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दाना-पानी: हरा-भरा नाश्ता

हरी मटर से बने बोंडे के अलावा मूंगदाल के साथ मटर का मेल बिठाते हुए तीखे और कुरकुरे पकौड़े। शाम की चाय को मजेदार बनाने के लिए इस सर्दी में इससे अच्छा नाश्ता भला और क्या हो सकता है।

Author Updated: January 17, 2021 12:09 AM
Dana-Paniजाड़े में शाम की चाय के साथ कुरकुरे हरे मटर बोंडा और मूंग के पकौड़े खाने का अलग ही सुख होता है।

मानस मनोहर

सर्दी में शाम की चाय के साथ कुछ चटपटा, मसालेदार, गरमा-गरम नाश्ता मिल जाए, तो आनंद कुछ बढ़ जाता है। इस बार हरी मटर से बने बोंडे के अलावा मूंगदाल के साथ मटर का मेल बिठाते हुए तीखे और कुरकुरे पकौड़े। शाम की चाय को मजेदार बनाने के लिए इस सर्दी में इससे अच्छा नाश्ता भला और क्या हो सकता है।

मटर बोंडा
बोंडे का नाम जुबान पर आते ही तुरंत ध्यान में आता है आलू बोंडा। दरअसल, आलू बोंडा ही अधिक चलन में है। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में पाव या ब्रेड के बीच में दबा कर बोंडा खाने का चलन है। मगर बोंडा बनाने के और भी कई तरीके हैं। दक्षिण में बोंडा बिना आलू के भी बनता है। दक्षिण के तरीके की नकल करके क्यों न थोड़ा प्रयोग करते हुए कुछ अलग तरह का बोंडा बनाएं। यह हरी मटर का मौसम है और इस मौसम में इसे खाने का आनंद ही कुछ अलग होता है। तो हरी मटर का बोंडा बनाते हैं।

मटर बोंडा भी आमतौर पर दो तरह से बनता है। एक तरीका तो यह है कि जैसे मटर के परांठे बनाने के लिए मटर की पिट्ठी तैयार की जाती है, उसी तरह पिट्ठी तैयार करें और फिर उसे गोलाकार बना कर बेसन के घोल में डुबोएं और बोंडे की तरह तल लें। दूसरा तरीका दक्षिण भारतीय बोंडे का मिला हुआ रूप है। इसे बनाने के लिए मैदा और चावल के आटे का उपयोग किया जाता है। चावल के आटे से अच्छा कुरकुरापन आता है। हम इसी तरीके से बोंडा बनाएंगे।

यह बोंडा बनाने के लिए पहले हरी मटर के दानों को दरदरा पीस या कूट लें। इसे पीसते समय ही तीन-चार हरी मिर्चें, चार-छह लहसुन की कलियां और थोड़ा-सा अदरक भी डाल कर साथ में पीस लें। अब एक बर्तन में एक छोटी कटोरी मैदा और आधा कटोरी चावल का आटा लें। उसी में चुटकी भर हींग, थोड़ा-सा जीरा, चौथाई छोटा चम्मच कुटी लाल मिर्च, चौथाई चम्मच हल्दी, जरूरत भर का नमक और आधा चम्मच गरम मसाला डाल कर अच्छी तरह मिला लें।

अब पिसी हुई मटर, दो कटी हरी मिर्चें और कटा हुआ हरा धनिया डाल कर अच्छी तरह मिलाएं। अगर थोड़े पानी की और जरूरत हो तो जिस मिक्सर जार में मटर पीसी थी, उसी में पानी डाल कर उसमें बची हुई सामग्री को मिश्रण में डालें और घोल तैयार करें। घोल न तो बहुत पतला होना चाहिए और न बहुत गाढ़ा। हमें इसके बोंडे बनाने हैं, इसलिए घोल का ध्यान रखें कि वह कड़ाही में फैले नहीं, बल्कि गोल-गोल बने। इस घोल को दस मिनट के लिए कहीं रख दें।

