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दाना-पानी: पारंपरिक के साथ प्रयोग, दम आलू और अमरूद की चटनी

भोजन बनाते समय लगातार प्रयोग करते रहने से न सिर्फ एक ही व्यंजन को अलग-अलग तरीकों से बनाने का कौशल विकसित होता है, बल्कि स्वाद में बदलाव भी आता है। एक ही तरीके से बनी चीजें लगातार खाते रहने से मन ऊबने लगता है। इसलिए भोजन में हमेशा प्रयोग करते रहना चाहिए। बहुत सारी चीजें हमारे घरों में लगभग एक ही तरीके से बनती हैं, पर अगर हम उनमें थोड़ा-सा कोई परिवर्तन कर देते हैं, तो उसका स्वाद बिल्कुल नया हो जाता है। इस बार कुछ ऐसे ही प्रयोग।

Author January 13, 2019 2:05 AM
दम आलू

मानस मनोहर

दम आलू
दम आलू लगभग सभी को पसंद है और देश के हर हिस्से में खाया जाता है। इसे बनाने के हर किसी के तरीके थोड़े भिन्न होते हैं। पर इसकी मूल तैयारी लगभग एक-सी होती है। इसे हम थोड़ा अलग ढंग से बनाएंगे। दम आलू बनाने के लिए छोटे आकार के आलू लेना बेहतर रहता है। आलुओं को नमक डाल कर उबाल लें। ध्यान रखें कि वे पिलपिले न होने पाएं। उनका छिलका उतार लें और टुथपिक से सब में आर-पार छेद कर लें। अब इसमें हल्का नमक, हल्दी पाउडर और कुटी लाल मिर्च डाल कर मैरिनेट करें यानी ठीक से मिला कर करीब आधे घंटे के लिए ढंक कर अलग रख दें। अब इसमें डालने के लिए एक मध्यम आकार के प्याज के चौकोर बड़े टुकड़े काट लें। सभी परतों को अलग-अलग कर दें। इसके अलावा इतनी ही मात्रा में शिमला मिर्च के चौकोर बड़े टुकड़े काट कर अलग रख लें।

दम आलू की ग्रेवी बनाने के लिए दो प्याज और दो टमाटर अलग-अलग मोटा-मोटा काट लें। चार-पांच लहसुन की कलियां भी छील कर रख लें। डेढ़ चम्मच गरम मसाला, आधा चम्मच कुटी लाल मिर्च, चौथाई चम्मच हल्दी पाउडर और चौथाई चम्मच से भी कम कुटी काली मिर्च को एक कटोरी में डाल कर पानी में भिगो कर छोड़ दें। अब एक कड़ाही में दो-तीन चम्मच सरसों तेल गरम करें। आंच तेज रखें। उसमें बारी-बारी से मोटे-चौकोर कटे प्याज और शिमला मिर्च को एक मिनट तक चलाते हुए तलें और तुरंत बाहर निकाल लें। अब उसी तेल में मैरिनेट किए हुए आलुओं को तल लें। आंच धीमी कर लें। आलुओं की परत थोड़ी सख्त हो जाए तो उन्हें बाहर निकाल कर रख लें। उसी कड़ाही में साबुत धनिया, राई और जीरे का तड़का देकर ग्रेवी के लिए कटे प्याज, लहसुन और टमाटर को डालें। उसमें चौथाई चम्मच नमक डाल कर कर ढक दें। आंच हल्की रखें और प्याज-टमाटर को गलने तक पकने दें। जब इसका पानी सूखने लगे तो आंच बंद कर दें और थोड़ा ठंडा होने के बाद इस मिश्रण को मिक्सर में पीस लें। कड़ाही में साबुत धनिया, जीरा, सौंफ, राई, अजवाइन, तेजपत्ता, दो-तीन लौंग, चार-छह काली मिर्च के दाने और करीब एक इंच दालचीनी का टुकड़ा डाल कर तड़का दें। इसमें पिसी हुई ग्रेवी डालें और धीमी आंच पर चलाते हुए तेल छोड़ने तक भूनें। इसी में भिगोया हुआ मसाला डालें और एक मिनट भूनने के बाद जरूरत भर का पानी डालें। पानी इतना ही डालें कि ग्रेवी गाढ़ी रहे। फिर उसी में तले हुए आलू, प्याज और शिमला मिर्च डाल कर ठीक से चलाएं। कड़ाही पर ढक्कन लगा कर ग्रेवी गाढ़ी होने तक, करीब दस मिनट तक, पकाएं। इसमें चाहें तो ऊपर से फ्रेश क्रीम या दूध की उतारी हुई मलाई को मथ कर डालें और ठीक से मिला दें। दम आलू को आंच से उतारें और उस पर कटी हरी मिर्च, हरा धनिया और अदरक डाल कर गरमा-गरम रोटी, परांठे या नान के साथ काने को परोसें।

अमरूद की चटनी
अमरूद को आमतौर पर फल के रूप में ही खाया जाता है। यह पेट के लिए बहुत गुणकारी फल है। पर इसकी चटनी भी बहुत स्वादिष्ट बनती है। इसकी चटनी बनाने के लिए हरे अमरूद लें। ज्यादा पके अमरूद न लें। अमरूद को काट कर उसका बीज वाला गूदा बाहर कर लें। अब थोड़ा हरा धनिया, थोड़ा पुदीने के पत्ते, चार-छह कलियां लहसुन की और तीन-चार हरी मिर्चें ले लें। इन चीजों की मात्रा अमरूद की मात्रा के अनुपात में घटा-बढ़ा सकते हैं। अब दो चम्मच सफेद तिल के दाने लें। तवा गरम करें। जब तवा खूब गरम हो जाए तो आंच बंद कर दें और तवे पर तिल के दानों को डाल कर चलाते हुए सुनहरा होने तक भून लें। इसके साथ ही आधा चम्मच साबुत धनिया, आधा चम्मच जीरा और एक चम्मच सौंफ भी गरम होने तक भून लें। इन सारी चीजों को मिक्सर में डालें। ऊपर से जरूरत भर का नमक और दो चम्मच कच्चा सरसों का तेल या जैतून का तेल डाल कर चटनी पीस लें। चटनी को दरदरा ही रखें तो अच्छा स्वाद आएगा। अमरूद की चटनी इतनी ही मात्रा में बनाएं, जिसे एक या दो वक्त के खाने में खत्म किया जा सके। कई दिन तक रखने से इसका स्वाद बिगड़ जाता है।

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