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दाना-पानी: जायका और नाश्ता में खास – सैंडविच ढोकला और खांडवी

खानपान में विविधता को लेकर लोगों में आकर्षण बढ़ा है। यही वजह है कि हर घर में अब भोजन पकाने को लेकर प्रयोग होने लगे हैं, तो तरह-तरह के व्यंजन आजमाए जाने लगे हैं। रोज एक ही तरह का नाश्ता और भोजन करते-करते ऊब हो जाती है, इसलिए इस तरह के प्रयोग जरूरी भी हैं। इस बार कुछ इसी तरह के नाश्ते।

दाना-पानी-जायका-और-नाश्ता सैंडविच ढोकला और खांडवी

मानस मनोहर
सैंडविच ढोकला
कला आमतौर पर बेसन का बनता है। यह गुजरात और महाराष्ट्र का लोकप्रिय नाश्ता है। पर इसे सूजी से भी बनाया जा सकता है। सूजी के ढोकले का स्वाद बेसन से बिल्कुल भिन्न होता है। जब भी सैंडविच ढोकला बनाना हो, तो सूजी का इस्तेमाल करें, बेहतर बनता है। सैंडविच ढोकला भी यों तो परंपरागत ढोकले की तरह का ही होता है, पर यह बच्चों को आकर्षक लगता है। इसलिए इसे बना कर रख लें और दो-तीन दिन तक खाएं। इसके रंग से आकर्षित होकर बच्चे बड़े चाव से खाएंगे। आपके स्वाद में भी बदलाव आएगा।

सूजी का ढोकला बनाना बहुत असान है। बेसन को फेंटने और सावधानी बरतने की जैसी जरूरत होती है, इसमें नहीं होती। सैंडविच ढोकला बनाने के लिए दो कप सूजी लें। घर में जो भी सूजी उपलब्ध हो, उसका इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें सवा कप के करीब दही डालें और अच्छी तरह मिला लें। फिर जरूरत भर का नमक और एक कप पानी डाल कर अच्छी तरह फेटें। इस घोल को ढंक कर पंद्रह बीस मिनट के लिए रख दें।

अब सैंडविच के लिए मसाला तैयार करें। एक पैन में दो चम्मच तेल गरम करें। उसमें चुटकी भर जीरा, दो तीन खड़ी लाल मिर्च डाल कर तड़का लगाएं और फिर दो मध्यम आकार के टमाटर काट कर डाल दें। चुटकी भर नमक डालें, ताकि टमाटर जले नहीं और अच्छी तरह नरम हो जाए। अब इसे ढंक कर मध्यम आंच पर पकने दें। जब टमाटर पक कर गलने लगे तो आंच बंद कर दें। इसे थोड़ा ठंडा होने दें। फिर मिक्सर में डाल कर अच्छी तरह पेस्ट बना लें। अगर चाहें तो सैंडविच में हरा रंग देने के लिए टमाटर की जगह पालक या हरा धनिया का भी उपयोग कर सकते हैं। इसमें हरे धनिया की चटनी का भी उपयोग किया जा सकता है।

ढोकला पकाने के लिए बड़ी और गहरी कड़ाही, भगोना या फिर इडली कुकर में दो गिलास पानी डालें और तेज अंच पर गरम होने रख दें। ऊपर से ढक्कन लगा दें। अब सूजी के घोल को एक बार फिर फेंटें। अगर घोल गाढ़ा हो, तो थोड़ा और पानी डाल कर फेंटें। मिश्रण गाढ़ा और एकसार हो जाए तो उसे तीन हिस्सों में बराबर-बराबर बांट लें। पहले एक हिस्से के मिश्रण में एक पुड़िया ईनो का आधा हिस्सा डाल कर अच्छी तरह मिलाएं। जिस कटोरे में ढोकला बनाना हो उसमें हल्का तेल चुपड़ कर उसमें डालें और पटक कर अच्छी तरह सेट कर लें।

