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दाना-पानी: गरमी में कुछ देसी व्यंजन, प्याज-टमाटर की सब्जी और हरे प्याज की सब्जी

आजकल हरे प्याज का मौसम है। हरा प्याज बाजार में बहुतायत में उपलब्ध है। हरा प्याज गरमी में दो तरह से फायदेमंद होता है। एक तो इसमें रेशे बहुत होते हैं, जिसे खाने से पेट साफ रहता है।

Author Updated: May 5, 2019 1:19 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर।

मानस मनोहर

प्याज-टमाटर की सब्जी
कई बार घर में हरी सब्जियां नहीं होतीं। बाजार जाकर लाने में आलस आता है। एसे में यह सब्जी बड़े काम आती है। फिर गरमी में इसे खाना सेहत की दृष्टि से भी लाभदायक है, इसलिए घर में हरी सब्जियां हों भी तो इसे अवश्य बनाएं। यह एक प्रकार से सब्जी, चटनी और अचार तीनों का काम करती है। इसे बनाना बहुत आसान है और इसके लिए बहुत सारी चीजें जुटाने की भी जरूरत नहीं पड़ती। प्याज टमाटर की सब्जी बनाने के लिए टमाटर और प्याज बराबर मात्रा में लें। प्याज के छिलके उतार कर लंबा-लंबा काट लें। इसी तरह टमाटर को भी पतला-पतला और लंबा-लंबा काट लें। दोनों को अलग-अलग रखें। अब इसमें डालने के लिए कुछ खड़े मसालों को खरल में कूट लें। इन मसालों में मेथी दाना, सौंफ, जीरा, राई, अजवाइन आधा-आधा चम्मच लें और खरल में मोटा-मोटा कूट लें।

कड़ाही में एक चम्मच देसी घी गरम करें। उसमें कूटे हुए मसालों के साथ चुटकी भर हींग का तड़का लगाएं। साथ में दो हरी मिर्चें बारीक काट कर डाल दें। अगर चाहें चो चार-पांच कढ़ी पत्ते भी डाल सकते हैं। ध्यान रखें कि तड़का बस भूरे रंग का हो जाए, जलने न पाए। तड़का तैयार हो जाए, तो उसमें कटे हुए टमाटर डालें और धीमी आंच पर पांच से सात मिनट के लिए ढक्कन लगा कर पकने दें। जब टमाटर पानी छोड़ने लगे, तो ढक्कन हटाएं और उसमें कटे हुए प्याज डाल कर ठीक से चला लें। इसके साथ ही चुटकी भर हल्दी, आधा चम्मच चीनी और आधा चम्मच कुटी लाल मिर्च और स्वाद के अनुसार नमक डालें। फिर ढक्कन लगा दें और पांच से सात मिनट तक और पकने दें। इसमें पानी नहीं डालना है। पर यह भी ध्यान रखें कि इसका पानी पूरी तरह सूखने न पाए। बस टमाटर और प्याज नरम हो जाएं, तो आंच बंद कर दें। प्याज-टमाटर की सब्जी तैयार है। इसे परांठे या रोटी के साथ खाएं। इसे शीशी में बंद कर रख सकते हैं। तीन-चार दिन तक उपयोग कर सकते हैं। इसे अचार या चटनी की जगह भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

हरे प्याज की सब्जी
आजकल हरे प्याज का मौसम है। हरा प्याज बाजार में बहुतायत में उपलब्ध है। हरा प्याज गरमी में दो तरह से फायदेमंद होता है। एक तो इसमें रेशे बहुत होते हैं, जिसे खाने से पेट साफ रहता है। दूसरे, गरमी के प्रकोप से पेट को ठंडा रखता है। इसलिए हरे प्याज की सब्जी हफ्ते में एक दिन अवश्य बनाएं। इसे बनाना बहुत आसान है। इसके लिए भी बहुत सारी सामग्री जुटाने की जरूरत नहीं पड़ती। इसमें बेसन का उपयोग किया जाता है। हरे प्याज की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले हरे प्याज को ठीक से धोकर साफ कर लें। फिर उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काट कर अलग रख लें। इसके बाद कड़ाही में दो चम्मच सरसों तेल डालें। उसमें जीरा, राई, अजवाइन, चुटकी भर हींग और सौंफ का तड़का दें।

तड़का तैयार हो जाए तो उसमें चुटकी भप हल्दी पाउडर डालें और चार-पांच चम्मच बेसन डाल कर हल्की आंच पर सुनहरा होने तक चलाते हुए सेंक लें। जब बेसन सिंक जाए, तो उसमें कटे हुए हरे प्याज डाल कर ठीक से मिला लें। ऊपर से जरूरत भर का नमक और थोड़ी-सी कुटी लाल मिर्च, आधा चम्मच सब्जी मसाला और स्वाद के मुताबिक नमक डालें और सबको ठीक से मिला कर कड़ाही पर ढक्कन लगा दें। धीमी आंच पर पकने दें। पांच मिनट बाद खोल कर फिर से चलाएं, क्योंकि प्याज के पत्ते पानी छोड़ेंगे। इसी पानी में बेसन भीग कर प्याज पर चिपक जाएगा। जब प्याज पक कर नरम हो जाए, तो आंच बंद कर दें। हरे प्याज की सब्जी तैयार है। इसे परांठे के साथ खाएं, तो अलग आनंद आएगा।

प्याज-हरी मिर्च की सब्जी
टमाटर-प्याज की सब्जी की तरह प्याज और हरी मिर्च की सब्जी भी चटनी और अचार के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल की जा सकती है। यों इसे परांठे या फिर चावल-दाल के साथ सब्जी के रूप में भी खाया जा सकता है। इसे बनाना बहुत आसान है। इसके लिए भी वही खड़े मसाले लें, जो टमाटर-प्याज की सब्जी के लिए लिए थे। उन सभी मसालों को खरल में मोटा-मोटा कूट लें। प्याज को लंबा-लंबा काट लें। मिर्चों को लंबाई में ही दो हिस्से में चीर लें और उनके बीज झाड़ कर निकाल दें। मिर्च के बीज में तीखापन बहुत होता है और फिर इन बीजों के पेट में जाकर आंतों में फंसने की आशंका रहती है। इसलिए मिर्च के बीज निकाल कर खाएं, तो बेहतर रहता है। इन मिर्चों को टुकड़ों में काट लें। अब एक कड़ाही में एक से डेढ़ चम्मच देसी घी गरम करें। उसमें कूटे हुए मसाले डाल कर तड़का लगाएं और फिर उसनें कटी हुई मिर्चें और प्याज डाल कर चलाते हुए, बिना ठक्कन लगाए पकाएं। जब प्याज पक कर नरम हो जाए, तो समझें कि सब्जी तैयार है। आंच बंद कर दें।

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