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दाना-पानी: घर में बाजार का जायका

कोरोना संकट के दौरान बाजार का खाना खतरे से खाली नहीं है। फिर क्यों न रेस्तरां और ढाबों पर परोसी जाने वाली सामग्री घर में ही बना कर खाई जाए। घर के भोजन में साफ-सफाई का ध्यान तो रखा ही जाता है, उसमें तेल-मसाले वगैरह का अनुपात अपनी रुचि के अनुसार रखने की भी सुविधा होती है। इस बार कुछ ऐसे ही व्यंजन।

जनसत्ता दाना-पानी कॉलम गोभी मुसल्लम और सूखा मंचूरियन।

मानस मनोहर
गोभी मुसल्लम
मुसल्लम का अर्थ है पूरा। फूल गोभी की सब्जी तो सभी अपने ढंग से बनाते हैं, पर गोभी मुसल्लम का जायका सबसे अलग होता है। इसमें गोभी को बिना काटे, पूरा पकाया जाता है। गोभी मुसल्लम कश्मीरी व्यंजन है। हालांकि इसे पकाने की विधि दूसरे इलाकों में पहुंच कर अपने-अपने स्वाद और रंग ले लेती है। कश्मीरी लोग इसकी तरी में प्याज-टमाटर के बजाय दही का इस्तेमाल करते हैं, उसमें सौंफ के पाउडर की मात्रा अधिक रखी जाती है। यही जब पंजाब से होते हुए दूसरे इलाकों में पहुंचता है, तो इसका स्वाद कुछ अधिक चटपटा हो जाता है। हम दोनों का मेल करते हुए इसे बनाएंगे।

गोभी मुसल्लम बनाने के लिए एक मध्यम आकार की सघन फूल गोभी लें। उसका डंठल काट कर हटा दें। ऊपर का हिस्सा पूरा लगा रहने दें। गुनगुने पानी में नमक और थोड़ी हल्दी डाल कर थोड़ी देर अच्छी तरह डुबा कर रखें, ताकि अगर उसमें कीड़े छिपे हों तो बाहर निकल जाएं और गोभी अच्छी तरह साफ हो जाए। गोभी का पानी अच्छी तरह निथार लें। फिर एक फोर्क की मदद से गोभी के फूल में सावधानीपूर्वक ऊपर से तीन-चार जगह छेद कर दें। इस बीच, इसकी तरी बनाने के लिए एक कटोरी दही में आधा चम्मच हल्दी पाउडर, एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर, एक चम्मच धनिया पाउडर, एक चम्मच गरम मसाला, एक से डेढ़ चम्मच सौंफ पाउडर और एक चम्मच नमक डाल कर अच्छी तरह फेंट लें और ढक कर रख दें।

एक कड़ाही में तीन-चार चम्मच देसी घी गरम करें। उसमें डंठल की तरफ वाला हिस्सा नीचे रखते हुए गोभी रख दें। आंच मध्यम रखें। इसी घी में किनारे की तरफ एक तेजपत्ता, कुछ साबुत काली मिर्चें, आधा चम्मच जीरा, आधा इंच दालचीनी, एक चकरीफूल और दो बड़ी इलाइची डाल दें। कड़ाही पर ढक्कन लगा दें। इन मसालों की महक गोभी में रम जाएगी। पांच मिनट बाद ढक्कन खोलें और एक चम्मच से घी उठा कर गोभी के ऊपर डालते रहें, ताकि वह पूरे फूल में समा जाए और गोभी कुछ सिंक जाए। अब इसी में किनारों की तरफ दो मध्यम आकार के लंबे कटे प्याज और एक बड़े आकार का टमाटर काट कर डाल दें। इसके साथ ही अदरक भी काट कर डाल दें और किनारे-किनारे चलाते हुए मिला लें।

ध्यान रहे, गोभी को न छेड़ें। अब आधा गिलास पानी डालें और इसी के साथ सात-आठ काजू के दाने डालें और कड़ाही को अच्छी तरह ढक दें। दस मिनट बाद ढक्कन खोलें और फोर्क से देखें कि गोभी पक गई या नहीं। अगर कुछ कसर रह गई हो तो पांच मिनट और पकाएं। ध्यान रहे कि गोभी गलनी नहीं चाहिए, उसमें कुछ कड़ापन रहना चाहिए।