कटोरे को उबलते पानी वाले बर्तन के तले में जाली या फिर कटोरी रख कर उसके ऊपर रख दें और ढक्कन लगा दें। पांच मिनट तक पकने दें। फिर ढक्कन उठाएं और सूजी के मिश्रण का दूसरा हिस्सा लें। उसमें टमाटर का पेस्ट, एक चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च और आधा पुड़िया ईनो डाल कर फेटें और कटोरे में दूसरी परत बना कर इसे डाल दें। इसे भी पांच मिनट तक पकने दें। फिर ढक्कन उठा कर बाकी बचे मिश्रण में ईनो डालें और ढोकले की ऊपरी परत के रूप में बिछा दें। बर्तन के ऊपर ढक्कन लगा दें और करीब पंद्रह मिनट पकने दें।

अब बर्तन का ढक्कन उठाएं, ढोकले के बीच में एक चाकू डाल कर देखें। अगर चाकू साफ बाहर निकल आए तो समझें कि ढोकला तैयार है। आंंच बंद कर दें। भाप उठनी बंद हो जाए तो ढोकले को बाहर निकालें और पांच मिनट ठंडा होने दें। अब किनारों की तरफ चाकू फिरा लें और पलट कर ढोकले को बाहर निकाल लें।

फिर एक तड़का पैन में दो चम्मच तेल गरम करें। उसमें राई, हरी मिर्च और कढ़ी पत्ते का तड़का तैयार करें और ढोकले के ऊपर डाल दें। अगर ढोकले में मिठास लाना चाहते हैं, तो तड़के में थोड़ा पानी डालें और फिर उसमें एक चम्मच चीनी डाल कर पिघला लें और उसे ढोकले के ऊपर डालें। अब तिकोने आकार में काट कर परोसें।

खांडवी
खांडवी भी खमन ढोकला की तरह का ही नाश्ता है। इसमें तेल का बहुत कम इस्तेमाल होता है। इसे कई दिन तक खाया जा सकता है। चाय के साथ या नाश्ते के तौर पर इसे खाया जा सकता है। इसे बनाना बहुत आसान है।

खांडवी बनाने के लिए डेढ़ कप बेसन और एक कप दही लें। इसे मिक्सर जार में डालें। ऊपर से थोड़ी-सी अदरक बारीक काट कर डाल लें। फिर एक कप पानी और जरूरत भर का नमक डाल कर अच्छी तरह घोल बना लें। अगर इसमें मिठास पसंद है, तो एक चम्मच चीनी भी डाल सकते हैं। यों इसे हाथ से फेंटते हुए भी घोल बनाया जा सकता है। पर मिक्सर में घोल बनाने से इसमें गांठें रहने की संभावना नहीं रहती।

अब एक पैन गरम करें और उसमें इस घोल को डाल कर लगातार चलाते हुए मध्यम आंच पर गाढ़ा होने दें। घोल को लगातार चलाते रहना इसलिए जरूरी है कि उसमें गांठें न रहें। ध्यान रखें कि घोल न तो बहुत पतला रहने पाए और न ज्यादा सख्त हो, क्योंकि इसे हमें फैला कर पतली परत के रूप में बिछाना है।

जब घोल अच्छी तरह गाढ़ा हो जाए तो दो तीन थालियों को पलट कर हल्का चुपड़ें। एक-एक थाली पर थोड़ा-थोड़ा घोल डालें और पलटे से फैलाते हुए बराबर मोटाई में परत बिछा लें। परत ज्यादा मोटी न हो। फिर इसे ठंडा होने दें। अब एक चाकू की मदद से लंबाई में पट्टी की तरह ऊपर से नीचे तक चार-पांच बराबर हिस्सों में काट लें। सारी थालियों की परत को इसी तरह पट्टी की शक्ल में काटें। उनमें से एक-एक पट्टी को एक तरफ से पकड़ें और गोल-गोल घुमाते हुए लपेटते जाएं। इन खांडवी को एक बड़े बर्तन में रखें।

तड़का पैन में दो-तीन चम्मच तेल गरम करें और उसमें राई और कढ़ी पत्ते का तड़का देकर खांडवी के ऊपर डाल दें। कच्चे नारियल को कद्दूकस करके इसके ऊपर डाल दें, और आकर्षक हो उठेगा। इसे दो-तीन दिन तक खा सकते हैं।

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