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दाना-पानी: त्योहारों के पकवान

इस साल कोरोना संक्रमण के चलते खान-पान में बहुत सावधानी बरतनी पड़ रही है। खानपान में सफाई का खास खयाल रखना पड़ रहा है। तो बाहर से मिठाई खरीदने के बजाय क्यों न घर में ही कुछ आसान-सी और पारंपरिक मिठाइयां बनाएं।

व्यंजन भाखरवड़ी और बेसन के लड्ड।

मानस मनोहर
त्योहारों का समय हो, तो मिठाइयों की खपत बढ़ जाती है। लोगों का मुंह मीठा कराने, उन्हें उपहार में देने के लिए मिठाइयां खरीदनी ही पड़ती हैं। मगर इस साल कोरोना संक्रमण के चलते बहुत सावधानी बरतनी पड़ रही है। खानपान में सफाई का खास खयाल रखना पड़ रहा है। तो बाहर से मिठाई खरीदने के बजाय क्यों न घर में ही कुछ आसान-सी और पारंपरिक मिठाइयां बनाएं।a

भाखरवड़ी
यह कुछ मीठा, खट्टा, तीखा, चटपटा नाश्ता होता है। इसे महाराष्ट्र और गुजरात में खूब पसंद किया जाता है। भाखरवड़ी शुद्ध देसी व्यंजन है और इसे खाने से सेहत को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचता। इसे बनाने के लिए जितनी मात्रा में मैदा लें, उसकी तिहाई मात्रा बेसन की रखें।

फिलहाल एक कप मैदा और तिहाई कप बेसन से शुरू करते हैं। मैदा और बेसन को आपस में मिला लें। उसमें चुटकी भर हींग और थोड़ा नमक डालें। फिर करीब डेढ़ सौ ग्राम तेल गरम करें और इसमें डाल दें। गरम तेल डालने से भाखरवड़ी नरम, मुलायम और खस्ता बनती है। तेल को अच्छी तरह मैदे में मिला लें। मिश्रण को मुट्ठी में बांध कर देखें, अगर बंध रहा है, तो तेल की मात्रा सही है। अगर मिश्रण मुट्ठी में नहीं बंध रहा, तो थोड़ा गरम तेल और डाल सकते हैं। फिर थोड़े-थोड़े पानी का छींटा देते हुए आटा गूंथ लें। जैसे पूड़ी के लिए कड़ा आटा गूंथते हैं, उसी तरह का आटा होना चाहिए।

गूंथने के बाद आटे को ढंक कर आराम करने के लिए रख दें। अब इसका मसाला तैयार करें। एक पैन गरम करें। आंच धीमी रखें। उसमें दो चम्मच साबुत धनिया, एक चम्मच जीरा, एक चम्मच सौंफ, एक चम्मच सफेद तिल को महक उठने तक गरम करें। फिर उसे ठंडा होने के लिए रख दें।

इन मसालों को एक ग्राइंडर में डालें और एक झटका देकर पीसें। फिर उसमें एक से डेढ़ चम्मच चीनी, चौथाई चम्मच हींग और एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर डालें और ढक्कन लगा कर फिर एक झटका देकर सारी चीजों को पीस लें। ध्यान रखें कि यह मसाला दरदरा ही रहना चाहिए, तभी खाने में अच्छा लगता है। इसलिए इसे महीन न पीसें।

अब गुंथे हुए आटे को एक बार और मसल कर एकसार कर लें। उसके दो या तीन हिस्से करें। चकले पर बड़े आकार में रोटी की तरह पतला बेल लें। उसके ऊपर इमली की खट्टी-मीठी चटनी की परत लगाएं और पिसे हुए मसाले में से एक हिस्सा लेकर पूरी रोटी पर बराबर फैला दें। इस मसाले के ऊपर एक बार बेलन फेर दें, ताकि मसाला रोटी पर अच्छी तरह चिपक जाए।

