दाना-पानी: दिवाली का शगुन व्यंजन

दिवाली के दिन चाहे जितनी मिठाइयां और व्यंजन बन जाएं, पर थोड़ा ही सही, शगुन के तौर पर वह व्यंजन अवश्य बनता है। जैसे बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में सूरन यानी ओल या जिमीकंद की सब्जी अवश्य बनाई जाती है। खीर तो लगभग पूरे भारत में दिवाली के दिन प्रसाद रूप में बनती है। आज वही शगुन व्यंजन।

Author नई दिल्ली | November 8, 2020 3:50 AM
दाना-पानीदीपों के पर्व दीपावली का विशेष व्यंजन सूरन की सब्जी और चावल की खीर।

सूरन की सब्जी
दिवाली और उसके आसपास पड़ने वाले त्योहारों में भी नई फसल के व्यंजन अवश्य बनते हैं। कुछ व्यंजन सेहत को ध्यान में रख कर भी तैयार किए जाते हैं। सूरन की सब्जी भी उन्हीं में से एक है। यह भगवान को भोग के रूप में तो नहीं चढ़ाई जाती, पर दिवाली के दिन खाई अवश्य जाती है। सूरन स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत गुणकारी कंद है। सर्दी के मौसम में यह शरीर में गरमी लाता है। कफ संबंधी समस्याओं को दूर करता और पित्त को संतुलित रखता है।

सूरन की सब्जी बनाना थोड़ी अधिक तैयारी की मांग करता है। पहले हथेलियों पर तेल लगाएं और सूरन का छिलका सावधानी से उतार लें। फिर पनीर की तरह इसके चौड़े या फिर छोटे आकार में, जैसा पसंद हो, काट लें। एक बड़े कटोरे में भरपूर पानी लें और उसमें इमली डाल कर घोलें और उसी में सूरन के कटे हुए टुकड़ों को डुबो कर कम से कम आधे घंटे के लिए छोड़ दें। तब तक दूसरी तैयारी कर लें। सूरन की तरकारी में राई या सरसों का उपयोग करना चाहिए।

इससे स्वाद बहुत अच्छा आता है। सरसों को थोड़ी देर भिगो कर रखें और फिर कूट कर महीन कर लें। उसमें थोड़ा-सा पानी डाल कर पेस्ट बनाएं और ढक कर कम से कम आधे घंटे के लिए छोड़ दें। अगर मस्टर्ड सॉस का इस्तेमाल करना चाहें, तो वह भी कर सकते हैं।

अब हम इसकी तरी की तैयारी कर लेते हैं। सूरन की सब्जी कई तरह से बनाई जाती है। कई लोग इसमें लहसुन-प्याज-टमाटर की ग्रेवी बनाते हैं। पर हम चूंकि दिवाली के लिए बना रहें, दही की तरी में इसे बनाएंगे। लहसुन-प्याज का इस्तेमाल नहीं करेंगे। इसके लिए एक कटोरी गाढ़ा दही लें। उसमें एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर, एक चम्मच गरम मसाला, दो चम्मच धनिया पाउडर, आधा चम्मच जीरा पाउडर, आधा चम्मच हल्दी पाउडर, चुटकी भर हींग डाल कर अच्छी तरह फेंटें और आधे घंटे के लिए ढंक कर अलग रख दें। एक कटोरी में एक चम्मच अमचूर पाउडर भी भिगो कर रखें।

आधे घंटे बाद सूरन के टुकड़ों को पानी से बाहर निकालें और पानी को अच्छी तरह निचुड़ जाने दें। एक कड़ाही में बड़े चम्मच से दो चम्मच सरसों का तेल गरम करें। उसमें सूरन के टुकड़ों को डाल कर तेज आंच पर चलाते हुए ऊपरी सतह बादामी रंग का होने तक तलें और फिर बाहर निकाल कर अलग रख लें।