दस मिनट बाद इस घोल में आधा चम्मच ईनो पाउडर या चौथाई चम्मच मीठा सोडा डालें और एक तरफ को चलाते हुए अच्छी तरह मिला लें। फिर कड़ाही में तेल गरम करें। आंच को मध्यम रखें। गरम तेल में मनचाहे आकार के बोंडे डालते जाएं। ध्यान रखें कि बोंडे ज्यादा बड़े नहीं होंगे, तो अच्छी तरह पकेंगे। सुनहरा रंग आने तक उलट-पलट कर तलें। हरी मटर के बोंडे तैयार हैं। इन्हें हरी या मीठी चटनी के साथ गरमा-गरम परोसें।

मूंगदाल के पकौड़े
सर्दी में पकौड़े बहुत आकर्षित करते हैं। उसमें गरमा-गरम और कुरकुरे पकौड़े हों, तो क्या ही कहने। मूंगदाल के पकौड़ों की बात ही निराली है। खाने में स्वादिष्ट और पचाने में आसान। मूंगदाल के पकौड़े बनाने के लिए आमतौर पर लोग दाल को कुछ देर भिगोने के बाद पीस लेते हैं। अगर वैसा करें, तो अच्छा, वरना उससे आसान तरीका यह है कि ग्राइंडर में धुली सूखी मूंगदाल को दरदरा पीस लें।

ध्यान रखें कि बहुत मोटा न रहे, पर आटे से थोड़ा मोटा रहे। बाजार में मूंगदाल पकौड़े बनाने के लिए जो पैकेट में सामग्री मिलती है, वह इसी तरह तैयार की गई होती है। उसमें सारे मसाले भी साथ में पिसे होते हैं। अगर आप भी चाहें तो दाल के साथ ही एक चम्मच सूखा धनिया, आधा चम्मच जीरा, दो-तीन सूखी मिर्च डाल कर पीस लें। इस तरह आटा तैयार करके शीशी में भर कर रख भी सकते हैं और जब पकौड़े या चीला बनाने का मन हो, इसमें से जरूरत भर का निकाल कर इस्तेमाल कर सकते हैं।

मूंगदाल पीसने के बाद जरूरत भर का लेकर एक कटोरे में थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें और करीब पंद्रह मिनट के लिए आराम करने को छोड़ दें। दाल को नरम होने में इतना वक्त लग ही जाता है। फिर इन पकौड़ों में डालने के लिए कुछ सब्जियां काटें। इसमें कुछ अधिक सब्जियों की जरूरत नहीं पड़ती।

हरे प्याज का मेल इसके साथ जबर्दस्त होता है। इसलिए एक हरा प्याज सफेद हिस्से और पत्ते समेत बारीक-बारीक काट लें। अगर हरा प्याज न हो तो रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले प्याज का भी उपयोग कर सकते हैं। प्याज की मात्रा कम ही रखें, वरना यह मूंगदाल के बजाय प्याज का पकौड़ा बन जाएगा। इसके अलावा हरा धनिया, अदरक और हरी मिर्च भी बारीक-बारीक काट लें।

अब मूंगदाल मिश्रण को लें। वह गाढ़ा हो गया होगा। अगर अधिक सूखा हुआ-सा है, तो उसमें एक-दो चम्मच पानी डालें और अच्छी तरह फेंट लें। फिर जरूरत भर का नमक, चुटकी भर हींग, चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर और आधा चम्मच अजवाइन रगड़ कर डालें। अगर दाल को पीसते समय आपने मसाले नहीं डाले थे, तो इसमें आधा चम्मच गरम मसाला और आधा चम्मच कुटी लाल मिर्च भी डाल लें।

सारी चीजों को अच्छी तरह मिलाने के बाद कटी हुई सब्जियां डालें और अच्छी तरह मिला लें। यह मिश्रण थोड़ा गाढ़ा ही होना चाहिए। अब कड़ाही में तेल गरम करें। आंच को मध्यम कर दें। छोटा-छोटा हिस्सा लेकर तेल में डालते जाएं और उलट-पलट कर सुनहरा होने तक तल लें। कुरकुरे स्वादिष्ट मूंगदाल के पकौड़े तैयार हैं। हरी या लाल जिस भी चटनी के साथ पसंद हो, परोसें और साथ में गरमा-गरम चाय का आनंद लें।

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