अब रोटी के एक सिरे को पकड़ कर रोल की तरह लपेटें। आखिरी सिरे पर हल्का पानी लगा कर चिपका दें और फिर पूरे रोल को हल्का दबाव बनाते हुए एक तरफ को गोल-गोल फिरा लें। इस तरह रोल अच्छी तरह चिपक जाएगा, उसके बीच में कोई जगह खाली नहीं रहेगी।

इस रोल के दोनों हिस्सों के उखड़ा हुआ हिस्सा काट कर अलग कर दें और फिर रोल में से छोटे-छोटे टुकड़े काट लें। इन टुकड़ों को मसाले वाले हिस्से की तरफ से रखें और ऊपर से हल्के हाथों से दबा दें। अब कड़ाही में तेल गरम करें। जब तेल अच्छी तरह गरम हो जाए, तो आंच को मध्यम कर दें और उसमें कटी हुई भाखरवड़ियों को डाल कर सुनहरा होने तक तल लें। खस्ता, चटखारेदार, मजेदार भाखरवड़ी तैयार है। डिब्बे में भर कर रख दें, पंद्रह-बीस दिन तक खराब नहीं होती।

बेसन के लड्डू
लड्डू पारंपरिक भारतीय मिठाई है। इसे पुराने समय से बनाया और खाया जाता रहा है। दूध-मावे से बनी मिठाइयों की तरह इसके खराब होने का भी खतरा नहीं रहता। बेसन के लड््डू बनाने के लिए मुख्य रूप से बेसन, चीनी, घी और कुछ मेवे की जरूरत पड़ती है। इसकी मात्रा का पैमाना यह है कि जितना बेसन लें उसकी आधा मात्रा घी और उतनी ही चीनी की रखें। यानी अगर एक किलो बेसन लिया है, तो आधा किलो चीनी और आधा किलो ही घी लें। चीनी को पीस कर बूरा बना लें।

अगर एक किलो बेसन के लड््डू बना रहे हैं, तो उसमें डालने के लिए सौ से डेढ़ सौ ग्राम के बराबर बादाम और पिस्ता के दाने पर्याप्त होंगे। उन्हें पतले-पतले लंबे आकार में काट लें। कुछ हरी इलाइची के दाने कूट कर अलग रख लें। अब एक कड़ाही में घी डालें। थोड़ा-सा घी बचा कर रख लें। जब घी पिघल जाए तो उसमें सारा बेसन एक साथ डाल दें।

मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए बेसन को भूनें। पंद्रह-बीस मिनट बाद आप देखेंगे कि बेसन घी छोड़ने लगा है और बेसन तरल होकर पतला हो रहा है। इसी समय कटे हुए मेवे डालें। कुछ कटे हुए काजू बचा कर रख लें, ऊपर से सजाने के काम आएंगे।

बेसन को चलाते हुए दो से तीन मिनट भूनें। अब ऊपर से पानी की कुछ बूंदों का छींटा मारें और बेसन को चलाते रहें। इस तरह बेसन दानेदार बनता है और लड््डू खाने में अच्छा लगता है। ऐसा दो मिनट के अंतर पर दो बार छींटा मारें और जब पानी अच्छी तरह सूख जाए, तो आंच बंद कर दें। अब बचा हुआ घी डाल कर चलाएं। इससे बेसन में चमक आएगी।

भुने हुए बेसन को एक बड़ी थाली या परात में निकालें और ठंडा होने दें। देखें कि जब बेसन हाथ में सहन करने लायक ठंडा हो जाए, तो उसमें कुटी हुई इलाइची डालें और फिर थोड़ा-थोड़ा करके चीनी डालें और मिलाते रहें। जब सारी चीनी मिल जाए, तो एक बार दोनों हथेलियों से मलते हुए चीनी को अच्छी तरह मिला लें।

देखेंगे कि बेसन ने सारी चीनी को जज्ब कर लिया है। अब मनचाहे आकार में लड््डू बनाते जाएं और ऊपर से कटा हुआ बादाम लगा कर सजाएं। बेसन के लड््डुओं को फ्रिज में न रखें, नहीं तो ये कड़े हो जाएंगे। इस त्योहार इन शुद्ध, घर के बने साफ-सुथरे लड््डुओं से मेहमानों का स्वागत करें।

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