इन टुकड़ों पर चौथाई चम्मच लाल मिर्च पाउडर, थोड़ा नमक और चौथाई चम्मच धनिया पाउडर छिड़क कर अच्छी तरह मिलाएं और थोड़ी देर ढक कर रख दें। अब कड़ाही के बचे हुए तेल में आधा-आधा चम्मच की मात्रा में खड़ा धनिया, जीरा, सौंफ, अजवाइन और एक छोटा टुकड़ा दालचीनी, दो तेजपत्ते, एक साबुत लाल मिर्च का तड़का दें। तड़का तैयार हो जाए, तो उसमें दही के साथ तैयार किए हुए मसाले को डालें। थोड़ा पानी से बरतन के मसाले को साफ कर उसे भी कड़ाही में डाल दें।

इसे मद्धिम आंच पर तेल छोड़ने तक चलाते हुए पकाएं। अब सूरन के तले हुए टुकड़े डालें और अच्छी तरह मिला लें। इसके साथ ही सरसों का पेस्ट एक से डेढ़ चम्मच, जरूरत भर का नमक और भिगोया हुआ अमचूर डालें और अच्छी तरह मिला लें। कड़ाही पर ढक्कन लगा दें और धीमी आंच पर दस मिनट के लिए पकने दें। अगर तरी को पतला रखना चाहते हैं, तो थोड़ा और पानी डालें, गाढ़ा रखना चाहते हैं, तो पानी की जरूरत नहीं होगी, दही का पानी इसके लिए पर्याप्त होगा।

दस मिनट बाक ढक्कन उठा कर देखें, ग्रेवी अच्छी तरह सूरन के टुकड़ों में मिल गई है, तो इसमें एक चम्मच कसूरी मेथी रगड़ कर मिलाएं और आंच बंद कर दें। सूरन की सब्जी तैयार है। ऊपर से कटा हरा धनिया, हरी मिर्च और अदरक के लच्छे से सजा कर परोसें।

चावल की खीर
चावल की खीर बनाने के भी कई तरीके हैं। कुछ लोग दूध में आधा पिसा हुआ चावल और आधा साबुत चावल डाल कर, कुछ लोग गुड़ डाल कर, तो कुछ लोग कंडेंस्ड मिल्क डाल कर बनाते हैं। मगर खीर अच्छी बनती है नए चावल से। इस मौसम में धान की नई फसल आती है। इसलिए दिवाली के दिन नए चावल की खीर अवश्य बनती है। शहरों में नए चावल न मिलें, तो पुराने, रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले चावल से भी इसे बना सकते हैं।

नए चावल से खीर गाढ़ी बनती है और चावल जल्दी गल जाते हैं। अगर पुराने चावल ले रहे हैं, तो एक लीटर दूध के लिए चौथाई कटोरी चावल भिगो कर एक घंटे के लिए रख दें। अगर दूध की मात्रा बढ़ा रहे हैं, तो चावल की मात्रा भी उसी अनुपात में बढ़ा लें।

एक भगोने में दूध को उबलने रख दें। चलाते हुए दूध को गाढ़ा होने तक उबालें। जब दूध की मात्रा तीन चौथाई रह जाए तो उसमें चावलों का पानी निथार कर डाल दें। इसे धीमी आंच पर कम से कम आधा घंटा पकने दें। जब दूध पक कर आधा रह जाए, यानी अंदाजे से एक लीटर का आधा लीटर रह जाए, तो उसमें केसर के कुछ दाने और चौथाई कटोरी चीनी डाल कर मिला लें।

कटे हुए काजू और बादाम भी डालें और फिर चावलों के गलने तक पकाएं। खीर तैयार है। अगर कुछ और मेवे डालना चाहते हैं, तो अखरोट, बादाम, काजू को काट कर देसी घी में थोड़ी देर तलने के बाद ऊपर से डालें और परोसें। खीर को गरम या ठंडा दोनों रूपों में खाया जा सकता है।

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