अब कड़ाही का ढक्कन खोलें, सावधानी से गोभी को बाहर निकाल कर एक अलग बर्तन में रखें। आंच बंद कर दें। टमाटर और प्याज पक कर नरम हो गए होंगे। उन्हें ठंडा होने दें, फिर मिक्सर में सारी चीजें डाल कर पानी समेत पीस लें।

फिर से कड़ाही में एक चम्मच घी गरम करें और उसमें जीरा और सौंफ का तड़का दें। प्याज-टमाटर-काजू की पिसी ग्रेवी को छौंकें और फिर तीन-चार मिनट चलाते हुए पकाने के बाद उसमें ऊपर से फेंटा हुआ दही डालें। मध्यम आंच पर चलाते हुए पकाएं। जब उबाल आने लगे, तो उसमें थोड़ा-सा और धनिया पाउडर और गरम मसाला डालें और अच्छी तरह मिला लें। अगर तरी ज्यादा गाढ़ी है, तो उसमें थोड़ा पानी डाल सकते हैं। जब तरी अच्छी तरह पक जाए तो आंच बंद कर दें और चम्मच से निकाल कर गोभी के ऊपर धीरे-धीरे करके डालें, ताकि तरी गोभी के भीतर तक समा जाए। अब इसे हरा धनिया और हरी मिर्च से सजाएं और गरमा-गरम परोसें।

सूखा मंचूरियन
मंचूरियन यों तो चीनी व्यंजन है, जिसे तरी के साथ चावल या नूडल वगैरह के साथ खाया जाता है। पर इसे सूखे रूप में पकौड़ों की जगह नाश्ते के तौर पर भी खाया जाता है। अब मंचूरियन भारतीय स्वाद में भी रच-बस गया है। यह खाने में मीठा-चटपटा और पकौड़ों से अलग स्वाद लिए होता है। खासकर बच्चों को बहुत पसंद आता है। इसे बनाना बहुत आसान है। इसलिए बच्चों को बाजार का मंचूरियन खाने से रोकना है, तो इसे घर पर ही बनाएं और खुद भी लुत्फ उठाएं।

मंचूरियन बनाने के लिए एक मध्यम आकार के पत्ता गोभी, एक-दो हरे प्याज और एक गाजर की जरूरत पड़ती है। पहले गोभी को दो हिस्सों में काट कर गरम पानी में नमक और हल्दी डाल कर कुछ देर के लिए छोड़ दें। इस तरह इसमें कीड़े वगैरह होने की आशंका दूर हो जाएगी। फिर अच्छी तरह पानी निथार लें। ठंडा होने के बाद बारीक-बारीक काट लें। इसी तरह गाजर और प्याज को भी बारीक-बारीक काट लें। प्याज में से आधा हिस्सा अलग रख लें।

अब इन कटी हुई सब्जियों में दो चम्मच लाल मिर्च पाउडर और जरूरत भर का नमक डालें। फिर थोड़ा-थोड़ा करके मैदा डालते हुए गूंथें। पानी डालने की जरूरत नहीं है। सब्जियों की नमी से ही मैदा उनमें चिपक जाएगा। ध्यान रहे कि इस मिश्रण की गोलियां बना कर तेल में तलना है, इसलिए मैदा की मात्रा उसी अनुपात में रखें। ज्यादा मैदा न डालें, नहीं तो सब्जियों का स्वाद दब जाएगा।

अब कड़ाही में तेल गरम करें। हथेलियों पर पानी लगा कर मिश्रण से गोलियां बनाएं और मध्यम आंच पर तेल में डाल कर सुनहरा होने तक तल लें। फिर पैन या कड़ाही में एक चम्मच तेल गरम करें, चुटकी भर जीरे का तड़का दें और उसमें, अदरक-लहसुन का पेस्ट और कटे हरे प्याज को छौंक दें। दो मिनट के लिए चलाते हुए पकाएं, फिर आठ-दस चम्मच टोमैटो कैचप डालें, थोड़ा-सा नमक और दो चम्मच सोया सॉस डालें। उबाल उठने लगे, तो मंचूरियन की गोलियां डाल कर अच्छी तरह मिलाएं। जब सारा सॉस मंचूरियन पर चिपक कर सूख जाए, तो गरमा-गरम खाने को परोसें।

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