक बढ़ाने के लिए किसी भी मेडिकल स्टोर से कोई भी क्रीम लेकर लगा लेते हैं। दुकान वाले भी कमाई के चक्कर में दवा दे देते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि किसी भी दवा या क्रीम से प्राकृतिक त्वचा में बदलाव नहीं आता है। खानपान का ध्यान रखें तो निश्चित रूप से त्वचा स्वस्थ रहती है। इसलिए अनावश्यक रूप से दवाओं खास तौर से स्टेरायड युक्त किसी भी क्रीम के प्रयोग से बचें।

जरूरी एहतियात
-त्वचा संबंधी रोगों से बचने के लिए नियमित तौर पर शरीर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
-नियमित तौर पर स्नान के साथ ध्यान रखें कि शरीर को पूरी तरह सूखने देने के बाद कपड़े पहनें।
-खाने में संतुलित आहार और मौसमी फल जरूर शामिल करें।
-इस मौसम में पत्तेदार सब्जियों, उड़द की दाल और तली-भुनी चीजों के प्रयोग से बचें।
– खाने में सलाद को शामिल करना अच्छा रहेगा।
-डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा या मलहम का इस्तेमाल न करें।
– सुबह उठने के बाद दो से तीन गिलास गुनगुना पानी पीने के 10-15 मिनट बाद शौच जाएं।
– सिंथेटिक कपड़ों को छोड़ सूती या खादी के कपड़े पहनें। ल्ल
(यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के लिए है। उपचार या स्वास्थ्य संबंधी सलाह के लिए विशेषज्ञ की मदद लें )

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