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दाना-पानी: दिवाली के व्यंजन

दिवाली में यों तो मिठाइयों का चलन अधिक होता है, पर दिवाली के दिन कुछ चीजें खाना शुभ माना जाता है। जिस तरह होली के दिन कटहल की सब्जी खाने की परंपरा है, उसी तरह दिवाली वाले दिन जिमीकंद यानी सूरन की तरकारी खाना शुभ माना जाता है।

Author November 4, 2018 11:28 PM
प्रतीकात्मक फोटो

मानस मनोहर

दिवाली में यों तो मिठाइयों का चलन अधिक होता है, पर दिवाली के दिन कुछ चीजें खाना शुभ माना जाता है। जिस तरह होली के दिन कटहल की सब्जी खाने की परंपरा है, उसी तरह दिवाली वाले दिन जिमीकंद यानी सूरन की तरकारी खाना शुभ माना जाता है। बिहार और उत्तर प्रदेश के पूर्वी इलाके में दिवाली के दिन सूरन अवश्य खाया जाता है। इसलिए इस बार सूरन की सब्जी बनाते हैं।

जिमीकंद की तरकारी
मीकंद को सूरन और ओल भी कहते हैं। यह आलू और शकरकंद की तरह का एक कंद है, जिसकी तरकारी बनती है। इसे सूखी और तरी वाली दोनों तरह से बनाया जाता है। जिमीकंद इसी मौसम में जमीन से निकाला जाता है। इस प्रकार यह एक तरह से मौसमी तरकारी है। हालांकि यह साल भर उपलब्ध रहती है। इसमें अनेक औषधीय गुण होते हैं। इसे अगर पूरी सर्दी खाया जाए तो लौहतत्त्व की कमी दूर हो जाती है। इसमें भरपूर लौहतत्त्व और कई तरह के विटामिन उपलब्ध होते हैं। चूंकि यह एक प्रकार की जंगली तरकारी है, इसलिए इसे उगाने में रासायनिक खादों, कीटनाशक आदि का उपयोग नहीं किया जाता। इस तरह यह दूसरी सब्जियों की अपेक्षा सेहत के लिए सुरक्षित तरकारी है।
इसमें अरबी की तरह खुजली पैदा करने वाला रसायन होता है। उसे दूर करने के लिए खटाई की जरूरत पड़ती है, इसलिए इसमें खटाई का भरपूर उपयोग करें।

विधि
जिमीकंद की तरकारी बनाने के लिए इसका छिलका उतार कर सामान्य से कुछ बड़े टुकड़े काट लें। इन टुकड़ों को एक पानी से भरे बर्तन में रखें और उसमें इमली का घोल या फिर दो नीबुओं का रस निचोड़ कर डाल दें। इन टुकड़ों को कम से कम दो घंटे के लिए इसी तरह पानी में रहने दें। इससे गले में खुजली पैदा करने वाले रसायन का प्रभाव समाप्त हो जाएगा।
अब एक भगोने में पानी उबालें और उसमें जिमीकंद के टुकड़ों को नरम होने तक उबाल लें। ध्यान रकें कि ये सिर्फ नरम हों, पिलपिले न होने पाएं। इन्हें पानी से निकाल कर ठंडा होने दें।
तब तक आप इसकी तरी तैयार कर लें। तरी तैयार करने के लिए कुछ मसालों की जरूरत पड़ती है। एक चम्मच सरसों दाना या राई, एक चम्मच साबुत धनिया, आधा चम्मच सौंफ और एक चम्मच जीरा को दरदरा पीस लें। इस पिसे मसाले के साथ आधा चम्मच हल्दी, दो चुटकी हींग और एक चम्मच कुटी लाल मिर्च डाल कर एक कटोरी में पानी डाल कर पेस्ट बना लें। अगर आपको तीखा अधिक पसंद है, तो लाल मिर्च की मात्रा बढ़ा सकते हैं। इस पेस्ट को अलग रखें।
अब एक कड़ाही में एक से डेढ़ कलछी सरसों का तेल गरम करें। उसमें ठंडा हो चुके जिमीकंद के टुकड़ों को चार से पांच मिनट तक तल लें। उन्हें बाहर रख दें।

अब उसी तेल में सौंफ और जीरे का तड़का दें और उसमें पहले दो पिसे हुए टमाटर का पेस्ट डाल कर तेल छोड़ने तक पकाएं। फिर उसमें मसालों का पेस्ट डालें और हल्की आंच पर दो मिनट तक पकने दें। अब एक से डेढ़ कटोरी फेंटा हुआ दही डालें और चलाते हुए पकाएं। जब दही और मसाले ठीक से मिल जाएं और उनमें उबाल आने लगे, तो उसमें तले हुए जिमीकंद के टुकड़े डालें। अगर आपको खट्टे से परहेज न हो तो आधा चम्मच अमचूर भी डाल सकते हैं। वैसे दही और टमाटर से पर्याप्त खट्टापन आ जाता है।

अगर आपको तरी वाली तरकारी बनानी है, तो ऊपर से एक से डेढ़ कप गरम पानी डालें और जरूरत भर का नमक डाल कर कड़ाही पर ढक्कन लगा दें। अगर तरकारी सूखी रखनी है, तो आधा कप पानी पर्याप्त रहेगा। करीब दस मिनट सब्जी को पकने दें। ऊपर से कटा हुआ हरा धनिया, अदरक का लच्छा और कटी हरी मिर्च डाल कर परोसें। मेथी की पकौड़ियां वाली के दिन मेथी की पकौड़ियां खाना भी शुभ माना जाता है। मेथी की पकौड़ियां दो तरह से बनती हैं। एक तो मेथी दाने के इस्तेमाल से और दूसरा उसके हरे पत्तों की। मेथी के गुणों से तो आप सभी परिचित हैं। गुजरात में इस दिन मेथी दाने की पकौड़ी बनती है। हम इसमें दोनों चीजें इस्तेमाल करेंगे। इसके लिए सबसे पहले मेथी के दानों को पीस लें या पिसी हुई मेथी भी बाजार में उपलब्ध होती है। इसके अलावा कुछ पत्ते हरी मेथी के भी बारीक काट लें।

इसमें इस्तेमाल करने के लिए कुछ अलग चीजें चाहिए होती हैं। इस पकौड़ी में पांच तरह के आटे इस्तेमाल होते हैं। उसमें गेहूं, मक्का, बाजरा, चना और मूंग का आटा प्रमुख है। इसे आप घर में भी सभी अनाजों को मिला कर पीस कर तैयार कर सकते हैं। इस आटे में तीन-चार टी-स्पून पिसी मेथी और मेथी के कटे पत्ते डालें। इसके बाद जरूरत भर का नमक, लाल मिर्च पाउडर डालें और इसे थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए नरम गूंथ लें। गुजराती लोग इसमें थोड़ी चीनी या गुड़ भी डालते हैं। आप भी चाहें तो डाल सकते हैं। अब एक कड़ाही में पर्याप्त तेल गरम करें और गुंथे हुए मिश्रण में से छोटी-छोटी गोलियां लेते हुए पकौड़ियां तल लें। टमाटर की लाल या फिर धनिया-पुदीने की हरी चटनी के साथ गरमागरम परोसें। मेहमानों को मिठाई के साथ ये पकौड़ियां परोसें, वे मिठाई छोड़ कर पकौड़ियां अधिक पसंद करेंगे।

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