ताज़ा खबर
 

रविवारी सेहत: कोरोना – घबराएं नहीं, बढ़ाएं मानसिक मजबूती

कोरोना के संकट को रोकने के लिए पूरे देश में 21 दिनों की बंदी लागू कर दी गई है। ऐसे में न सिर्फ कामकाजी महिला-पुरुष बल्कि घर पर रहने वाली महिलाओं और बच्चों के लिए यह बहुत ही मुश्किल घड़ी है। आमतौर पर कामकाजी लोग जहां रोजमर्रा की आपाधापी से थोड़ा सुकून चाहते हैं, वहीं घरेलू महिलाएं आराम और परिवार का साथ। लेकिन कोरोना की वजह से अचानक ही सबको इतना आराम और सुकून मिल गया है कि समझ ही नहीं आ रहा कि आखिर ये 21 दिन भला कटेंगे कैसे।

Author Published on: March 29, 2020 5:00 AM
जनसत्ता रविवारी विशेष पेज सेहत।

योग और कसरत
बंदी के दिनों में कुछ लोगों को यह चिंता सता रही है कि कहीं घर बैठे-बैठे उनकी सेहत खराब न हो जाए और उन पर मोटापा न चढ़ जाए। इस चिंता से निकलना है तो कुछ उपाय करने होंगे। सुबह उठकर योग के कुछ आसन, जैसे प्राणायाम, अनुलोम-विलोम, भुुजंग आसन, बाल आसन, गोमुख आसन, रॉकिंग चेयर और सूर्य नमस्कार जैसे आसन कर सकते हंै। योग की जगह कसरत भी किया जा सकता है, जैसे जंपिंग, पुश-अप, रस्सी कूद आदि। योग या कसरत के लिए परिवार के दूसरे सदस्यों और बच्चों को भी शामिल करें। फिर देखें कि दिन का पता भी नहीं चलेगा और आपका वजन भी नियंत्रण में रहेगा।

खाने को मजेदार बनाए
कल तक सुबह के नाश्ते में कुछ भी खास नहीं था तो भोजन दो रोटियों में सिमट जाता था। लेकिन इस समय आप बड़े आराम से गरमागरम पेट भर नाश्ता करने के बाद घर से ही काम करने का मजा ले सकते हैं। नाश्ते में फलों के साथ 25 ग्राम सूखे मेवे या जूस या फिर कभी इडली तो कभी पोहा तो किसी दिन छोले-भटूरे का भी आनंद लिया जा सकता है। वहीं, दोपहर के खाने में एक-दो रोटी या चावल के साथ हरी सब्जियों, दही, रायता और खूब सारे सलाद का मजा लें। अलग-अलग तरह के दाल का स्वाद भी लिया जा सकता है। शाम में ग्रीन टी और रात में सूप लें। सुबह के नाश्ते और दोपहर के खाने में रोजाना बदलाव करके खाने को मजेदार बनाना जा सकता है।

बेमौसमी फल और सब्जियों से बचेंं
कोरोना से बचना है तो बेमौसमी फल और सब्जियों के इस्तेमाल से परहेज करें, क्योंकि इन सब्जियों को भंडारण और परिवहन के समय इन्हें ड्रीप फ्रीजर में रखा जाता है, जो आपको बीमार कर सकता है।

ध्यान लगाएं
इन दिनों टीवी पर चलने वाली नकारात्मक खबरों से नकारात्मक विचारों ने मन में घर कर लिया है और एक अनजाना सा डर सताने लगा है। यह समय मानसिक रूप से मजबूत बनने और अपने फेफड़ों को साफ और स्वस्थ रखने का समय है। इसलिए थोड़ा समय ध्यान और प्रार्थना के लिए भी निकालें। ध्यान खुद को जानने और मन की शांति का सबसे बड़ा माध्यम है। तनाव से बचने के लिए भरपूर नींद लेने के साथ सकारात्मक रहना भी बेहद जरूरी है, तभी कोरोना संकट से पार पाया जा सकता है।

पानी पीते रहेेंं
प्यासा न रहें और खूब पानी पिएं। पानी का स्वाद कभी नींबू तो कभी अदरक तो कभी तुलसी तो कभी पोदीना के साथ भी लें। इन सभी में रोग प्रतिरोधकता बढ़ाने वाले तत्व पाए जाते हैं। अपने शरीर को एल्कलाइन बनाने के लिए रोजाना गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलाकर भी पिएं।

कफ बनाने वाले फलों से बचेेंं
कोरोना के प्रारंभिक लक्षणों में गले की खरास, खांसी, बुखार और गले में दर्द शामिल है। इसलिए इस समय अमरूद, केला, ठंडा दूध, छाछ, आइस्क्रीम, शीतल पेय, केक और फ्रोजन फूड्स के सेवन से बचें।

फेफड़ों और गले को साफ रखेेंं
सर्दी-खांसी से बचने के लिए गले और फेफड़ों का स्वस्थ रहना जरूरी है। गले को साफ रखने के लिए नमक मिले पानी से गरारा करें और फेफड़ों के लिए रोजाना भांप लें।

एक-दूसरे की जरूरत बनेेंं
21 दिनों की देशव्यापी बंदी सुनकर काफी लोग तनाव में हैं। वो इसलिए कि आखिर घर की चाहरदीवारी में वे कब तक और कैसे रहेंगे। जो लोग परिवार के साथ रहते हैं, घर में माता-पिता या बच्चे हैं तो उनके लिए यह एक अच्छा समय हो सकता समय बिताने का। पर जो अकेले या नौकरी या पढ़ाई के लिए किसी शहर में बस गए हैं तो उनके लिए यह थोड़ी मुश्किल घड़ी है। हालांकि इस कारण तनाव में रहने की जरूरत नहीं है। फोन उठाएं और अपने परिवार, सगे-संबंधियों एवं दोस्तों से बातें करें, वीडियो कॉल करें, वॉट्सऐप पर ग्रुप बनाकर चैटिंग करें। हिचकिचाएं नहीं क्योंकि इस समय सभी को सबकी जरूरत है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 रविवारी शख्सियत: आनंदी गोपाल जोशी
2 रविवारी योग दर्शन: आ अब लौट चले
3 रविवारी: कविता