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दाना-पानी: सर्दी में कुछ गरम

ब तली-भुनी, चटपटी और मसालेदार चीजें खाना अच्छा लगता है। मगर इस मौसम में थोड़ी-सी सावधानी बरतें और खानपान में कुछ चीजों को अनिवार्य रूप से शामिल कर लें, तो न सिर्फ शरीर में गरमी बनी रहती है, बल्कि अटपटा-चटपटा खाने से शरीर में पैदा होने वाले विकारों की आशंका भी दूर हो जाएगी। पेश हैं कुछ ऐसे ही व्यंजन।

Author November 19, 2017 05:42 am
बहुत सारे लोग सर्दी के मौसम को इसलिए अच्छा मानते हैं कि उसमें कुछ भी खाओ, आसानी से हजम हो जाता है।

मानस मनोहर

सर्दी के मौसम में खानपान ठीक न हो तो फिर गरमी का मौसम शुरू होते ही, यानी वसंत के साथ ही कफ और पित्त संबंधी अनेक बीमारियां शरीर में डेरा जमाना शुरू कर देती हैं। यों बहुत सारे लोग सर्दी के मौसम को इसलिए अच्छा मानते हैं कि उसमें कुछ भी खाओ, आसानी से हजम हो जाता है। खूब तली-भुनी, चटपटी और मसालेदार चीजें खाना अच्छा लगता है। मगर इस मौसम में थोड़ी-सी सावधानी बरतें और खानपान में कुछ चीजों को अनिवार्य रूप से शामिल कर लें, तो न सिर्फ शरीर में गरमी बनी रहती है, बल्कि अटपटा-चटपटा खाने से शरीर में पैदा होने वाले विकारों की आशंका भी दूर हो जाएगी। पेश हैं कुछ ऐसे ही व्यंजन।

रसम-पापड़

रसम दक्षिण भारत का लोकप्रिय व्यंजन है। यह एक प्रकार से सूप और दाल दोनों का काम करता है। सर्दी में इसे खाने से शरीर को गरमी मिलती है, जुकाम, खांसी, बुखार में राहत मिलती है। दक्षिण में इसे कई प्रकार से बनाया जाता है। कुछ लोग सिर्फ टमाटर और सब्जियों से बनाते हैं, तो कुछ इमली से। कुछ लोग इसे अन्नानास से भी तैयार करते हैं। मगर आम चलन में दाल और टमाटर, इमली से तैयार होने वाला रसम ही अधिक है। इसमें कैलोरी कम और प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। इसके अलावा कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन का मात्रा भरपूर होती है। इसलिए अगर रात को भारी भोजन लेने के बजाय सिर्फ रसम और पापड़ लें तो यह भोजन की कमी को पूरा कर देता है और सुपाच्य भी होता है। कुछ लोग इसे उबले हुए चावल के साथ भी खाना पसंद करते हैं।

बनाने की विधि
रसम बनाने के लिए रसम पाउडर सबसे जरूरी तत्त्व है। यह बाजार में सहज उपलब्ध होता है। वैसे इसे घर में भी आसानी से बनाया जा सकता है। रसम पाउडर बनाने के लिए दो चम्मच अरहर और एक चम्मच चने की दाल लें। इसके अलावा एक चम्मच साबुत धनिया, तीन-चार साबुत लाल मिर्चें, साबुत जीरा, आधा चम्मच काली मिर्च लें। इन सबको गरम तवे पर चलाते हुए सुनहरा होने तक भून लें। तवे से उतार कर ठंडा होने दें और फिर मिक्सर में पीस लें। रसम पाउडर तैयार है।  अब रसम बनाने के लिए दो चम्मच अरहर की दाल और दो टमाटर डाल कर कुकर में तीन सीटी आने तक उबाल लें। कुकर से निकाल कर उसे ब्लेंडर से मथ लें या मिक्सर में पीस लें, ताकि दाल और टमाटर पूरी तरह एकसार हो जाएं। अब उसमें दो से तीन चम्मच रसम पाउडर डाल कर अलग रख दें।  इमली के गूदे को गरम पानी में थोड़ी देर तक भिगो कर रखें और फिर उसे ठीक से मसल कर छन्नी से छान लें।
अब एक पैन में थोड़ा-सा तेल गरम करें। उसमें थोड़ी-सी हल्दी, आधा छोटा चम्मच हींग पाउडर, एक चम्मच लहसुन-अदरक का पेस्ट, नमक और इमली का गूदा डाल कर चलाएं। उसी में उबली हुई दाल और मसाले का मिश्रण डालें और दो गिलास पानी डाल कर दस मिनट तक उबलने दें। इस उबले हुए रसम में तड़का लगाने के लिए एक कलछी में एक चम्मच तेल गरम करें और उसमें एक छोटा चम्मच राई और कढ़ी पत्ता डाल कर तड़का तैयार करें और उबली हुई रसम में डाल दें।  रसम को पापड़ के साथ परोसें। यह भोजन से पहले स्टार्टर के तौर पर भी परोसा जा सकता है, सूप के तौर पर भी और चाहें तो उबले चावल के साथ भी खा सकते हैं। ल्ल

कच्ची हल्दी की मीठी चटनी
हल्दी सर्वोत्तम एंटीबायोटिक है। इसके सेवन से रक्त का प्रवाह सुचारु होता है, सर्दी के मौसम में होने वाले नजला-जुकाम से राहत मिलती है। कफ को दूर करती है। आजकल जिस तरह वायु प्रदूषण के चलते लोगों को सांस संबंधी तकलीफ हो रही है, कच्ची हल्दी उससे बचाव करेगी।  कच्ची हल्दी आजकल बाजार में सहज उपलब्ध होती है। इसकी चटनी बनाना बहुत ही आसान है।  कच्ची हल्दी की मीठी चटनी बनाने के लिए एक पाव हल्दी की गांठें लें। उसका छिलका उतार लें। उसे धोकर कद्दूकस कर लें।  अब एक कड़ाही में चार चम्मच देसी घी गरम करें। उसमें एक छोटा चम्मच धनिया के साबुत दाने, एक छोटा चम्मच अजवाइन, बीज निकाली हुई तीन-चार लाल मिर्चें डाल कर तड़का लें।  तड़का तैयार हो जाए, तो उसमें कद्दूकस की हुई कच्ची हल्दी डाल कर चलाएं। ऊपर से करीब सौ ग्राम गुड़ के टुकड़े डालें। चीनी का इस्तेमाल न करें। एक छोटा चम्मच काला नमक और एक बड़ा चम्मच सोंठ का पाउडर भी मिला लें। इन सबको गाढ़ा हो जाने तक चलाते हुए पकाएं।  इस चटनी को एक कांच के जार में भर कर रख लें। भोजन करते समय एक चम्मच रोज चटनी की तरह खाएं। अगर रोज न खा सकें, तो जब मन हो तो खाएं। सर्दी के आने वाले दोमहीनों में अगर इसका लगातार सेवन करेंगे, तो न सिर्फ रक्त शुद्ध होगा, बल्कि शरीर को गरमी मिलेगी और जोड़ों के दर्द और सांस फूलने जैसी समस्याओं से भी मुक्ति मिलेगी। कच्ची हल्दी की चटनी व्यंजन का व्यंजन और औषधि की औषधि है। ल्ल

 

 

 

 

 

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